एनआरएआई फूड डिलीवरी समिट 2026: 1,000 करोड़ रुपये के ब्रांड्स से लेकर एआई-संचालित रेस्तरां तक, भारत के रेस्तरां उद्योग के अगले चरण का खाका तैयार

Uncategorized
  • अहमदाबाद में 5,000 से अधिक रेस्तरां मालिक, 100 से ज्यादा उद्योग प्रमुख और 3,000 से अधिक ब्रांड्स एक साथ आए; एनआरएआई ने उद्योग के साथ सहयोग को मजबूत करने के लिए मिट्टी कैफे, गिफ्ट सिटी और ईज़ी कैटर्स के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए

  • अगस्त 2026: नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) ने अहमदाबाद में 5वें एनआरएआई फूड डिलीवरी समिट 2026 का आयोजन किया। इस सम्मेलन में 5,000 से अधिक रेस्तरां मालिक, 100 से ज्यादा उद्योग प्रमुख, 3,000 से अधिक ब्रांड्स और 30 से ज्यादा शहरों के प्रतिनिधि एक साथ आए। इस समिट का मुख्य उद्देश्य भारतीय रेस्तरां उद्योग के अगले चरण को आकार देने वाले प्रमुख विषयों पर चर्चा करना था, जिनमें 1,000 करोड़ रुपये के फूड ब्रांड्स के सृजन, फूड डिलीवरी का अगला दशक, गिफ्ट सिटी की भूमिका और भविष्य के रेस्तरां में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का योगदान शामिल है। सम्मेलन का उद्घाटन गुजरात के उप-मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी की मौजूदगी में हुआ। उन्होंने उद्योग जगत के प्रमुख लोगों और इससे जुड़े पक्षों के साथ भारत के रेस्तरां क्षेत्र के विकास और बदलाव पर चर्चा की।

पेटपूजा द्वारा प्रस्तुत इस समिट की थीम “ऑटोमेट टू डोमिनेट: टेक पावर्स ग्रोथ” रखी गई थी। इस सम्मेलन में रेस्तरां मालिकों, प्रौद्योगिकी कंपनियों, निवेशकों और साझेदारों ने बिजनेस के विकास, पैमाने, तकनीक, उपभोक्ता व्यवहार और व्यावसायिक स्थिरता पर विचार-विमर्श किया। चर्चा केवल तकनीक तक सीमित न रहकर इस बात पर केंद्रित थी कि कैसे एआई, ऑटोमेशन, डेटा और डिजिटल प्लेटफॉर्म रेस्तरां संचालन, विस्तार, मार्केटिंग और ग्राहकों से जुड़ाव जैसे जरूरी फैसलों का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं।

समिट के दौरान मिट्टी कैफे, गिफ्ट सिटी और ईज़ी कैटर्स के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जो रेस्तरां और खाद्य सेवा क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते खोलते हैं।

प्रमुख चर्चा “फूड डिलीवरी – डीकोडिंग द नेक्स्ट डिकेड” में इस बात का विश्लेषण किया गया कि फूड डिलीवरी किस तरह विकसित हो रही है और इस क्षेत्र का अगला चरण रेस्तरां, प्लेटफॉर्म और उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने रखेगा। “बिल्डिंग इंडियाज़ नेक्स्ट 1,000 करोड़ रुपये फूड ब्रांड” सत्र में बड़े पैमाने पर रेस्तरां और फूड बिजनेस खड़ा करने के लिए जरूरी महत्वाकांक्षा, परिचालन मॉडलों और क्षमताओं पर विचार-विमर्श किया गया।

“द फ्रेंचाइजी पैराडॉक्स – स्केल विद एक्सीलेंस” में इस बात पर ध्यान केंद्रित किया गया कि व्यवसाय एकरूपता, गुणवत्ता और परिचालन उत्कृष्टता बनाए रखते हुए तेजी से विस्तार कैसे कर सकते हैं। यह विषय इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि रेस्तरां व्यवसाय नए बाजारों में प्रवेश करने और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए तेजी से फ्रेंचाइजिंग मॉडल अपना रहे हैं।

