
त्योहारों की भागदौड़ में साइबर ठगी से सावधानी ज़रूरी
साल के अंत में बढ़ती ऑनलाइन धोखाधड़ी से कैसे रहें सुरक्षित
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हॉलिडे रश, साइबर हश: साल के अंत में होने वाली धोखाधड़ी से रहें सुरक्षित
त्योहारों और छुट्टियों के मौसम में खरीदारी, यात्रा और आख़िरी समय की तैयारियों की भागदौड़ बढ़ जाती है। इन सब जल्दबाज़ी के बीच हमारा ध्यान भी थोड़ा भटक जाता है जिसका फ़ायदा साइबर ठग उठाते हैं। नकली मैसेज, झूठे अलर्ट और लुभावने ऑफ़र भेजकर वे लोगों को फंसाने की कोशिश करते हैं। एक गलत क्लिक आपकी निजी या बैंक से जुड़ी जानकारी खतरे में डाल सकता है। इसलिए क्लिक करने से पहले रुकें, सोचें और जांच करें।
फेडएक्स ने साइबर जागरूकता और शिक्षा पहलों का समर्थन करना जारी रखा है
हॉलिडे स्कैम कैसे काम करते हैं:
धोखाधड़ी वाले मैसेज अक्सर असली जैसे दिखते हैं। इनमें जाने-पहचाने ब्रांड के लोगो, सरल भाषा और मशहूर कंपनियों के नाम इस्तेमाल किए जाते हैं। लोगों द्वारा बताए गए कुछ आम तरीके इस प्रकार हैं:
· डिलीवरी से जुड़े मैसेज: ऐसे संदेश जो यह बताते हैं कि कोई कूरियर देरी से चल रहा है, को “फ़्लैग” किया जाता है, या उसे तुरंत पुष्टि की आवश्यकता दिखाई जाती है है। लिंक पर क्लिक करने से आप एक नकली वेबसाइट पर पहुँच सकते हैं जिसे असली दिखने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
· क्यूआर कोड कैशबैक ऑफ़र: “पैसे पाने के लिए क्यूआर कोड स्कैन करें” जैसे मैसेज। क्यूआर स्कैन करते ही आपके खाते से पैसा कट सकता है या आपको किसी फर्जी पेज पर रिडायरेक्ट किया जा सकता है।
· अविश्वसनीय छूट: मोबाइल फोन, गैजेट या ट्रैवल पैकेज पर आमतौर पर बहुत ज़्यादा छूट वाले फर्जी वेबसाइट। भुगतान के बाद न सामान मिलता है, न कोई जवाब।
· अकाउंट वॉर्निंग ईमेल्स: बैंकों अथवा ‘सेवा प्रदाताओं’ से अलर्ट मिलता है जिसमें फौरन वेरिफाई ना करने पर अकाउंट ब्लॉक होने की धमकी दी जाती है और फिर इनमें ओटीपी पूछा जाता है।
· फ्री गिफ्ट मैसेज: मुफ्त मोबाइल या फेस्टिव हैम्पर को क्लेम करने के नाम पर छोटी फीस या निजी जानकारी मांगी जाती है, जिससे किसी भी रिवार्ड के बजाय वित्तीय नुकसान होता है या फिर डेटा चोरी होती है।
साइबर स्मार्ट रहने के आसान तरीके – “रुको, सोचो, फिर एक्शन लो”
अनजान या फॉरवर्ड किए गए लिंक पर क्लिक न करें। हमेशा आधिकारिक ऐप या वेबसाइट पर ही जाएं।
अजनबियों द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड कभी स्कैन न करें। पैसा पाने के लिए किसी भी चीज को स्कैन करने की जरूरत नहीं पड़ती है।
ओटीपी, बैंक डिटेल, कार्ड नंबर या पर्सनल जानकारी किसी से साझा न करें। बैंक या कुरियर कंपनियां इस तरह की जानकारी नहीं मांगती हैं।
अतिरिक्त सुरक्षा के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन ज़रूर चालू रखें

