हम भारत के नागरिक,लोकतंत्र और सविधान की विशेषता

Respected Sir Namaskar Greetings

हम भारत के लोग” संविधान की वास्तविक ताक़त है

राजनीति विज्ञान संकाय दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा संविधान सप्ताह का आयोजन किया गया जिसका समापन संविधान दिवस के अवसर पर किया गया।

वरिष्ठ प्रोफेसर रेखा सक्सेना ने कहा कि विभाग द्वारा विश्वविद्यालय के ११ कालेजों, आईसीपीएस व अन्य विश्वविद्यालयों के साथ समन्वय कर पूरे सप्ताह आयोजन किया गया जो भारतीय संविधान के संघीय सिद्धांत को जीवंत किया है।

प्रो. विपिन तिवारी ने बताया कि पूरे सप्ताह में पोस्टर प्रतियोगिता, क्विज़, नारा लेखन, संविधान सभा मॉक पार्लियामेंट, पॉलिसी मेकिंग कंटेस्ट इत्यादि का आयोजन किया गया।

रजिस्ट्रार डा. विकास गुप्ता ने विभाग के पहल का स्वागत करते हुए बताया कि विद्यार्थियों के भीतर संविधानिक मूल्यों की समझ बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा वैल्यू एडिशन कोर्स चलाया जा रहा।

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता वाले हम लोग हैं जो कभी किसी देश पर पहले आक्रमण करने की जगह शांतिपूर्ण सहस्तित्व पर बल देता है।

सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता डा. मोनिका अरोड़ा ने कहा कि संविधान की प्रस्तावना का पहला लाइन हम भारत के लोग से शुरू होता है जिसका अर्थ है किसी भी आधार पर भेदभाव अनुचित है।

वहीं, आर्गनाइजर के संपादक श्री प्रफुल केतकर ने कहा हमारा संविधान विदेश से आयातित नहीं है बल्कि स्वतंत्रता संग्राम की उपज है।

कार्यक्रम के अंत में डा. सुमित झा व डा. स्मिता अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में वयस्क और विस्तार शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष प्रो. कुमार आशुतोष, मिरांडा हाउस की प्रधानाध्यापिका प्रो विजयलक्ष्मी नंदा, डा शंभुनाथ दुबे, डा विनीत सिन्हा सहित अन्य लोग उपस्थित रहें।

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