विधानसभा अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक विजेन्द्र गुप्ता ने रोहिणी मे किया लीगल हेल्थ सर्विस सेंटर का उद्घाटन।

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सम्पूर्णा एनजीओ द्वारा काउंसलिंग, संवाद और पारिवारिक सुलह को बढ़ावा देने हेतु ‘लीगल हेल्प सर्विस सेंटर’ की शुरुआत

“संवाद और काउंसलिंग से विवाद टकराव बनने से पहले ही सुलझाए जा सकते हैं” – श्री विजेंद्र गुप्ता

नई दिल्ली, 13 दिसंबर 2025

“संवाद और काउंसलिंग से विवाद टकराव बनने से पहले ही सुलझाए जा सकते हैं, और पारिवारिक मामलों का समाधान टकराव नहीं बल्कि समझ और संवेदनशीलता से होना चाहिए,” यह बात दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष एवं रोहिणी के स्थानीय विधायक श्री विजेंद्र गुप्ता ने आज रोहिणी में ‘लीगल हेल्प सर्विस सेंटर’ का मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन करते हुए कही। यह कार्यक्रम सम्पूर्णा, एक दिल्ली स्थित गैर-सरकारी संगठन द्वारा रोहिणी में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सुलभ कानूनी सहायता, पारिवारिक काउंसलिंग तथा संवाद के माध्यम से सौहार्दपूर्ण विवाद समाधान उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर सम्पूर्णा की संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. शोभा विजेंद्र, संगठन मंत्री श्री श्रीहरि बोरिकर, श्री संजय, श्रीमती सुनीता, श्री जितेन्द्र सहित सामाजिक कार्यकर्ता, विधिक विशेषज्ञ, परामर्शदाता तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए माननीय अध्यक्ष ने कहा कि आज शुरू की गई यह पहल समाज की वास्तविक और आवश्यक जरूरतों को पूरा करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने का वातावरण पारिवारिक और संवेदनशील मामलों के समाधान के लिए उपयुक्त नहीं होता और कई बार समस्या को और अधिक जटिल बना देता है। “जब घरेलू मामला थाने तक पहुंच जाता है, तो वह अक्सर नियंत्रण से बाहर हो जाता है और उसका स्वरूप बदल जाता है। ऐसे में काउंसलिंग और संवाद आधारित मंच, जैसे यह लीगल हेल्प सर्विस सेंटर, अधिक मानवीय और प्रभावी समाधान प्रदान करते हैं,”।

श्री विजेंद्र गुप्ता ने काउंसलिंग व्यवस्था को पंचायत जैसी सामुदायिक समाधान प्रक्रिया बताते हुए कहा कि यहां बातचीत और आपसी समझ के माध्यम से विवादों का समाधान किया जा सकता है। उन्होंने दिसंबर 2012 की निर्भया घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे जघन्य अपराधों की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में अविश्वास और सहनशीलता की कमी को दर्शाती हैं, जिनका समाधान परिवार और समुदाय स्तर पर आवश्यक है।

श्री गुप्ता ने कहा, “कई विवादों की जड़ अविश्वास होता है। जब रिश्तों में अविश्वास भर जाता है, तो समस्याएं भयावह रूप ले लेती हैं। काउंसलिंग का उद्देश्य अविश्वास को विश्वास में और असहनशीलता को सहनशीलता में बदलना है।” उन्होंने आगे कहा कि परिवारों में समझ और सहनशीलता को मजबूत करना एक सुरक्षित और संवेदनशील समाज के निर्माण के लिए अनिवार्य है।

माननीय अध्यक्ष ने जानकारी दी कि लीगल हेल्प सर्विस सेंटर तथा पहले से संचालित फैमिली काउंसलिंग सेंटर (FCC) नियमित रूप से कार्य करेंगे, जिनमें प्रत्येक शनिवार को विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने नागरिकों से इन सेवाओं के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “जब कोई परिवार टूटता है, तो केवल एक परिवार नहीं, बल्कि उससे जुड़े अनेक लोग प्रभावित होते हैं। सबसे अधिक नुकसान बच्चों को उठाना पड़ता है।”

श्री गुप्ता ने कहा कि परिवारों को टूटने से बचाना और आपसी सहमति से विवादों का समाधान करना सबसे बड़ा सामाजिक पुण्य कार्य है, क्योंकि इससे बच्चों का भविष्य सुरक्षित होता है और समाज का ताना-बाना मजबूत होता है।

कार्यक्रम के समापन पर माननीय अध्यक्ष ने सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में सम्पूर्णा के निरंतर प्रयासों की सराहना की और आशा व्यक्त की कि लीगल हेल्प सर्विस सेंटर शांतिपूर्ण विवाद समाधान, पारिवारिक एकता और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने वाला एक आदर्श मंच सिद्ध होगा।

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