वन विहार कार्यक्रम में अपूर्व उत्साह, संस्कार भारती ने दिया पारिवारिक एवं सांस्कृतिक एकता का संदेश।

वन विहार कार्यक्रम में अपूर्व उत्साह, संस्कार भारती ने दिया पारिवारिक एवं सांस्कृतिक एकता का संदेश

नई दिल्ली 5 जनवरी 2026 दिल्ली के पल्ला गाँव में संस्कार भारती द्वारा ‘वन विहार’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें दिल्ली प्रांत के अनेक परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारतीय कला एवं राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षण हेतु कार्यरत संस्था संस्कार भारती ने इस कार्यक्रम के माध्यम से सांस्कृतिक समृद्धि, परिवार प्रबोधन और सामूहिक सहभागिता का सुंदर संदेश दिया। इस अवसर पर संस्कार भारती उत्तर क्षेत्र प्रमुख विजय जी, केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य अशोक तिवारी जी सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ संजय प्रभाकर जी के ध्येय गीत एवं भजन प्रस्तुति से हुआ, जिसने वातावरण को आध्यात्मिक स्वर प्रदान किया। प्रतिभावान बालिकाओं — चाहत, अनहद, तुलसी एवं आरोही भट्ट, ने क्रमशः गायन और कथक नृत्य द्वारा अपनी बाल प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया। इसके बाद साहित्य कला परिषद्, संस्कृति मंत्रालय, दिल्ली के कलाकारों ने मनोहारी प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्हें दर्शकों की भरपूर सराहना मिली।

इस अवसर पर बच्चो में भारतीय संस्कृति एवं परिवेश के विषय के सन्दर्भ एवं जानकारी बढ़ाने हेतु प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गयी जिसमे बच्चो ने बढ़चढ़कर भाग लिया तत्पश्चात मातृशक्ति—रेखा जी, रूपा जी, आरती जी, अंशु जी तथा अन्य महिलाओं—की सामूहिक प्रस्तुति ने भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति की महत्ता को प्रभावी रूप से उजागर किया। हास्य कवि दीपक सैनी ने अपनी रचनाओं से सभी को खूब आनंदित किया।

कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण के रूप में उत्तर क्षेत्र प्रमुख विजय जी ने कुटुंब प्रबोधन विषय पर प्रेरक उद्बोधन दिया, जिसमें भारतीय परिवार व्यवस्था, संस्कारों और सामाजिक मूल्यों के संरक्षण पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् के साथ हुआ, जिसने सभी के मन में राष्ट्रीय भावना का उत्साह भर दिया। कार्यक्रम में संस्कार भारती दिल्ली प्रान्त के सभी पदाधिकारी व अनेक प्रतिष्ठित लेखक-कवि, समाजधर्मी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

संस्कार भारती के बारे में;
संस्कार भारती एक राष्ट्रव्यापी सांस्कृतिक संस्था है, जो भारतीय कला, संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रीय मूल्यों के संरक्षण तथा प्रसार के लिए कार्यरत है। देशभर के कलाकारों, साहित्यकारों, संगीतज्ञों, नृत्यांगनाओं और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं को जोड़ते हुए यह संस्था विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कार्यशालाओं, प्रदर्शनियों और प्रशिक्षणों के माध्यम से भारतीय संस्कृति के मूल स्वरूप को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने का निरंतर प्रयास करती है।

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