केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को सीधे चुनौतीउपभोक्ताओं के हितो से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं :टीम भारत।

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तहसीन पूनावाला का नितिन गडकरी पर तीखा हमला; इथेनॉल नीति पर हितों के टकराव का आरोप, त्योहारी सीजन में खाद्य महंगाई को लेकर E20 पर सवाल, गडकरी और हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ कार्रवाई के लिए 31 दिसंबर 2026 की समयसीमा तय

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026: Team Bharat ने आज नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति के खिलाफ तीखा राजनीतिक हमला बोला। Team Bharat के संस्थापक तहसीन पूनावाला ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को सीधे चुनौती देते हुए उपभोक्ताओं, किसानों और खाद्य कीमतों पर इस नीति के प्रभाव के साथ-साथ संभावित हितों के टकराव को लेकर पारदर्शिता की मांग की।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को Team Bharat के संस्थापक तहसीन पूनावाला, सह-संस्थापक दिनेश टांटिया और कोर मेंबर इशान भारद्वाज ने संबोधित किया।

“आखिर E20 से किसे वास्तव में फायदा हो रहा है?” पूनावाला ने गडकरी को घेरा

Team Bharat का रुख स्पष्ट करते हुए पूनावाला ने कहा कि संगठन इथेनॉल के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन की आपत्ति पर्याप्त पारदर्शिता, स्वतंत्र आकलन और उपभोक्ताओं की चिंताओं पर संतोषजनक जवाबों के बिना E20 को अनिवार्य नीति के रूप में लागू करने को लेकर है।

पूनावाला ने कहा कि Team Bharat ने सरकार के साथ दो बैठकें की थीं और प्रस्ताव दिया था कि जहां आर्थिक और तकनीकी रूप से संभव हो, वहां आयात पर विचार करने से पहले देश में उपलब्ध अतिरिक्त इथेनॉल का इस्तेमाल भारत में ही किया जाना चाहिए।

गडकरी को सीधे निशाने पर लेते हुए पूनावाला ने इथेनॉल उद्योग से जुड़े राजनीतिक रूप से प्रभावशाली परिवारों और कारोबारों के संभावित हितों के टकराव पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा:

“इस मामले में हितों का सबसे बड़ा टकराव नितिन गडकरी का है।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया:

“E20 से नेताओं के बच्चों के अलावा किसी को फायदा नहीं हो रहा है।”

पूनावाला ने इथेनॉल कारोबारों के स्वामित्व, राजनीतिक संबंधों, वित्तीय हितों और इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों से जुड़े बड़े ऋणों के बारे में पारदर्शिता की मांग की। Team Bharat ने संभावित हितों के टकराव की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि जब फैसलों से लाखों नागरिक प्रभावित होते हों, तो किसी भी सार्वजनिक पदाधिकारी को जांच के दायरे से बाहर नहीं रखा जाना चाहिए।

संगठन ने सरकार से स्वतंत्र रूप से सत्यापित ऐसे सबूत पेश करने की मांग की, जो यह प्रदर्शित करें कि E20 से होने वाले सार्वजनिक लाभ आम भारतीयों के लिए इसकी लागत और जोखिमों से अधिक हैं।

त्योहारी सीजन में महंगाई और किसानों की परेशानी: Team Bharat ने मांगे जवाब

Team Bharat ने इथेनॉल उत्पादन के खाद्य कीमतों, पानी की उपलब्धता और कृषि संसाधनों पर संभावित प्रभावों को लेकर गंभीर चिंताएं उठाईं।

पूनावाला ने महाराष्ट्र और कर्नाटक में सूखे तथा पानी की कमी, गन्ना किसानों के विरोध प्रदर्शनों और कृषि समुदायों के सामने मौजूद व्यापक आर्थिक संकट का उल्लेख किया। उन्होंने इन राज्यों में किसानों की आत्महत्याओं को लेकर भी चिंता जताई और किसानों पर पड़ रहे दबाव पर अधिक ध्यान देने की मांग की।

Team Bharat ने सवाल उठाया कि क्या सरकार ने खाद्य सुरक्षा, कृषि संसाधनों और घरेलू बजट पर E20 नीति के संभावित परिणामों का पर्याप्त आकलन किया है।

