कुलवंत कौर की रिपोर्ट :-

कुछ व्यक्तित्व केवल राजनीति नहीं करते, बल्कि समाज की आवाज बन जाते हैं। परमजीत सिंह पम्मा ऐसा ही एक नाम है, जिन्होंने अपने संघर्ष, जनसेवा और सामाजिक सरोकारों के माध्यम से एक अलग पहचान स्थापित की है। वे नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ-साथ व्यापारियों, आम नागरिकों और समाज के वंचित वर्गों के हितों के लिए लगातार सक्रिय रहने वाले जननेता के रूप में जाने जाते हैं।
परमजीत सिंह पम्मा का सार्वजनिक जीवन आम लोगों की समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए संघर्ष करने से शुरू हुआ। उन्होंने हमेशा यह माना कि किसी भी लोकतंत्र की असली ताकत जनता की आवाज होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने सामाजिक और जनहित के मुद्दों को अपनी प्राथमिकता बनाया और लोगों के अधिकारों की लड़ाई को अपना मिशन बनाया।

वर्षों से पम्मा विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। चाहे व्यापारियों की समस्याएं हों, बाजारों की सुरक्षा का मुद्दा हो, महिलाओं के अधिकारों की बात हो या सामाजिक न्याय की मांग—उन्होंने हर विषय पर खुलकर अपनी बात रखी और संबंधित अधिकारियों तक जनता की आवाज पहुंचाने का कार्य किया।
उनकी पहचान ऐसे नेता की रही है जो केवल बयान देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि धरना, प्रदर्शन, ज्ञापन और जनजागरण अभियानों के माध्यम से मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाते हैं।
नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में परमजीत सिंह पम्मा ने संगठन को जनसेवा और सामाजिक जागरूकता का माध्यम बनाया। उनके नेतृत्व में संगठन ने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण, युवाओं की भागीदारी और जनकल्याण से जुड़े अनेक कार्यक्रम संचालित किए हैं।
उन्होंने संगठन में युवाओं, महिलाओं, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को जोड़कर एक व्यापक जनआधारित संरचना तैयार करने का प्रयास किया है।
दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों, विशेषकर सदर बाजार से जुड़े मुद्दों को उठाने में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, अवैध अतिक्रमण और व्यापारिक सुविधाओं से जुड़े विषयों पर उन्होंने लगातार आवाज उठाई है।
व्यापारियों के हितों की रक्षा के साथ-साथ वे आम नागरिकों की समस्याओं को भी प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते रहे हैं।
परमजीत सिंह पम्मा का मानना है कि राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज की सेवा करना है। इसी सोच के साथ उन्होंने विभिन्न सामाजिक अभियानों, जागरूकता कार्यक्रमों और जनहित आंदोलनों में सक्रिय योगदान दिया है।

उनकी कार्यशैली का सबसे बड़ा गुण यह है कि वे समाज के हर वर्ग के लोगों से सीधे संवाद स्थापित करते हैं और उनकी समस्याओं को अपना विषय मानकर आगे बढ़ते हैं।
आज परमजीत सिंह पम्मा उन लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का सपना देखते हैं। संघर्ष, समर्पण, नेतृत्व और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई है।
उनका जीवन यह संदेश देता है कि यदि संकल्प मजबूत हो और उद्देश्य जनकल्याण हो, तो एक व्यक्ति भी समाज में बड़े परिवर्तन की शुरुआत कर सकता है।
“जनता की आवाज को बुलंद करना और जनहित के लिए संघर्ष करना ही परमजीत सिंह पम्मा के सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी पहचान है।”

