
कुलवंत कौर रिपोर्ट :-
दिनांक: 1 नवम्बर, 2025
दिल्ली के स्थापना दिवस पर आज दिल्ली के लाल किले पर “मेरी दिल्ली मेरा देश” – एकता में विविधता का भव्य आयोजन किया गया।
दिल्ली की संस्कृति, खानपान की विविध परंपरा और दिल्ली के गौरव का शानदार संगम दिखा एक ही स्थान पर।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने बताया की आज दिल्ली के स्थापना दिवस के अवसर पर दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली के लाल किला परिसर में “मेरी दिल्ली मेरा देश” भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में राजधानी की ऐतिहासिक धरोहर, विविध संस्कृति और एकता की भावना को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया। यह कार्यक्रम दिल्ली सरकार के शिक्षा एवं खेल विभाग तथा पर्यटन विभाग (DTTDC) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल श्री वी. के. सक्सेना, मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद तथा पर्यटन मंत्री श्री कपिल मिश्रा सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित थे।

श्री सूद ने आगे बताया की इस सांस्कृतिक संध्या का उद्देश्य दिल्ली की आत्मा — “एकता में विविधता” — को नई ऊर्जा और गौरव के साथ पुनर्जीवित करना है। “मेरी दिल्ली, मेरा देश” दिल्ली को केवल एक महानगर नहीं, बल्कि एक विचार के रूप में प्रस्तुत करता है। ऐसा विचार जो भारत की विविधता, सहअस्तित्व, नवाचार और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है।यह पहल दिल्ली के विद्यार्थियों, कलाकारों, स्वयंसेवकों और नागरिकों को यह संदेश देती है कि दिल्ली केवल दिल्लीवासियों की नहीं, बल्कि पूरे भारत की राजधानी है।
श्री सूद ने बताया की 1947 में जब पंजाब से आए लाखों परिवार टूटे मन से दिल्ली पहुँचे थे तब लाल क़िले ने उनके आँसू भी देखे थे और सरदार पटेल की वह दृढ़ता भी जिसने उन्हें यह भरोसा दिया कि ‘दिल्ली आपकी भी है।’ दिल्ली की रौनक उसकी ऊर्जा और उसका उद्यम सबमें उस पंजाबी संघर्ष की छाप है जिसे पटेल ने सुरक्षा और सम्मान दिया था। दिल्ली ने तब भी आसरा दिया था और आज भी यही शहर हर संघर्ष को गले लगाकर ताक़त में बदल देता है। यही दिल्ली की आत्मा है—आसरा देने की जोड़कर रखने की और आगे बढ़ाने की और यही हमारी असली राष्ट्रीय पहचान है जिसने भारत को एकता और साहस की राजधानी बनाया है।
शिक्षा मंत्री ने बताया की आज अगर दिल्ली विविधता को गले लगाती है। तो उसकी नींव में पटेल की दृढ़ता भी है और दिल्ली के लोगों का साहस भी।
लाल क़ि ला आज सिर्फ रोशनी में नहीं नहा रहा बल्कि दिल्ली की आत्मा में नहा रहा है। आज हम 8 राज्यों का Formation Day मना रहे हैं। पर सच कहूँ तो दिल्ली में तो हर राज्य रोज़ अपना उत्सव मनाता है। किसी न किसी तरीके से। यही हमारी विविधता में एकता है। कभी पंजाब, कभी उत्तरखंड तो कभी उड़ीसा तो कभी महाराष्ट्र का दिवस रोज दिल्ली में मनाया जाता है।
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा की इस कार्यक्रम में दिल्ली फूड फेस्टिवल एवं हेरिटेज वॉक में राजधानी की समृद्ध पाक-परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों को प्रदर्शित करने हेतु फूड फेस्टिवल एवं हेरिटेज वॉक का आयोजन किया गया । इसका उद्देश्य नागरिकों को दिल्ली के विविध खानपान से जोड़ना और स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में बहु-व्यंजन फूड कोर्ट में शिक्षा निदेशालय (DOE) के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए व्यंजन तथा दिल्ली के प्रसिद्ध खान-पान स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहें। इस नई पहल से विद्यार्थियों में उद्यमिता और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
श्री सूद ने कार्यक्रम के बारे में आगे बताया की आज दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली के विविध क्षेत्रों में दिल्ली की प्रगति और समाजसेवा में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रतिष्ठित नागरिकों को इस कार्यक्रम में सम्मानित भी किया गया।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में एक नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से “दिल्ली की यात्रा – शाहजहांनाबाद से स्मार्ट सिटी तक” में दिल्ली के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आधुनिक विकास की कहानी को दिखाया गया। मुगल काल से लेकर आज की स्मार्ट और आधुनिक, विकसित दिल्ली तक की यात्रा का सार प्रस्तुत किया गया।
श्री सूद ने यह भी बताया की इस पहली बार हो रहे कार्यक्रम में लाल किले की दीवारों पर आकर्षक प्रोजेक्शन मैपिंग शो के माध्यम से दिल्ली के इतिहास, सभ्यता और गौरव को रोशनी और ध्वनि के शानदार संयोजन के द्वारा प्रस्तुत किया गया। साथ ही
कार्यक्रम का समापन प्रसिद्ध गायक बी प्राक के लाइव म्यूज़िकल कॉन्सर्ट से किया गया। देशभक्ति और एकता के सुरों ने इस शाम को यादगार बना दिया।
श्री सूद ने यह भी कहा की पिछले 25 सालों में किसी भी सरकार ने दिल्ली की स्थापना दिवस पर इस प्रकार का भव्य कार्यक्रम नहीं किया था। यह हमारी सरकार की सोच और दिल्ली के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि हमने इस परी पाटी को तोड़कर पहली बार दिल्ली के लाल किले के ऐतिहासिक परिसर में दिल्ली की विविधता, एकता, संस्कृति, खान पान, लोकपरम्परा, इतिहास आदि को दर्शाने वाला एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम की सराहना न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देशवासियों ने भी की है।