त्योहारी सीजन के खर्चों से पहले ही दबाव झेल रहे परिवारों का उल्लेख करते हुए पूनावाला ने खाद्य महंगाई और इस नीति के बीच संभावित संबंधों पर जवाब मांगे। इसमें चीनी, चावल, अंडे, चिकन और मक्का की कीमतें शामिल हैं। संगठन ने इथेनॉल उत्पादन की लागत, पानी की खपत और नीति के व्यापक आर्थिक तथा पर्यावरणीय प्रभावों के पारदर्शी आकलन की भी मांग की।

पूनावाला ने इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने के औचित्य पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि Team Bharat द्वारा उठाई गई चिंताओं के अनुसार, इथेनॉल उत्पादन की लागत पेट्रोल की लागत से अधिक हो सकती है। उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या नीति का लाभ उचित रूप से वितरित हो रहा है या राजनीतिक रूप से जुड़े हितों तक सीमित है।

Team Bharat का रुख स्पष्ट है: जब उपभोक्ता, किसान और सार्वजनिक संसाधन प्रभावित हो सकते हैं, तो किसी राष्ट्रीय ईंधन नीति को सवालों और जांच से परे नहीं माना जा सकता।

“नितिन गडकरी जी कहां छिपे हुए हैं?” — पूनावाला ने जवाबदेही की मांग की

पूनावाला ने इथेनॉल नीति की पहले की गई आलोचना पर गडकरी की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब Team Bharat के सदस्यों ने चिंताएं उठाईं, तो उन्हें पहले “झूठा” और “पैसे लेकर काम करने वाला एजेंट” कहा गया था।

उन्होंने पूछा:

“नितिन गडकरी जी कहां फरार हैं और हरदीप सिंह पुरी जी mute क्यों हैं?”

पूनावाला ने सवाल उठाया कि Team Bharat द्वारा नीति को लेकर अपनी चिंताओं को दोहराने के बाद गडकरी कथित तौर पर चुप क्यों हो गए। उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री के रूप में स्पष्ट जवाब नहीं देने के लिए पुरी की भी आलोचना की।

राजनीतिक रूप से जुड़े लाभार्थियों के कथित पैटर्न को “बेटा बढ़ाओ योजना” बताते हुए और गडकरी को “शुगर डैडी” कहकर संबोधित करते हुए पूनावाला ने इथेनॉल से जुड़े फैसलों से लाभ पाने वाले हितों के बारे में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की।

Team Bharat ने गडकरी से भारत के नागरिकों से बिना शर्त माफी मांगने और इस्तीफा देने की मांग की। संगठन ने प्रधानमंत्री से हरदीप सिंह पुरी को पेट्रोलियम मंत्री के पद से हटाने और नीति को बढ़ावा देने में गडकरी की भूमिका के संबंध में उचित कार्रवाई तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग की।

31 दिसंबर की समयसीमा: Team Bharat की संसद के बाहर प्रदर्शन और जेल भरो आंदोलन की चेतावनी

Team Bharat ने स्पष्ट राजनीतिक अल्टीमेटम जारी किया है: 31 दिसंबर 2026 तक सरकार को केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री के पद से हरदीप सिंह पुरी को हटाना होगा और नितिन गडकरी को इथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने से पीछे हटना होगा।

पूनावाला ने आरोप लगाया कि E20 नीति के खिलाफ Team Bharat के दो शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था और उनके घर में नजरबंद रखा गया था। संगठन ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का सम्मान करने की मांग की।

Team Bharat ने चेतावनी दी कि यदि समयसीमा तक उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो जनवरी 2027 से संगठन सड़कों पर उतरेगा, संसद के सत्र के दौरान संसद के बाहर धरना देगा और प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन शुरू करेगा।

संगठन ने कहा कि वह E20, इसके लाभार्थियों, उपभोक्ताओं और किसानों पर इसके प्रभाव तथा संभावित हितों के टकराव को लेकर जवाब मांगना जारी रखेगा।

SC/ST एक्ट: कमजोर वर्गों की रक्षा करें, निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया सुनिश्चित करें

Team Bharat ने दोहराया कि जातिगत भेदभाव एक गंभीर सामाजिक समस्या है और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम कमजोर समुदायों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही, संगठन ने हर मामले में निष्पक्ष जांच, उचित कानूनी प्रक्रिया और संस्थागत जवाबदेही की मांग की।

अजीत भारती, पत्रकार एवं लेखक का कथन:

