
नई दिल्ली, 27 मई: शिरोमणि अकाली दल बादल को उस समय बड़ा झटका लगा जब पार्टी के उपाध्यक्ष अमनजीत सिंह ने पार्टी छोड़कर शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट में शामिल होने का फैसला किया। उन्होंने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरमीत सिंह कालका और महासचिव सरदार जगदीप सिंह काहलों की मौजूदगी में अपने सैकड़ों समर्थकों सहित पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
दिल्ली की पंथक राजनीति में यह बादल दल के लिए लगातार एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इससे पहले भी कई नेता पार्टी छोड़कर शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट में शामिल हो चुके हैं।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए सरदार हरमीत सिंह कालका और सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल दिल्ली स्टेट राष्ट्रीय राजधानी की एकमात्र ऐसी पार्टी है जो पूरी तरह धार्मिक है और जिसका राजनीति से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र उद्देश्य पंथ और पंथक संस्थाओं की सेवा करना है।
उन्होंने कहा कि 2021 के चुनावों के बाद जब से उनकी टीम ने दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी की सेवा संभाली है, तब से लगातार यह प्रयास किया गया है कि संगत, पंथक संस्थाओं और गुरुघरों की सेवा के साथ साथ स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी उच्च स्तर की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
उन्होंने बताया कि बाला साहिब अस्पताल में शुरू किया गया मुफ्त डायलिसिस केंद्र दुनिया का एकमात्र ऐसा केंद्र है जहां कोई शुल्क काउंटर नहीं है और अब तक सवा लाख लोग वहां मुफ्त डायलिसिस करवा चुके हैं।
इसी प्रकार गुरु हरिकृष्ण पॉलीक्लिनिक में स्थापित एमआरआई और सीटी स्कैन केंद्र दुनिया का एकमात्र ऐसा केंद्र है जहां मात्र 50 रुपये में एमआरआई और सीटी स्कैन की सुविधा दी जा रही है और अब तक डेढ़ लाख मरीज इसका लाभ ले चुके हैं।

उन्होंने कहा कि बाला साहिब अस्पताल में 50 बिस्तरों वाला अस्पताल संगत को समर्पित किया गया है, जहां जल्द ही हृदय रोग विभाग भी शुरू किया जाएगा जिससे लोगों को बड़ा लाभ मिलेगा। इसी तरह बाला प्रीतम दवाखानों के माध्यम से लोगों को दिल्ली के हर इलाके में 20 से 90 प्रतिशत तक सस्ती दवाइयां उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की कृपा से कोरोना काल के दौरान उनकी टीम ने प्रतिदिन 2 लाख लोगों को लंगर वितरित किया। इसी प्रकार किसान आंदोलन के समय किसानों की सेवा भी की गई।
उन्होंने यह भी कहा कि 1984 के सिख नरसंहार पीड़ितों को 40 वर्षों बाद सरकारी नौकरियां दिलाने की सेवा भी गुरु साहिब ने उनकी झोली में डाली और भारत के इतिहास में पहली बार लोगों को ऐसी सरकारी नौकरियां दिलवाई गईं जिनमें न तो आयु सीमा थी और न ही शैक्षणिक योग्यता की शर्त।
उन्होंने कहा कि इन्हीं सेवाओं को देखते हुए प्रतिदिन लोग उनकी पार्टी से जुड़ रहे हैं ताकि दिल्ली की संगत की सेवा की जा सके।
उन्होंने बताया कि सरदार भूपिंदर सिंह भुल्लर के प्रयासों से आज सरदार अमनजीत सिंह पार्टी में शामिल हुए हैं जिससे पार्टी को बड़ी मजबूती मिली है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अमनजीत सिंह को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि वे संगत की सेवा कर सकें।
इस अवसर पर एमपीएस चड्ढा, रविंदर सिंह खुराना, शमशेर सिंह संधू, भूपिंदर सिंह भुल्लर सहित पार्टी की अन्य प्रमुख हस्तियां भी उपस्थित थीं।

