
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामेंद्र मिश्र उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में महाविद्यालय के शासी निकाय की अध्यक्ष प्रोफेसर सुदेशना मजूमदार तथा महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर नीलम गोयल ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत यह नाटक राष्ट्रनायक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और उनके राष्ट्रसेवा से जुड़े संघर्षों एवं आदर्शों पर आधारित था। लगभग एक घंटे की अवधि वाले इस नाट्य मंचन में छात्राओं ने अत्यंत प्रभावशाली अभिनय और संवाद प्रस्तुति के माध्यम से दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया।
नाटक की समाप्ति के उपरांत मुख्य अतिथि श्री रामेंद्र मिश्र ने छात्राओं के अभिनय और नाटक की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि यह नाटक अत्यंत प्रेरणादायक और प्रभावपूर्ण है तथा इसे विश्वविद्यालय के अन्य महाविद्यालयों और संस्थानों में भी मंचित किया जाना चाहिए।
इसके पश्चात महाविद्यालय की शासी निकाय की अध्यक्ष प्रोफेसर सुदेशना मजूमदार ने नाट्य संस्था ‘नवरंग’ के सभी विद्यार्थियों की प्रतिभा और परिश्रम की प्रशंसा की। वहीं महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर नीलम गोयल ने नाटक की तैयारी से लेकर मंचन तक छात्राओं के समर्पण और उत्कृष्ट प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रनायक श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनसे बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है।
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में नाट्य समिति के संयोजक डॉ. ऋषिराज पाठक की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके मार्गदर्शन और प्रयासों से यह प्रस्तुति अत्यंत सफल और प्रभावशाली रही।समग्र रूप से यह नाट्य प्रस्तुति न केवल मनोरंजक रही, बल्कि विद्यार्थियों और उपस्थित दर्शकों के लिए प्रेरणा और राष्ट्रचेतना का संदेश देने वाली भी सिद्ध हुई।