“जब सामाजिक न्याय के लिए बनाया गया कानून सामाजिक खाई को पाटने के बजाय उसे और गहरा करता दिखाई दे, तो उसकी गंभीर समीक्षा और सुधार अनिवार्य हो जाते हैं।”

पूनावाला ने हेमंत सोरेन और प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े विवाद के साथ-साथ ACP दहिया से संबंधित दिल्ली पुलिस के एक मामले का उल्लेख किया। उन्होंने झूठे आरोपों से बचाव के उपायों और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर व्यापक चिंताएं उठाईं।

उन्होंने कहा:

“हमारी संस्कृति में कहा जाता है, ‘गुरु देवो भव’—अर्थात शिक्षक को भगवान के समान मानें। IIT बॉम्बे में प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के साथ जो हुआ, वह बेहद दुखद है। Team Bharat उनके साथ मजबूती से खड़ी है। SC/ST एक्ट को कमजोर समुदायों की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन निष्पक्ष जांच और उचित कानूनी प्रक्रिया भी आवश्यक हैं। जहां कानूनन अनुमति हो, वहां FIR दर्ज करने से पहले प्रारंभिक जांच की मांग करते हैं, ताकि वास्तविक शिकायतों से जुड़े संरक्षण को कमजोर किए बिना झूठे आरोपों की पहचान की जा सके।”

Team Bharat ने लागू कानूनों और न्यायिक फैसलों के अनुरूप प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों की समीक्षा के साथ आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की। संगठन ने जोर दिया कि हाशिए पर रहने वाले समुदायों की रक्षा और आरोपों का सामना कर रहे व्यक्तियों के साथ निष्पक्षता सुनिश्चित करना, दोनों साथ-साथ चलने चाहिए।

संगठन ने कहा कि आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और न तो वास्तविक शिकायतों को और न ही आरोपित व्यक्तियों के अधिकारों को जांच से पहले ही सही या गलत मान लिया जाना चाहिए।

प्रोफेसर एस. डूला के समर्थन में दिवाली के बाद IIT बॉम्बे के बाहर प्रदर्शन करेगा Team Bharat

Team Bharat ने घोषणा की कि वह प्रोफेसर सूर्यनारायण डूला के समर्थन में दिवाली के बाद IIT बॉम्बे परिसर के बाहर प्रदर्शन करेगा। प्रदर्शन की तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।

संगठन ने प्रोफेसर डूला के प्रति अपना समर्थन दोहराया और छात्र साहिल वाकोड़े की मृत्यु से जुड़ी परिस्थितियों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की।

Team Bharat के अनुसार, साहिल वाकोड़े ने IIT बॉम्बे के SC/ST सेल में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। संगठन ने इस दावे और अन्य सभी प्रासंगिक तथ्यों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने की मांग की और जोर दिया कि विस्तृत जांच के बिना कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।

Team Bharat ने छात्र कल्याण व्यवस्था को मजबूत करने, शिकायत निवारण प्रणालियों को सुलभ बनाने और संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग की। संगठन ने कहा कि इस मामले से जुड़ी परिस्थितियों की पारदर्शी तरीके से जांच होनी चाहिए, जिसमें निष्पक्षता और छात्रों का कल्याण सर्वोपरि रहे।

Team Bharat के अनुसार, प्रस्तावित प्रदर्शन निष्पक्ष प्रक्रिया, जवाबदेही और कमजोर छात्रों की सुरक्षा के साथ-साथ आरोपों का सामना कर रहे व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा पर व्यापक चर्चा की मांग करेगा।

“सरकार सवालों से बचती नहीं रह सकती”

प्रेस कॉन्फ्रेंस के समापन पर Team Bharat ने दोहराया कि वह E20 नीति, खाद्य महंगाई, किसानों की परेशानी और सार्वजनिक पदों पर जवाबदेही को लेकर सरकार से सवाल पूछना जारी रखेगा।

संगठन ने पारदर्शी जवाब, संभावित हितों के टकराव की स्वतंत्र जांच, निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया और निर्धारित समयसीमा के भीतर ठोस कार्रवाई की मांग की।

Team Bharat ने स्पष्ट किया कि वह जवाबदेही की मांग से पीछे नहीं हटेगा और सरकार को नागरिकों द्वारा उठाए जा रहे सवालों का जवाब देना होगा।

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