
पीड़ित शैलेन्द्र, उतर प्रदेश शासन मे बढ़े अधिकारी
ब्लेकमेलर महिला के खिलाफ मान्य कोर्ट ने दिया एफआईआर दर्ज करने के आदेश, पीड़ित के खिलाफ सभी फर्जी केस किये ख़ारिज।
नई दिल्ली: महिलाएं कानून का उलंघन खुले आम करती हैं,ऐसा ही मामला सामनेआया हैं जहाँ कथिक महिला के द्वारा नार्थ दिल्ली जिला के थाना तिमार पुर मे अपने पूर्व प्रेमी व अन्य पर अलग होने के लगभग दो साल बाद आईपीसी धाराओं मे ब्लेकमैलिंग,बलात्कार औऱ जान से मारने, धमकी देने की शिकायत दर्ज करवाई कि अचानक उसके कमरे में घुसकर कपड़े फाड़ने, मारपीट करने और दुष्कर्म
यह आरोप सभी गंभीर थे।वहीं पीड़ित उतर प्रदेश शासन मे एक बढ़े पद पर कार्यरत हैं, लेकिन, पुलिस की जांच मे कई तथ्य सामने आए कि कथिक महिला की मंशा ब्लेकमेलऔऱ तंग करना हैं ।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया।
आरोपी पीड़ित शैलेंद्र की बारीकी से सभी जाँच की गई। जो सभी तथ्य सही पाये गए, पीड़ित उस दिन दिल्ली मे नहीं,वह अपने किसी काम से दिल्ली से बहार थे,वहीं दूसरे आरोपी पर लगाये आरोपों मे भी विरोधाभाष पाए गए।यहाँ तक जाँच मे शिकायतकर्ता महिला खुद उस दिन दिल्ली में नहीं थी।
दिल्ली पुलिस की जाँच मे आया कि महिला ने इससे पहले उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह के दो मामलों में एफआईआर दर्ज करवा चुकी थी।
मामला जब मान्य कोर्ट मे पंहुचा
सभी तथ्यों को देखने के बाद
अदालत ने साफ कहा कि पीड़ित के खिलाफ सभी आरोप झूठे साबित हुए.। मान्य कोर्ट का मानना था की
महिलाओं के अधिकारों के लिए बने कानूनों का गलत प्रयोग कर ब्लेक मेल करने की गलत परम्परा बना रखी हैं,
कोर्ट ने थाना तिमार पुलिस की जांच को निष्पक्ष और ठोस बताया
और आदेश दिया की पीड़ित के खिलाफ सभी झूठी एफआईआर को तुरंत निरस्त करने के साथ ही महिला के खिलाफ विभिन्न धाराओं 181/182/211/193/195/209 आईपीसी धाराओं मे मुकदमा दर्ज कर जाँच के आदेश दिए जिससे पीड़ित को बहुत बड़ी राहत मिली वहीं ऐसी महिलाओं को सबक भी मिलेगा जिससे झूठी शिकायत देना और कोर्ट को गुमराह करतीं हैं. जिस कारण कथिक महिला के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं मे थाना तिमार पुर ने एफआईआर दर्ज कर महिला के खिलाफ जाँच शुरू कर दी हैं।
पीड़ित शैलेन्द्र का कहना हैं, मेरे खिलाफ लगभग सभी आरोप गलत पाये गए, वहीं महिलाओं को भी सबक मिलेगा मन्य कोर्ट ने कथिक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया हैं.।
