
नई दिल्ली 10 अगस्त 2026: विश्वस्तरीय शिक्षा को भारत में ही उपलब्ध कराने की दिशा में यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन दिल्ली ने संभावित विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए ओपन डे का आयोजन किया। ब्रिटेन के प्रमुख रसेल ग्रुप विश्वविद्यालयों में शामिल और भारत का पहला यूजीसी-अनुमोदित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय होने के नाते संस्थान ने इस अवसर पर 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए उपलब्ध स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों, छात्रवृत्तियों, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन अवसरों और रोजगार केंद्रित शिक्षा की जानकारी दी।ओपन डे में विद्यार्थियों और अभिभावकों को लेखा एवं वित्त, व्यवसाय प्रबंधन, कंप्यूटर विज्ञान, रचनात्मक कंप्यूटिंग, अर्थशास्त्र और सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों के साथ डेटा साइंस, अर्थशास्त्र, वित्त और अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन जैसे स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी गई।विश्वविद्यालय ने अपने ‘ट्रिपल हेलिक्स’ मॉडल के बारे में भी बताया, जिसमें शैक्षणिक उत्कृष्टता, उद्योग जगत से जुड़ाव और वैश्विक अवसरों को एक साथ जोड़ा जाता है। विद्यार्थियों ने शिक्षकों, प्रवेश टीम और वर्तमान विद्यार्थियों से बातचीत कर पाठ्यक्रम, रोजगार की संभावनाओं और प्रवेश प्रक्रिया को समझा।अभिभावकों ने रोजगार, उद्यमिता और विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर सफलता के लिए मिलने वाली सहायता से जुड़े सवाल पूछे। विश्वविद्यालय ने टैलेंट ब्रिज समिट और करियर बूटकैंप जैसी पहलों की जानकारी दी, जिनके माध्यम से विद्यार्थियों को जीवनवृत्त तैयार करने, साक्षात्कार, पेशेवर संवाद, संपर्क निर्माण और व्यक्तिगत पहचान विकसित करने जैसे व्यावहारिक कौशल सिखाए जाते हैं। विश्वविद्यालय के संस्थापक बैच के विद्यार्थियों को रोजगार के क्षेत्र में भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। रोजगार तलाशने वाले 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को नियुक्तियां मिल चुकी हैं। विद्यार्थियों ने बैंकिंग, परामर्श, तकनीक और ई-कॉमर्स क्षेत्रों में एचएसबीसी, आईसीआईसीआई बैंक, ग्रांट थॉर्नटन, जोमैटो, जेएलएल और एलईके कंसल्टिंग जैसी संस्थाओं में अवसर हासिल किए हैं।विश्वविद्यालय ने अपना पहला वर्ष सफलतापूर्वक पूरा कर दूसरे बैच के विद्यार्थियों के स्वागत की तैयारी शुरू कर दी है। 2026-27 सत्र के लिए स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश खुले हैं। योग्य विद्यार्थियों के लिए सीमित संख्या में मेरिट छात्रवृत्ति और मेरिट आर्थिक सहायता उपलब्ध है।विश्वविद्यालय ने क्लियरिंग प्रक्रिया भी शुरू की है, जिसके तहत उपलब्ध सीटों वाले पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को अतिरिक्त अवसर मिल रहा है।