“गिफ्ट सिटी फॉर द ग्लोबल किचन – इंटरसेक्शन ऑफ इनोवेशन, कैपिटल एंड फूड ब्रांड्स” सत्र ने वैश्विक पूंजी, कारोबारी ढांचे और खाद्य एवं हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के संयोजन पर उभरते अवसरों का विश्लेषण करते हुए ध्यान दोबारा अहमदाबाद और गुजरात पर केंद्रित किया। इसमें चर्चा की गई कि नए ग्राहकों, नई साझेदारियों और विस्तार के नए रास्तों की तलाश कर रहे रेस्तरां ब्रांड्स के लिए गिफ्ट सिटी क्या मायने रख सकती है।

“द इंटेलिजेंट रेस्तरां – हू विल ओन द फ्यूचर: रेस्तरां प्लेटफॉर्म्स या एल्गोरिदम्स?” में तकनीक इस सम्मेलन का एक मुख्य विषय रही। इस सत्र में इस बात की पड़ताल की गई कि एआई, डेटा, ऑटोमेशन और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म किस तरह रेस्तरां के संचालन और निर्णय लेने की प्रक्रिया को बदल सकते हैं। साथ ही, इस बड़े सवाल पर भी चर्चा हुई कि भविष्य का रेस्तरां कितना एल्गोरिदम पर और कितना मानवीय समझ व आतिथ्य पर निर्भर रहेगा। “मार्केटिंग स्ट्रेटेजीज दैट प्ले टू योर स्ट्रेंथ्स एंड प्रोडक्ट” सत्र में ब्रांड-निर्माण और ग्राहकों से जुड़ाव में प्रभावी मार्केटिंग रणनीतियों की भूमिका का विश्लेषण किया गया।

“फूड फाइट – इज डिस्काउंट ए नेसेसरी एविल?” के जरिए समापन सत्र में रेस्तरां उद्योग के सबसे निरंतर और महत्वपूर्ण सवालों, यानी ग्राहक अधिग्रहण, मूल्य निर्धारण और टिकाऊ लाभप्रदता पर चर्चा की गई।

नेशनल रेस्तरां एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के अध्यक्ष और वाउ! मोमो फूड्स के सीईओ एवं सह-संस्थापक श्री सागर दरयानी ने कहा, “इस साल का सम्मेलन रेस्तरां उद्योग के विकास की सोच में आए एक स्पष्ट बदलाव को दर्शाता है। अब चर्चा केवल विस्तार के लिए विस्तार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे व्यवसाय बनाने पर केंद्रित है जो लचीले, लाभदायक और बड़े पैमाने पर टिके रहने में सक्षम हों। फूड डिलीवरी, फ्रेंचाइजिंग, ब्रांड बिल्डिंग, तकनीक और गिफ्ट सिटी जैसे नए बाजारों के उभरने के साथ, हम लंबे समय में सफलता तय करने वाले बुनियादी सिद्धांतों पर अधिक फोकस देख रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं कि तकनीक रेस्तरां के संचालन के तरीके को नया आकार देगी, लेकिन टिकाऊ मूल्य वही व्यवसाय बनाएंगे जो नवाचार को मजबूत क्रियान्वयन, उपभोक्ता की समझ और हॉस्पिटैलिटी के मूल सिद्धांतों के साथ जोड़ते हैं।”

पेटपूजा के सह-संस्थापक और सीईओ पार्थिव पटेल ने इस अवसर पर कहा, “रेस्तरां की दुनिया में सबसे बड़ा बदलाव यह आ रहा है कि तकनीक अब सिर्फ प्राथमिक परिचालन कार्यों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बिजनेस के बड़े फैसले लेने में भी मदद कर रही है। आज जब अलग-अलग फॉर्मैट, जगहों और माध्यमों से रेस्तरां चलाना पहले से ज्यादा जटिल होता जा रहा है, तब मालिकों को एक ऐसे जुड़े हुए सिस्टम की जरूरत है जो पूरे कामकाज की साफ तस्वीर दिखाए, ताकि सही फैसले तेजी से लिए जा सकें। अब असली मकसद तकनीक को इतना सरल और उपयोगी बनाना है कि हर रेस्तरां मालिक इसे आसानी से अपना सके, जिससे उनका बिजनेस पर बेहतर नियंत्रण हो, दक्षता बढ़े और मुनाफा मजबूत हो। एनआरएआई फूड डिलीवरी समिट में यह बदलाव साफ तौर पर देखने को मिला।”

समिट के बारे में अपनी राय रखते हुए एनआरएआई गुजरात की चैप्टर हेड और द सीक्रेट किचन (भारत और वैश्विक) की संस्थापक शेफ आनल कोटक ने कहा, “गुजरात में कारोबारी जोश, लोगों की बदलती पसंद और नवीन डाइनिंग अनुभवों के प्रति बढ़ती रुचि ने खान-पान के कारोबार को मजबूत और बेहतर बनाया है। आज का मौका सिर्फ एक-दो रेस्तरां को आगे बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नई तकनीक, नए बिजनेस मॉडल और गिफ्ट सिटी जैसे नए अवसरों का फायदा उठाने का है। अहमदाबाद में एनआरएआई फूड डिलीवरी समिट के आयोजन से इस प्रगति को सामने लाने में मदद मिली है। साथ ही, इस सम्मेलन ने पूरे देश और इस क्षेत्र में खान-पान के कारोबार को आगे बढ़ाने, नए तरीके अपनाने और इसके भविष्य पर खुलकर बातचीत करने का एक बेहतरीन मंच दिया है।”

मुख्य मंच के सत्रों के साथ-साथ, इस सम्मेलन में 13 केंद्रित वर्कशॉप्स की एक श्रृंखला भी आयोजित की गई, जिन्हें उद्योग की चर्चाओं को रेस्तरां व्यवसायों के लिए व्यावहारिक ज्ञान में बदलने के मकसद से डिज़ाइन किया गया था। तीन समानांतर कमरों में आयोजित इन वर्कशॉप्स में कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया: स्मार्ट ग्रोथ रणनीतियाँ, डायरेक्ट ऑर्डरिंग और रिपीट बिजनेस, उद्यमी का मनी माइंडसेट, ग्राहक अधिग्रहण, ब्रांड अनुभव के रूप में पैकेजिंग, एआई-संचालित रेस्तरां संचालन, डाइन-इन ग्रोथ, लगातार आय देने वाला मॉडल बनाना, बिजनेस वैल्यूएशन, विजिबिलिटी-आधारित विकास, मेनू इनोवेशन और कंटेंट क्रिएशन।

समिट में रेस्तरां, फूड डिलीवरी, तकनीक और बिजनेस जगत के प्रमुख लोगों ने भाग लिया, जिनमें शामिल हैं: श्री समीर खेतरपाल, प्रबंध निदेशक और सीईओ, जुबिलेंट फूडवर्क्स; श्री अंकुश ग्रोवर, सह-संस्थापक और ग्लोबल सीईओ, रिबेल फूड्स; श्री अंशुल गुप्ता, सह-संस्थापक, ईटक्लब; श्री रोहित कपूर, सीईओ, फूड मार्केटप्लेस, स्विगी; श्री नितिन सलूजा, सीईओ, चायोस; श्री मोहित खट्टर, सीईओ, ग्रेविस फूड्स; डॉ. तपन वैद्य, ग्रुप सीईओ, पापा जॉन्स; और श्री जोरावर कालरा, संस्थापक और एमडी, मैसिव रेस्तरां। इनके अलावा उद्योग जगत के कई और प्रमुख लोग भी इस मौके पर मौजूद रहे।

एनआरएआई फूड डिलीवरी समिट के 5वें संस्करण ने यह साफ कर दिया है कि खान-पान का कारोबार अब एक नए दौर में कदम रख चुका है। आगे बढ़ने के लिए रेस्तरां मालिकों को सिर्फ किसी एक पहलू पर नहीं, बल्कि तकनीक, कारोबार को बड़ा करने, ग्राहकों की प्राथमिकताओं और मुनाफे, इन सभी पर एक साथ ध्यान देना होगा। अब बात सिर्फ नए सॉफ्टवेयर या टूल्स अपनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि असली सवाल यह है कि इनकी मदद से ऐसा मजबूत बिजनेस कैसे खड़ा किया जाए जो दीर्घकाल तक प्रतिस्पर्धी बना रहे और सतत लाभप्रदता सुनिश्चित करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *