कालिंदी कॉलेज में फ्रेशर्स डे का रंगारंग कार्यक्रम आयोजित


कालिंदी महाविद्यालय में फ्रेशर्स डे का रंगारंग कार्यक्रम
नई दिल्ली
12 नवंबर 2025
दिल्ली विश्वविद्यालय के कालिंदी महाविद्यालय में फ्रेशर्स डे 2025 का आयोजन बड़े हर्ष और उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय सरदार मंजिंदर सिंह सिरसा, कैबिनेट मंत्री, दिल्ली सरकार एवं राष्ट्रीय सचिव, भारतीय जनता पार्टी, उपस्थित रहे। उनके साथ अतिविशिष्ट अतिथि डॉ. बालमुकुंद पांडे, राष्ट्रीय संगठन सचिव, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली तथा विशिष्ट अतिथि प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी और संरक्षक प्रो. मंजू मुकुल कांबले भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रो. मीनू चरांदा द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं स्वागत संबोधन के साथ हुआ। अपने प्रेरक उद्बोधन में सरदार मंजिंदर सिंह सिरसा ने विद्यार्थियों को शिक्षा पर केंद्रित रहने, राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को निष्ठा से निभाने तथा समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। वहीं, डॉ. बालमुकुंद पांडे ने एक आदर्श विद्यार्थी के गुणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अनुशासन, समर्पण और नैतिक मूल्य ही सफलता की आधारशिला हैं।
अधिष्ठाता, छात्र कल्याण, दिल्ली विश्वविद्यालय प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को जीवन में कृतज्ञता और संतोष का भाव बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा- “जो हमारे पास है, उसकी कद्र करना ही सच्चे सुख और सफलता की पहली सीढ़ी है।”
इसके पश्चात छात्रसंघ का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ, जिसके उपरांत नवगठित छात्रसंघ के सदस्यों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं, जिनमें कथक और भरतनाट्यम का सुंदर संगम प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
छात्रसंघ संयोजक डॉ. उत्पल कुमार ने भी छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रोत्साहनपूर्ण विचार साझा किए। इसके पश्चात राष्ट्रीय गान के साथ पूरा सभागार देशभक्ति और गर्व की भावना से गूंज उठा।
फ्रेशर्स प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में जोस आंद्रेस और थालिया उपस्थित रहे, जिन्होंने “मिस फ्रेशर्स” का चयन किया। अंत में, “आवारा बैंड” के जोशीले और ऊर्जावान प्रदर्शन ने पूरे माहौल को संगीत और उत्साह से भर दिया।
यह आयोजन न केवल नए विद्यार्थियों के लिए एक यादगार शुरुआत सिद्ध हुआ, बल्कि कालिंदी महाविद्यालय के गौरवशाली मूल्यों और एकता की भावना का भी प्रतीक बन गया।

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