
• किआ इंडिया की प्रमुख सीएसआर पहल का चौथा चरण, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में समुदाय की भागीदारी से चलने वाले प्लास्टिक कचरा संग्रहण और रीसाइक्लिंग तंत्र को और मजबूत करेगा
गाजियाबाद, भारत, 7 अगस्त 2026: देश के प्रमुख मास-प्रीमियम ऑटोमोबाइल निर्माताओं में से एक, किआ इंडिया ने गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में अपनी प्रमुख सीएसआर पहल, प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. (डेवलप रिस्पॉन्सिबल आउटलुक फॉर प्लास्टिक) के चौथे चरण को जमीनी स्तर पर लागू करना शुरू कर दिया है। इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन (आईपीसीए) के साथ मिलकर चलाई जा रही इस पहल का मकसद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में समुदाय की भागीदारी से प्लास्टिक कचरे के संग्रहण, रीसाइक्लिंग और जागरूकता को बढ़ावा देना है।
गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में शुरुआत के साथ, प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. भारत के प्रमुख शहरों में अपनी पहुंच लगातार बढ़ा रहा है और एक ऐसा व्यवस्थित तंत्र बना रहा है, जिसमें स्थानीय समुदाय, नागरिक निकाय, शिक्षण संस्थान और कचरा प्रबंधन से जुड़े लोग मिलकर जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देते हैं। इन दो शहरों के जुड़ने के साथ, प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. अब बारह शहरों में सक्रिय है – गुरुग्राम, बेंगलुरु, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, मुंबई, चंडीगढ़, पंचकूला, जीरकपुर, दिल्ली, नोएडा, अंबाला, गाजियाबाद और नोएडा/ग्रेटर नोएडा, जिससे इसकी देशभर में मौजूदगी और मजबूत हुई है।
गाजियाबाद में हुए इस आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर वसुंधरा, वार्ड 61 की पार्षद श्रीमती शिल्पा चौधरी मौजूद रहीं, साथ ही गाजियाबाद नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार बतौर सम्मानित अतिथि उपस्थित रहे। इस मौके पर एमिटी इंटरनेशनल स्कूल, वसुंधरा की प्रिंसिपल सुश्री सुनीला अठले और आईपीसीए की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. राधा गोयल भी मौजूद रहीं।
ग्रेटर नोएडा में हुए आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएनआईडीए) के जनरल मैनेजर श्री आलोक कुमार मौजूद रहे। इस मौके पर आईपीसीए के सचिव श्री अजय गर्ग, आईपीसीए की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. राधा गोयल, जीएनआईडीए के वरिष्ठ अधिकारी, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, शिक्षण संस्थान और समुदाय से जुड़े अन्य लोगों ने हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम में डी.आर.ओ.पी. कम्युनिटी बिन लगाकर और डी.आर.ओ.पी. कलेक्शन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर व्यवस्थित तरीके से प्लास्टिक कचरा संग्रहण और रीसाइक्लिंग गतिविधियों की शुरुआत की गई। समुदाय की भागीदारी बढ़ाने के लिए, इन आयोजनों में जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और टिकाऊ निपटान के तरीकों पर एक नुक्कड़ नाटक भी पेश किया गया।
जागरूकता कार्यक्रम के तहत, पेशेवर कलाकारों ने जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन के महत्व को दिखाते हुए एक नुक्कड़ नाटक पेश किया, जिससे छात्रों, स्थानीय निवासियों और समुदाय के लोगों को टिकाऊ कचरा निपटान के तरीकों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
प्रोजेक्ट डी.आर.ओ.पी. किआ इंडिया की प्रमुख पर्यावरण स्थिरता पहल बनी हुई है, जो जागरूकता, समुदाय की भागीदारी और नागरिक निकायों व स्थानीय लोगों के साथ मिलकर काम करने के जरिए जिम्मेदार प्लास्टिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देती है। जमीनी स्तर पर लगातार काम करते हुए, यह पहल साफ-सुथरे समुदाय और एक बेहतर टिकाऊ भविष्य बनाने के किआ इंडिया के लक्ष्य को आगे बढ़ा रही है।

