अदचिनी में सील्ड, तोड़फोड़ फ्लेटों में ग्रीन नैट लगा,सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण जारी, MCD, DDA,SDM विभाग पर प्रश्नचिन्ह?

Uncategorized

72 घंटे में अवैध कब्जा मुक्ति अभियान फ्लाप….

दक्षिणी दिल्ली: कब्रिस्तान मेँ बनी पुरानी कबरों क़ो खुले आम तोड़फोड़ कर अवैध कब्जा करने का काम बिल्डर मफियाओ का जारी है,वहीं प्रशासन द्वारा खानापूर्ति कर मामले क़ो मोटी रिश्वत ले कर फाइलों क़ो बिना कार्यवाही कर मिलीभगत से दबाने की कोशिश जारी है।
जानकरी के अनुसार, दक्षिणी दिल्ली के अदचिनी गांव मेँ वक्फ बोर्ड गजेट 16 अप्रैल 1970 के अनुसार गांव खसरा नंबर 159 की 6 बीघा भूमि कब्रिस्तान व मस्जिद के लिए वक्फ की भूमि है , जिसमें पुरानी कबरें थी व उन के आसार थे,बीबी जुलेंखा ( माई साहिबा) मजार,मदरसा तालीमुल क़ुरआन,कब्रिस्तान वेलफेयर ट्रस्ट गेट के राइट साइड,जिसके कुछ भाग को डीडीए द्वारा अवार्ड घोषित किया गया था।
सूत्र बताते है कि यहां वक्फ़ भूमि पर स्वर्गीय सरवर अली (क़ालीन विक्रेता भदोही ) वाले ने अपना कब्जा दर्शाकर उस पर गलत तरीके से मुकदमे बाजी की थी , जिसे उन्होंने किराए पर रखा था। दिनांक 4/10/2014 को उनका निधन हो गया , विवाद के बावजूद लैंड स्टेटस नहीं बदला गया , वर्ष 2001-2 में कथिक लोंगो ने अपना कब्जा दर्शाने के लिए प्रतिनियुक्ति पर आए वक्फ बोर्ड में नियुक्त अधिकारियों , वक्फ बोर्ड के भ्रष्ट सर्वेयर की सेवा करके वक्फ बोर्ड में अपना कब्जा दर्शा दिया,अब सर्वेयर महोदय भी रिटायर्ड हो चुके हैं।
ज्ञात हुआ कि सरवर अली के निधन के बाद उनके बच्चों ने अपने किराएदार से ही समझौता करके पहले तो अवैध रूप से वक्फ बोर्ड भूमि का बंटवाराकर ,फिर सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण कराना शुरू कर दिया,कब्रिस्तान से पुरानी क़ब्रों के नामोनिशान मिटाने से क्षेत्र वासियों मेँ रोष व्याप्त है , हैरत की बात है कि कब्रिस्तान भूमि से पुरानी क़बरें व उनके आसारों के नामो निशान मिटाने वाले कब्ज धारी, बिल्डर्स, फाइनेंसर्स और अधिकतर डीलर मुस्लिम समाज के हैं ,इन समाज के ठेकेदारों की करतूतों को उजागर करने के लिए क्षेत्रवासी अभियान चलाने पर भी मंथन कर रहे हैं।
विभाग द्वारा लगातार शिकायतों पर नाम मात्र तोड़फोड़ , सीलिंग कार्रवाई की गई , इसके बावजूद कब्जाधारियों को निर्माणाधीन फ्लेटों में घुसा दिया गया जो धीमी गति से अवैध निर्माण करा रहे हैं , कब्जाधारियों , बिल्डरों को SDM, DDA , वक्फ बोर्ड, निगम अभियंताओं आदि प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है , सूत्र बताते हैं कि अधिकतर निर्माणाधीन फ्लैट बुक हो चुके हैं और सील्ड, तोड़फोड़ फ्लेटों में बिजली का मीटर लगाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
इस सरकारी भूमि के अवैध कब्जाधारियों , बिल्डरों, फाइनेंसरों, डीलरों पर कार्रवाई तो दूर किसी भी विभाग द्वारा FiR ,कठोर एक्सप्लेनेशन तक नहीं हुआ, यह मिली भगत का स्पष्ट प्रमाण है और अदचिनी गावों में 72 घंटे के अन्दर सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटाओ अभियान फ्लाप दिखाई देता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *