
नई दिल्ली: दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन में इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स के वर्तमान के जॉइंट सेक्रेटरी (ईस्ट ज़ोन) के खिलाफ एक महिला फिजियोथेरेपिस्ट की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता का आरोप है कि पेशेवर मेंटरशिप संबंध धीरे-धीरे भावनात्मक,व्यक्तिगत बड़े-बड़े सब्जबाग दिखा कर किया यौन शोषण।पीड़िता और उनके साथ वकीलों ने विस्तार से पीड़िता के शोषण की बात प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया, दिल्ली मेँ एक प्रेस वार्ता मेँ रखी ।
पीड़िता के अनुसार,अगस्त 2025 में दोनों की पहली बातचीत फेसबुक मैसेंजर के माध्यम से हुई वहीं,आरोपी उची पहुंच रखता है,ने स्वयं को एक वरिष्ठ पेशेवर बताते हुए करियर को मार्गदर्शन देने, पेशेवर नेटवर्क बनाने और फिजियोथेरेपी क्षेत्र में अवसर दिलाने का आश्वासन दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि शुरुआती पेशेवर बातचीत धीरे-धीरे व्यक्तिगत और भावनात्मक संबंधों में बदल गई।उन्होंने करियर में उन्नति, पेशेवर पहचान, संगठनों में पद दिलाने, लेक्चर और प्रकाशन के अवसर तथा क्लिनिक स्थापित करने में सहायता का भरोसा दिया गया।
पीड़िता का आरोप है कि मेँ भावनात्मक रूप से जुड़ गईं और अपने पेशेवर भविष्य को लेकर आरोपी पर भरोसा करने लगीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उसने स्वयं को शादीशुदा होने के बावजूद कहा कि वे अपनी पत्नी से अलग रह रहे हैं।

पीड़िता ने बताया कि बाते बहुत आगे बड़ी तब,आरोपी ने 27 मार्च 2026 को गणतंव्य से दिल्ली आने-जाने के लिए मेरे लिए टिकट की व्यवस्था भी स्वम की, जिसके बाद दोनों की दिल्ली में किसी स्थान पर मुलाकात हुई। आरोप है कि इन वादों और भरोसे का इस्तेमाल कर मेरे साथ यौन संबंध बनाए गए।
वार्ता मेँ , पीड़िता ने बताया कि मुझसे कई महीनों तक ऐसे ही खिलवाड़ करते रहे,लेकिन साथ ही मेरा उत्पीड़न भी बढ़ गया, जिसकी शिकायते भी की गई। आखिर तंग आकर मैंने पुलिस मेँ शिकायत दी जिसकी 4 जून 2026 को दर्ज FIR (संख्या 0241) के अनुसार,आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 69, 75 और 79 के तहत मामला दर्ज किया गया , जो धोखे से यौन संबंध, यौन उत्पीड़न और महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने से संबंधित हैं।
पीड़िता ने यह भी कहा कि उनकी शिकायत के कुछ महत्वपूर्ण पहलू जिसमे एक बार कुछ नशीला पदार्थ पिलाकर शोषण करने का आरोप भी है लेकिन FIR में शामिल नहीं किए गए, जबकि उन्होंने इसकी जानकारी जांच अधिकारी को दी थी।
पीड़िता ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम का उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा। उन्होंने कहा,“इस घटना और इसके बाद की परिस्थितियों के कारण मैं अवसाद में चली गई थी। मुझे संभलने और आगे आने की हिम्मत जुटाने में समय लगा। अब मैं मजबूत महसूस कर रही हूं और न्याय की मांग के लिए सामने आई हूं। मैं निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई चाहती हूं।”

