भारत मंडपम में ईएडब्ल्यू ग्लोबल एक्वा एक्सपो 2026 का समापन, जल क्षेत्र में कारोबार और तकनीकी सहयोग के नए अवसर

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तीन दिवसीय एक्सपो में 200 से अधिक प्रदर्शक, जल क्षेत्र के पेशेवर और तकनीकी विशेषज्ञ हुए शामिल; अंतिम दिन ईटीपी, एसटीपी और जेडएलडी पर तकनीकी प्रशिक्षण

नई दिल्ली, अगस्त। भारत मंडपम में आयोजित ईएडब्ल्यू ग्लोबल एक्वा एक्सपो 2026 के तीसरे दिन शनिवार को तीन दिवसीय आयोजन का समापन हुआ। अंतिम दिन जल क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों, तकनीकी कंपनियों, यूटिलिटी, ईपीसी कंपनियों, सलाहकारों, निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी रही। अर्थ वाटर फाउंडेशन की ओर से और एसोचैम के लीड इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में आयोजित एक्सपो के 21वें संस्करण में कारोबार, तकनीकी प्रदर्शन, ज्ञान-विनिमय और बाजार तक पहुंच से जुड़े अवसरों पर जोर रहा। एक्सपो की थीम ‘शेपिंग द फ्यूचर ऑफ वाटर थ्रू इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी एंड कोलैबोरेशन’ रही।

अंतिम दिन ईएडब्ल्यू वाटर एकेडमी के तहत ‘ईटीपी, एसटीपी एंड जेडएलडी डिजाइन कैलकुलेशन एंड ट्रबलशूटिंग’ विषय पर तकनीकी मास्टरक्लास आयोजित किया गया। डॉ. लोकेश कुमार के नेतृत्व में हुए इस सत्र में प्लांट इंजीनियरों, ऑपरेटरों, सलाहकारों, ईपीसी टीमों, यूटिलिटी एवं नगर निकाय के कर्मचारियों, औद्योगिक जल प्रबंधकों, युवा पेशेवरों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया। सत्र में डिजाइन कैलकुलेशन, प्लांट की तकनीकी समस्याओं के समाधान, अनुपालन और जीरो लिक्विड डिस्चार्ज से जुड़े पहलुओं पर चर्चा हुई।

तीन दिनों के दौरान एक्सपो में बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकों और तकनीकी साझेदारी पर भी जोर रहा। ग्लोबल वाटर बिजनेस लाउंज में यूटिलिटी, ईपीसी कंपनियों, निवेशकों और निर्यातकों के लिए बी2बी बैठकों का मंच उपलब्ध कराया गया। गवर्नमेंट एंड फैसिलिटेशन हब और एसईपीसी एक्सपोर्ट प्रमोशन एंड मार्केट इंफॉर्मेशन टेबल के जरिए बाजार और निर्यात से जुड़े अवसरों पर संवाद हुआ। वहीं इनोवेशन स्पॉटलाइट एरीना में नई तकनीकों, उत्पादों और स्टार्टअप समाधानों का प्रदर्शन किया गया, जिससे तकनीकी कंपनियों को संभावित खरीदारों और निर्णय लेने वाले उद्योग प्रतिनिधियों से सीधे जुड़ने का अवसर मिला।

पहले दिन का फोकस ‘नेविगेटिंग इंडियाज वाटर ट्रांजिशन: टेक्नोलॉजी, पॉलिसी एंड सर्कुलैरिटी’ पर रहा। ‘इंडिया वाटर मैंडेट 2030’ उद्घाटन सत्र, ‘ड्राइविंग इंडस्ट्रियल वाटर सिक्योरिटी फॉर विकसित भारत 2047’ विषय पर सीईओ वाटर लीडरशिप फोरम, इंडस्ट्रियल वाटर कैपेसिटी बिल्डिंग एंड स्किल डेवलपमेंट, स्मार्ट वाटर 4.0: एआई, वेस्ट टू वेल्थ: बिल्डिंग इंडियाज सर्कुलर वाटर इकोनॉमी और क्लाइमेट रेडी: ईएसजी, रेजिलिएंस एंड फ्यूचर वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सत्र आयोजित हुए।

