
सल्यूट तिरंगा अटल तिरंगा सम्मान से सम्मानित हुए वरिष्ठ कलाकार नरेंद्र कुमार वैष्णव।
नई दिल्ली:सल्यूट तिरंगा राष्ट्रवादी संस्था द्वारा आयोजित अटल तिरंगा सम्मान समारोह में कई कला और सांस्कृतिक क्षेत्र में अद्भुद कार्य करने वाले कलाकारों को समानित कर उनके कार्यों की भव्य मंच से प्रशंशा भी की गई, इस बहु चर्चित मौके पर परमार्थ आश्रम के संस्थापक स्वामी चिंदानंद सरस्वती जी, सांसद मनोज तिवारी, भाजपा राष्ट्रीय महासचिव दुष्यंत गौतम, के साथ कई महानुभाव उस्थित रहें। इस मौके पर स्वामी चिंदानंद ने कहा तिरंगा हमारा मान, सम्मान, और शान हैं,पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल जी के द्वारा किये गए देश के प्रति कार्यों की सरहाना करतें हुए महान सिद्धांतिक युगपुरुष बताया, वहीं विख्यात कलाकार महेश वैष्णव की कला कृतियों कि भूरी-भूरी प्रशंशा करतें हुये उनके भाई नरेंद्र वैष्णव को सम्मानित करतें हुये उनकी गोधन और कला के प्रति समर्पण भावना को देखते हुए महान कलाकार बताया। सेल्यूट तिरंगा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश झा को एक भावुक और प्रेरणादायक क्षण उस समय देखने को मिला, जब वरिष्ठ कलाकार नरेंद्र कुमार वैष्णव को उनके 45 वर्षों की सतत कला-साधना के लिए सल्यूट तिरंगा अटल तिरंगा सम्मान अवार्ड से सम्मानित किया गया।

कलाकार नरेंद्र कुमार वैष्णव, विश्व-विख्यात चित्रकार महेश वैष्णव के बड़े भाई हैं और स्वयं भी भारतीय पारंपरिक एवं भक्तिमय चित्रकला के समर्पित साधक हैं। पिछले 45 वर्षों से उन्होंने अपने जीवन को कला की तपस्या के रूप में समर्पित किया है। 26 दिसंबर को मिला अटल तिरंगा सम्मान उनके कला-साधना भरे जीवन का एक महत्वपूर्ण प्रतिफल सिद्ध हुआ।
यह उनका दूसरा प्रतिष्ठित सम्मान है। सम्मान प्राप्त करते समय वे अत्यंत भावुक दिखाई दिए और उन्होंने कहा—“देर से ही सही, पर कला की पहचान मिलना हर कलाकार के लिए सबसे बड़ा सम्मान होता है।”
इस अवसर पर उन्हें परम पूज्य स्वामी चिदानंद जी महाराज, सांसद एवं लोकप्रिय कलाकार मनोज तिवारी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों के कर-कमलों से यह सम्मान प्रदान किया गया।

नरेंद्र कुमार वैष्णव ने अपने कला-जीवन में संपूर्ण रामायण, हनुमान चालीसा जैसी भक्तिमय विषय-वस्तुओं पर निरंतर कार्य किया है और वर्षों से वे महेश वैष्णव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कला-सृजन में सक्रिय हैं। दोनों भाइयों की संयुक्त कला-यात्रा भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना को समर्पित रही है। इस अवसर पर देश भर से कलाकार,शिक्षाविद,समाजसेवी, राजनेता और आध्यात्मिक की महान विभूतिया उपस्तिथि रही।

