सलाम किसान ने भारत की सबसे बड़ी कृषि-ड्रोन फ्रेंचाइज़ पहल शुरू की, पहले चरण में 100 से अधिक जिलों में विस्तार की तैयारी

कुलवंत कौर की रिपोर्ट :

कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल की रिपोर्ट :-

नई दिल्ली, 16 मई 2026: भारत में कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सलाम किसान, जो प्राइम समूह का आधुनिक कृषि मंच है, ने देशभर में कृषि-ड्रोन व्यवसाय फ्रेंचाइज़ मॉडल शुरू किया है। इसकी घोषणा नई दिल्ली में आयोजित फ्रेंचाइज़ इंडिया 2026 प्रदर्शनी में की गई।

कंपनी का लक्ष्य पहले चरण में देशभर के 100 से अधिक जिलों में कृषि-ड्रोन सेवा केंद्र स्थापित करना है। इस पहल के माध्यम से छोटे और मध्यम शहरों के युवाओं और उद्यमियों को आधुनिक कृषि सेवाओं से जोड़कर अपने जिले में कृषि-तकनीक आधारित व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिलेगा।

इन सेवा केंद्रों के माध्यम से किसानों को ड्रोन द्वारा दवाई और खाद का सटीक छिड़काव, फसल की निगरानी, खेतों की मैपिंग, कीट एवं रोग पहचान, आधुनिक कृषि मशीनरी सेवाएँ तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित खेती समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे।

भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का लगभग 16 प्रतिशत योगदान है और देश की 40 प्रतिशत से अधिक आबादी खेती पर निर्भर है। सलाम किसान का मानना है कि तकनीक आधारित खेती से किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन सुधारने और खेती की लागत कम करने में सहायता मिलेगी।

Dhanashree Mandhani (धनश्री मंधानी), संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ने कहा:

“भारत अब खेती और आधुनिक तकनीक के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। आने वाले समय में खेती केवल ट्रैक्टर और मजदूरी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित तकनीक, ड्रोन, आँकड़ों और स्मार्ट खेती समाधान खेती का भविष्य तय करेंगे। सलाम किसान का उद्देश्य ऐसी तकनीक किसानों तक पहुँचाना है जिससे उत्पादन बढ़े, दवाई का सही उपयोग हो, लागत कम हो और भारतीय खेती वैश्विक स्तर पर अधिक मजबूत बने।”

यह फ्रेंचाइज़ मॉडल महाराष्ट्र में सलाम किसान के महाशक्ति और सारथी कार्यक्रमों की सफलता पर आधारित है। कंपनी अब तक 5 लाख से अधिक किसानों तक पहुँच बना चुकी है, 2.5 लाख से अधिक एकड़ क्षेत्र में सेवाएँ दे चुकी है तथा 200 से अधिक प्रशिक्षित ड्रोन उद्यमियों का नेटवर्क तैयार कर चुकी है।

कंपनी ने विभिन्न स्तरों के फ्रेंचाइज़ मॉडल तैयार किए हैं — बेस (2 ड्रोन) से लेकर प्लेटिनम (20 ड्रोन) तक। निवेश योजना लगभग 22 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक रखी गई है। प्रत्येक पैकेज में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय प्रमाणित प्राइम एयरोस्पेस ड्रोन, वाहन, कृषि मशीनरी इकाई, पायलट प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता तथा सलाम किसान का एकीकृत कृषि-तकनीक मंच शामिल रहेगा।

Dhanashree Mandhani (धनश्री मंधानी) ने आगे कहा

:

“ड्रोन तकनीक, स्वचालन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित खेती प्रबंधन के माध्यम से भारत कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय सुधारने और आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है। भारत के गांव और खेती जितने आधुनिक होंगे, देश की प्रगति उतनी ही तेज होगी।”

सलाम किसान महाराष्ट्र सरकार के साथ हुए समझौते तथा Microsoft के तकनीकी सहयोग के साथ कार्य कर रहा है। कंपनी ड्रोन निर्माण, पायलट प्रशिक्षण, फील्ड संचालन और सटीक कृषि सेवाओं का एकीकृत मंच तैयार कर चुकी है।

कंपनी का सारथी कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं को लाइसेंस प्राप्त ड्रोन उद्यमी बनने के लिए प्रशिक्षित करता है। इस मॉडल के माध्यम से युवाओं के लिए कृषि क्षेत्र में नए रोजगार और व्यवसाय के अवसर तैयार हो रहे हैं

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top