दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी क़ो कोई बड़े फैसले लेने का अधिकार नहीं :शांटी।

Uncategorized

दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी मान्य कोर्ट मे जवाब देना होगा, किस तरह मैंनेजमेंट काम कर रहा है।

नई दिल्ली:शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय महासचिव, व प्रवक्ता गुरमीत सिंह शांटी ने प्रेस वार्ता मे कहा कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैंनेजमेंट कमेटी क़ो रहने का संगत क़ो गुमराहा करने साथ ही कमेटी पर क़ानूनी अधिकार नहीं।
शिरोमणि अकाली दल के महासचिव गुरमीत सिंह शांटी ने एक याचिका दिल्ली
दिल्ली हाईकोर्ट मे मैनेजमेंट कमेटी का समय से चुनाव कराने क़ो लेकर अपील दायर की थी।
गुरुद्वारा मैंनेजमेंट कमेटी का मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2026मे समाप्त हो गया था, लेकिन तात्कालीन उप राज्यपाल ने चुनाव क़ो लम्बे समय के लिए टाल दिया था, जो कि उनके अधिकार क्षेत्र मे नहीं था, उसको लेकर शीघ्र चुनाव करवाने और लम्बे समय के लिए टालने की मांग पर तत्काल मान्य हाई कोर्ट ने राहत देने से किया इंकार कर दिया है यह कहना है गुरमीत सिंह शंटी का उन्होने मान्य कोर्ट का धन्यवाद करते हुई कहा अभी लड़ाई और बाकी है।

दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा 13 जुलाई 2026 को पारित आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता तथा याचिकाकर्ता सरदार गुरमीत सिंह शंटी ने कहा कि न्यायालय ने दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों को 31 मार्च 2027 तक टालने की मांग पर कोई अंतरिम राहत देने से इंकार किया है। यह आदेश सिख संगत के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सिख गुरद्वारा एक्ट ,1971 के अनुसार डीएसजीएमसी के चुनाव प्रत्येक चार वर्ष में कराए जाना अनिवार्य है। न्यायालय ने दिल्ली सरकार तथा डायरेक्टरेट ऑफ़ गुरद्वारा इलेक्शन्स से यह स्पष्ट करने को कहा है कि 24 फरवरी 2026 से अब तक चुनाव कराने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं तथा चुनाव सम्पन्न कराने की आगे की समय-सीमा क्या होगी।
शंटी ने कहा,”हम लगातार यह कहते रहे हैं कि कमेटी का चुनावों में अनावश्यक देरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ अन्याय है। अब माननीय न्यायालय ने भी सरकार से जवाब मांगा है कि इतने महीनों में चुनाव कराने के लिए क्या कार्रवाई की गई। यह सिख संगत के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि न्यायालय द्वारा इस मामले को प्राथमिकता देना न्याय के प्रति गंभीरता दर्शाता है,साथ ही, अगली सुनवाई पर डायरेक्टरेट ऑफ़ गुरद्वारा इलेक्शन्स के जिम्मेदार अधिकारी की व्यक्तिगत उपस्थिति का निर्देश जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
शंटी ने कहा कि सिख समुदाय निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध चुनाव चाहता है तथा किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा,हम न्यायालय के समक्ष यह सुनिश्चित करेंगे कि दिल्ली की सिख संगत को समय पर अपना लोकतांत्रिक अधिकार मिले और डीएसजीएमसी के चुनाव शीघ्र कराए जाएं।”अगली सुनवाई: 12 अगस्त 2026 निश्चित है।इस पर जो फैसला होगा वो ऐतिहासिक होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *