“डॉक्टर्स डे” पर धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल की नई उपलब्धि: डॉ. सरिता रानी जायसवाल के नेतृत्व में शुरू हुई अत्याधुनिक CAR-T सेल थेरेपी, ब्लड कैंसर मरीजों के लिए नई उम्मीद।

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नई दिल्ली :विशेषज्ञता, अत्याधुनिक तकनीक और मरीज-केंद्रित उपचार के साथ धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल ने देश में कैंसर उपचार की दिशा में रखा एक और महत्वपूर्ण कदम
भारत में प्रत्येक वर्ष 1 जुलाई को नेशनल डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। यह दिन महान चिकित्सक, स्वतंत्रता सेनानी एवं पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय की स्मृति और उनके चिकित्सा क्षेत्र में अतुलनीय योगदान को सम्मान देने के लिए समर्पित है। यह अवसर केवल चिकित्सकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का ही नहीं, बल्कि चिकित्सा विज्ञान में हो रही नई उपलब्धियों और मरीजों के जीवन को बेहतर बनाने वाले नवाचारों को भी रेखांकित करने का अवसर है।
इसी प्रेरणादायी अवसर पर धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल, नई दिल्ली ने ब्लड कैंसर के उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अपना अत्याधुनिक CAR-T सेल थेरेपी प्रोग्राम सफलतापूर्वक शुरू किया है। यह कार्यक्रम वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. सरिता रानी जायसवाल के नेतृत्व तथा उनकी समर्पित विशेषज्ञ टीम की देखरेख में प्रारंभ किया गया है। यह उपलब्धि उन मरीजों के लिए नई आशा लेकर आई है, जिनके लिए पारंपरिक उपचार सीमित प्रभावी साबित हुए हैं।


आज चिकित्सा विज्ञान अत्यंत तीव्र गति से विकसित हो रहा है और कैंसर उपचार में इम्यूनोथेरेपी एक नई क्रांति के रूप में सामने आई है। CAR-T सेल थेरेपी इसी दिशा में विकसित एक अत्याधुनिक और उन्नत उपचार पद्धति है। इसमें मरीज की अपनी प्रतिरक्षा कोशिकाओं (टी-सेल्स) को विशेष तकनीक के माध्यम से इस प्रकार तैयार किया जाता है कि वे कैंसर कोशिकाओं को पहचानकर प्रभावी ढंग से नष्ट कर सकें। यह उपचार विशेष रूप से कुछ प्रकार के ब्लड कैंसर, जैसे ल्यूकेमिया, लिम्फोमा और अन्य हेमेटोलॉजिकल मैलिग्नेंसी के जटिल मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस जटिल उपचार को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए केवल आधुनिक तकनीक ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि अनुभवी विशेषज्ञ चिकित्सकों, प्रशिक्षित मेडिकल टीम, अत्याधुनिक प्रयोगशाला, समुचित इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रत्येक मरीज के वैज्ञानिक मूल्यांकन की आवश्यकता होती है। धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल ने इन सभी आवश्यक मानकों को पूरा करते हुए यह कार्यक्रम प्रारंभ किया है, जिससे मरीजों को विश्वस्तरीय उपचार अपने देश में उपलब्ध हो सके।


इस उपलब्धि के केंद्र में डॉ. सरिता रानी जायसवाल का अनुभव, नेतृत्व और मरीजों के प्रति समर्पण विशेष रूप से उल्लेखनीय है। हेमेटोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता और वर्षों का अनुभव इस कार्यक्रम की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बना है। उनके नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेटर्स और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने उच्चतम चिकित्सा मानकों के अनुरूप CAR-T सेल थेरेपी प्रोग्राम को सफलतापूर्वक स्थापित किया है।
डॉ. सरिता रानी जायसवाल का मानना है कि कैंसर उपचार केवल तकनीक का विषय नहीं, बल्कि मरीज और उसके परिवार को विश्वास, संवेदनशीलता और व्यक्तिगत देखभाल प्रदान करने की जिम्मेदारी भी है। यही सोच इस पूरे कार्यक्रम की आधारशिला है। उनका उद्देश्य प्रत्येक मरीज को उसकी चिकित्सीय आवश्यकता के अनुरूप सर्वोत्तम, सुरक्षित और वैज्ञानिक उपचार उपलब्ध कराना है।
धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल लंबे समय से कैंसर उपचार, बोन मैरो ट्रांसप्लांट और उन्नत हेमेटोलॉजी सेवाओं के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। CAR-T सेल थेरेपी कार्यक्रम की शुरुआत इस संस्थान की उसी प्रतिबद्धता का विस्तार है, जिसके माध्यम से आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को भारतीय मरीजों तक पहुँचाने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
डॉक्टर्स डे के अवसर पर यह उपलब्धि उन सभी चिकित्सकों, वैज्ञानिकों, नर्सिंग कर्मियों और स्वास्थ्यकर्मियों को भी समर्पित है, जो दिन-रात मरीजों के जीवन की रक्षा के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उनकी निष्ठा, सेवा भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के कारण आज चिकित्सा क्षेत्र नई ऊँचाइयों को छू रहा है।
धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल ने विश्वास व्यक्त किया है कि CAR-T सेल थेरेपी कार्यक्रम को भविष्य में भी इसी समर्पण, उत्कृष्टता और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। संस्थान का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र मरीजों तक इस अत्याधुनिक उपचार की पहुँच सुनिश्चित करना तथा ब्लड कैंसर के खिलाफ लड़ाई में बेहतर परिणाम प्राप्त करना है।
नेशनल डॉक्टर्स डे पर यह उपलब्धि केवल एक नई चिकित्सा सेवा की शुरुआत नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि अनुभवी चिकित्सकों, आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदनाओं का समन्वय असाध्य समझी जाने वाली बीमारियों के उपचार में भी नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। डॉ. सरिता रानी जायसवाल और उनकी टीम का यह प्रयास निस्संदेह चिकित्सा जगत के लिए प्रेरणादायी है तथा ब्लड कैंसर से जूझ रहे हजारों मरीजों के लिए नई उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

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