

विगत पंद्रह वर्षों से देश के बुजुर्ग नागरिकों की तन मन धन से सेवा में समर्पित माता-पिता सम्मान-सेवा ट्रस्ट ने अपने स्थापना दिवस के शुभ उपलक्ष्य में राजधानी दिल्ली में अनेक ऐसे संस्कारवान माता-पिताओं तथा उनके बच्चों को सम्मानित किया जो परस्पर सेवा-भावों तथा सेवा और सम्मान से गदगद थे।

संस्थान के संस्थापक समाजसेवी पत्रकार श्री दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि संस्था की स्थापना के इन पंद्रह वर्षों में उन्होंने हजारों वरिष्ठ नागरिकों को उनके उपचार में, पेंशन प्राप्त करने में, बैंक खाते खुलवाने में, उद्दंड किस्म के बच्चों को मानवीय परामर्श के द्वारा सुधारकर उनके जन्मदाता माता-पिता के साथ बनी खाई को पाटने में तथा शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को स्वस्थ बनाए रखने हेतु मनोरंजन स्वरुप देश के विभिन्न स्थानों का भ्रमण कराने के साथ साथ असहाय, लाचार व परित्यक्त बुजुर्गों को अपने द्वारा संचालित माता-पिता इमरजेंसी शैल्टर होम में शह प्रदान करके अपने स्वर्गीय माता-पिता व पित्रों को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।
श्री शर्मा ने बताया कि उन्होंने हरियाणा स्थित माता-पिता सेवा केंद्र के आसपास के गांवों के निवासी जरुरतमंद 22 बुजुर्गों को भी इस माता-पिता सेवा सम्मान सप्ताह के अंतर्गत अत्याधुनिक कान की मशीनें निशुल्क प्रदान की हैं तथा शीघ्र ही वह अपनी सामर्थ्यानुसार अधिक से अधिक विकलांगों को आगामी फरवरी माह में कृत्रिम अंग प्रदान करने के लिए भी संकल्पबद्ध हैं।
श्री शर्मा के अनुसार वर्तमानकाल में माता-पिता के खिलाफ बह रही इस बदबूदार हवा को सुगंधित हवा में बदलना ही उनके जीवन का एकमात्र मकसद है लेकिन इसके लिए माता-पिता को भी पूर्ण संस्कारी होना होगा। उन्होंने कहा कि इसी तरह यदि समाज के अधिक से अधिक जागरूक बुद्धिजीवी भी अपने पूज्य माता-पिता और पित्रों को सच्ची श्रद्धांजलि देने का दृढ़ निश्चय करके इसी प्रकार समाज के उत्थान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेने लगें तो इस बदबूदार हवा के सुगन्धित हवा में बदलने की गारंटी के साथ साथ हमारी इस धरती मां का स्वर्ग में तब्दील होना भी निश्चित है।

