रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बन सकता; यह केवल मानवता की धारा से बहता है”: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता

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कुलवंत कौर के साथ बंसी लाल कि रिपोर्ट –

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने ‘एक बूंद – देश के लिए’ रक्तदान शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में की सहभागिता

विशाल रक्तदान शिविर में अध्यक्ष ने रक्तदान को राष्ट्र के प्रति सर्वोच्च उपहार बताया

नई दिल्ली,:-रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बन सकता और न ही कोई धन-दौलत इसे बना सकती है—इसका एकमात्र स्रोत मानवता है। इसलिए रक्तदान राष्ट्र की सबसे महान सेवा है।” इन प्रेरणादायक शब्दों के साथ दिल्ली विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने रोहिणी सेक्टर-10 स्थित जेएमडी टेंट, जापानी पार्क में लक्ष्मी तरु फाउंडेशन द्वारा आयोजित विशाल रक्तदान शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। दिल्ली के उमस भरे सावन के मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि रक्तदाताओं की यह निस्वार्थ सेवा भावना राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

“एक बूंद – देश के लिए” के संदेश के साथ भारतीय सशस्त्र बलों को समर्पित इस रक्तदान शिविर का विशेष महत्व रहा। श्री विजेंद्र गुप्ता ने कार्यक्रम में उपस्थित सेना के जवानों एवं वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि आज दान किया गया रक्त भविष्य में देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे किसी सैनिक का जीवन बचा सकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ही वह सबसे बड़ा कारण है जिसके कारण विश्वभर में भारत का सम्मान है और हमारे वीर सैनिकों ने हर चुनौती का साहस एवं दृढ़ संकल्प के साथ सामना किया है।

इस अभियान का नेतृत्व प्रसिद्ध समाजसेवी एवं “दिल्ली के ब्लड मैन” के नाम से विख्यात श्री विपिन गर्ग ने किया। उनके अद्भुत समर्पण का उल्लेख करते हुए श्री गुप्ता ने बताया कि श्री गर्ग ने सात माह पूर्व इस महाअभियान के आयोजन का संकल्प लेते हुए जूते-चप्पल त्याग दिए थे तथा भोजन का भी त्याग किया था। उनके इस अटूट संकल्प से प्रेरित होकर देश के 20 से अधिक राज्यों से 50 से अधिक गैर-सरकारी संगठनों एवं हजारों स्वयंसेवकों ने इस विशाल मानवीय अभियान में सहभागिता की।

रक्त संग्रह एवं चिकित्सीय व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए इस अभियान में देश के नौ प्रमुख अस्पतालों का सहयोग लिया गया तथा भारतीय सेना के लिए विशेष रक्तदान केंद्र स्थापित किए गए। शिविर का लक्ष्य 3,100 यूनिट रक्त एकत्र करना था। अभियान के शुरुआती घंटों में ही एक हजार से अधिक लोगों ने रक्तदान कर इस लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय योगदान दिया। सुव्यवस्थित प्रबंधन एवं प्रभावी समन्वय के कारण पूरे आयोजन के दौरान रक्तदाताओं की सुविधा एवं व्यवस्थाएँ अत्यंत सुचारु रूप से संचालित होती रहीं।

रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता पर बल देते हुए श्री विजेंद्र गुप्ता ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की झिझक को त्यागकर नियमित रूप से रक्तदान करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्तदान करने से शरीर कमजोर नहीं होता, क्योंकि मानव शरीर थोड़े समय में ही रक्त की पूर्ति कर देता है। उन्होंने यह भी बताया कि चिकित्सा विज्ञान के अनुसार स्वस्थ व्यक्ति प्रत्येक तीन महीने में सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में व्यापक जन-जागरूकता आवश्यक है ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में किसी भी परिवार को रक्तदान को लेकर संकोच का सामना न करना पड़े।

अपने संबोधन के समापन पर श्री विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि रक्तदान केवल शारीरिक दान नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च सेवा और ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति का प्रतीक है। उन्होंने लक्ष्मी तरु फाउंडेशन, उसके पदाधिकारियों तथा सभी सहभागी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन ने “मैं” से ऊपर “आप” की भावना को साकार किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोग इस प्रेरणा को अपने-अपने समाज, मोहल्लों एवं कार्यस्थलों तक लेकर जाएंगे और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करेंगे। अंत में उन्होंने इस महान जनसेवा अभियान के सफल आयोजन के लिए आयोजकों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

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