मिरे असेट ने मिरे असेट BSE 500 डिविडेंड लीडर्स 50 ईटीएफ और मिरे असेट निफ्टी टॉप 20 इक्वल वेट ईटीएफ लॉन्च किए।


• पहला ईटीएफ अपेक्षाकृत अधिक और स्थिर डिविडेंड यील्ड वाली कंपनियों पर केंद्रित
• दूसरा ईटीएफ भारत की अर्थव्यवस्था में अग्रणी शीर्ष 20 कंपनियों में समान आवंटन प्रदान करेगा
• दोनों योजनाएं 02 दिसंबर 2025 से निवेशकों के लिए उपलब्ध

मुंबई, 02 दिसंबर 2025: मिरे असेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड ने आज दो नई ओपन-एंडेड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) की घोषणा की— मिरे असेट बीएसई 500 डिविडेंड लीडर्स 50 ईटीएफ, जो बीएसई 500 डिविडेंड लीडर्स 50 टोटल रिटर्न इंडेक्‍स्‍ को ट्रैक करेगा, और मिरे असेट निफ्टी टॉप 20 इक्वल वेट ईटीएफ, जो निफ्टी टॉप 20 इक्‍वल वेट टोटल रिटर्न इंडेक्‍स का अनुसरण करेगा।
मिरे असेट बीएसई 500 डिविडेंड लीडर्स 50 ईटीएफ का उद्देश्य निवेशकों को उन कंपनियों में निवेश का अवसर देना है जिन्होंने वर्षों से नियमित डिविडेंड भुगतान, मजबूत वित्तीय स्थिति और स्थिर कैश फ्लो दिखाया है—जो किसी व्यवसाय की गुणवत्ता और मजबूती का संकेत होता है।
वहीं, मिरे असेट निफ्टी टॉप 20 इक्वल वेट ईटीएफ निफ्टी-50 में शामिल शीर्ष 20 कंपनियों में समान आवंटन प्रदान करता है। ये कंपनियाँ भारत के कुल बाज़ार पूंजीकरण का लगभग आधा हिस्सा रखती हैं और बैंकिंग, टेलीकॉम, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल सहित प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभाती हैं।
एनएफओ (न्यू फंड ऑफर) के तहत दोनों ईटीएफ में निवेश 02 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 10 दिसंबर 2025 तक स्‍वीकार किया जा सकेगा। इसके बाद ये योजनाएँ 16 दिसंबर 2025 से पुनः खरीद/बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी।
फंड लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, मिरे असेट इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के हेड – ईटीएफ प्रोडक्ट्स एवं फंड मैनेजर, सिद्धार्थ श्रीवास्तव ने कहा, “डिविडेंड लीडर्स ईटीएफ निवेशकों को स्थिरता और दीर्घकालिक धन-सृजन क्षमता का एक संतुलित अवसर प्रदान करता है। इस पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियों ने लगातार डिविडेंड भुगतान के साथ वित्तीय अनुशासन और अच्छी गवर्नेंस का प्रमाण दिया है। हमारा उद्देश्य निवेशकों को उच्च-गुणवत्ता वाली कंपनियों में एक पारदर्शी और किफायती माध्यम से निवेश का अवसर देना है—जो नियमित आय और दीर्घकालिक वृद्धि, दोनों की संभावनाएँ प्रदान कर सके।”
उन्होंने आगे कहा, “मिरे असेट निफ्टी टॉप 20 इक्वल वेट ईटीएफ भारत की विकास यात्रा के प्रमुख स्तंभों को शामिल करता है। ये कंपनियाँ भारतीय अर्थव्यवस्था के इंजन हैं और इक्वल वेट रणनीति निवेशकों को अधिक संतुलित एसेट एक्सपोजर देती है, जिससे मार्केट-कैप आधारित इंडेक्स में होने वाली असमानता कम होती है।”
मिरे असेट बीएसई 500 डिविडेंड लीडर्स 50 ईटीएफ
यह ईटीएफ बीएसई 500 डिविडेंड लीडर्स 50 ईटीएफ इंडेक्‍स को ट्रैक करेगा, जिसमें भारत की उन कंपनियों को शामिल किया गया है जो लंबे समय तक नियमित और स्थिर डिविडेंड वितरण का रिकॉर्ड रखती हैं। इस ईटीएफ के तहत निवेश बीएसई 500 की उन कंपनियों में किया जाएगा जिन्हें कम से कम 5 वर्षों से सूचीबद्ध किया गया है और जिन्होंने पिछले 10 वर्षों में (या सूचीबद्ध होने के बाद से) कम से कम 80% अवसरों पर डिविडेंड का भुगतान किया है।

डिविडेंड-आधारित रणनीतियाँ — चाहे वह उच्च डिविडेंड यील्ड हो या डिविडेंड ग्रोथ — निवेशकों के लिए दोहरे लाभ का अवसर प्रदान करती हैं: पहला, शेयर मूल्य में वृद्धि (कैपिटल अप्रीसिएशन) और दूसरा, नियमित डिविडेंड आय।
ऐसी कंपनियाँ आमतौर पर मजबूत बैलेंस शीट, मजबूत कैश फ्लो और सुविचारित पूंजी आवंटन का प्रदर्शन करती हैं, जिससे वे व्यवसायिक गुणवत्ता और टिकाऊ प्रदर्शन का संकेत देती हैं। यही कारण है कि यह ईटीएफ उन निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प हो सकता है जो मजबूत बुनियादी ढांचे और दीर्घकालिक स्थिर रिटर्न की संभावनाओं वाली कंपनियों में निवेश की तलाश में हैं।
मिरे असेट निफ्टी टॉप 20 इक्वल वेट ईटीएफ
यह ईटीएफ भारत की शीर्ष 20 अग्रणी और प्रभावशाली सूचीबद्ध कंपनियों में निवेश करेगा। ये कंपनियाँ भारतीय शेयर बाज़ार के कुल मार्केट कैप का लगभग 46.5% हिस्सा रखती हैं और देश के बुनियादी ढांचे, डिजिटल प्रगति, वित्तीय सेवाओं, उपभोक्ता मांग और विनिर्माण विकास जैसी कई महत्वपूर्ण श्रेणियों में नेतृत्व कर रही हैं।
लार्ज-कैप कंपनियाँ आम तौर पर मजबूत वित्तीय संरचना, स्थिर प्रदर्शन और उद्योग नेतृत्व के लिए जानी जाती हैं। इनके उतार-चढ़ाव (वोलैटिलिटी) अपेक्षाकृत कम होते हैं, जिसके कारण बाज़ार में कमजोरी के दौरान यह सामान्यतः सीमित गिरावट दर्ज करती हैं।
यह ईटीएफ विविध सेक्टर प्रतिनिधित्व के साथ बनाया गया है, जिसमें वित्तीय सेवाएँ, आईटी सेवाएँ, उपभोक्ता क्षेत्र, ऑटोमोबाइल और टेलीकॉम शामिल हैं। इस ETF की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें सभी कंपनियों को समान वेटेज दिया जाएगा, जिससे अत्यधिक केंद्रित निवेश का जोखिम कम होता है और पोर्टफोलियो संतुलित रहता है।
स्रोत: मिरे असेट इंटरनल रिसर्च, एनएसई इंडाइसेज़; डेटा 30 नवंबर 2025 तक

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