पहले दिन डॉ. राज भूषण चौधरी, मुख्य अतिथि, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार; डॉ. अंबिका शर्मा, असिस्टेंट सेक्रेटरी जनरल, एसोचैम; सिद्धार्थ के. देसाई, को-चेयर, नेशनल काउंसिल ऑन वाटर, एसोचैम एवं किशोर पंप्स; तुर्बाशु भट्टाचार्य, को-चेयर, नेशनल वाटर काउंसिल, एसोचैम एवं रोसर्व एनवायरो; शंकर वेंकटेश्वरन, इंडस्ट्री वेटरन एवं मॉडरेटर, एसोचैम नेशनल काउंसिल ऑन वाटर; अमित कपूर, चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर, आईओटीए ग्रुप एवं निको नैनोबबल; अनिरुद्ध दुबे, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, दिल्ली जल बोर्ड; तथा डॉ. डी. थारा, आईएएस, मंत्रालय आवासन एवं शहरी कार्य समेत विशेषज्ञों ने भाग लिया।

दूसरे दिन का फोकस ग्लोबल वाटर बिजनेस एंड रेजिलिएंस पर रहा। वर्ल्ड सस्टेनेबल वाटर समिट, वाटर सिक्योरिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर एंड पार्टनरशिप्स तथा साउथ एशिया रेनवाटर फोरम के तहत वैश्विक बाजार में भारतीय जल कंपनियों के अवसर, जल अवसंरचना का वित्तपोषण, जल सुरक्षा, वर्षा जल संचयन, समुदायों की भागीदारी और नई तकनीकों पर चर्चा हुई।

दूसरे दिन श्री दुर्गा शंकर मिश्रा, आईएएस, पूर्व मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश सरकार; श्री प्रशांत कुमार, आईएएस, प्रधान सचिव, जल संसाधन, झारखंड सरकार; पद्मश्री उमाशंकर पांडेय, जल संरक्षण विशेषज्ञ एवं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता; डॉ. तनुजा अरियानंदा, सीईओ एवं कन्वीनर, सारनेट, लंका रेनवाटर हार्वेस्टिंग फोरम; श्री हान हेइजेन, अध्यक्ष, इंटरनेशनल रेनवाटर हार्वेस्टिंग अलायंस; सुश्री कर्मा उडेन, सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर, तारायणा फाउंडेशन, भूटान; डॉ. एस.वी. मुरुगन, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर, नेशनल एग्रो फाउंडेशन; श्री सलाहुद्दीन सैफी, प्रिंसिपल लीड–वाटर मैनेजमेंट, एस.एम. सहगल फाउंडेशन; और सुश्री स्वाति भाटिया, डिप्टी प्रोग्राम मैनेजर, वाटर प्रोग्राम, सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट समेत विशेषज्ञ शामिल हुए।

अर्थ वाटर फाउंडेशन की संस्थापक शिवानी घोरावत ने कहा, “जल क्षेत्र के किसी मंच की सफलता इस बात से तय होती है कि उससे कितनी साझेदारियां और अवसर सामने आते हैं। इस संस्करण में तकनीकी कंपनियों, खरीदारों, यूटिलिटी, नीति-निर्माताओं और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक मंच पर आने का अवसर मिला। इससे कारोबार, ज्ञान-विनिमय और सहयोग के लिए सार्थक अवसर बने हैं। अब हमारा फोकस इन संपर्कों को ऐसे समाधानों में बदलने पर है, जिन्हें बड़े स्तर पर लागू किया जा सके।”
तीन दिनों में एक्सपो के माध्यम से जल क्षेत्र में तकनीक, कारोबार, बाजार तक पहुंच और ज्ञान-विनिमय को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया। आयोजन के दस्तावेज के अनुसार एक्सपो में 200 से अधिक प्रदर्शक, 5,000 से अधिक पेशेवर, 50 से अधिक वक्ता और 500 से अधिक बी2बी बैठकों का लक्ष्य रखा गया था; अंतिम आंकड़े आयोजन के बाद पुष्टि किए जाने थे।

ईएडब्ल्यू ग्लोबल एक्वा एक्सपो का अगला दक्षिण भारत संस्करण फरवरी 2027 में हैदराबाद में और 22वां राष्ट्रीय संस्करण अगस्त 2027 में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

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