चुनाव आयोग की मनमानी से अटके कई सालों से राजनितिक पार्टियों का रजिस्ट्रेशन।

चुनाव आयोग नहीं कर रहा राजनितिक पार्टियों का रजिस्ट्रेशन, कई कई वर्षो से फाइले अटकी पड़ी है।

नई राजनैतिक पार्टियों का रजिस्ट्रेशन कई सालों से अटका पड़ा, चुनाव आयोग के पास जवाब नहीं।

नई दिल्ली : इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया, भारत सरकार न मालूम किस वज़ह से गत कई वर्षो से चुनाव आयोग मे रजिस्ट्रेशन के लिए दाखिल हजारों राजनैतिक पार्टियों का रजिस्ट्रेशन बिना किसी कारण बताया रोक रखा है, इसमें कई पार्टी के सर्वेसर्वा कोर्ट मे भी अपील लगा चुके है मान्य कोर्ट द्वारा इस पर विचार करने का आदेश भी जारी कर चूका है लेकिन चुनाव आयोग पर इसका भी कोई असर दिखाई नहीं देता, आज भी सेकड़ों अपील करता पार्टी रजिस्ट्रेशन के लिए लगातार कार्यालय मे चक्कर लगा रहें है।
बता दें कि चुनाव लड़ने वाली राजनैतिक पार्टियों क़ो चुनाव आयोग मे रजिस्ट्रेशन करवाना अति आवश्यक होता है,(लोक प्रतिनिधि अधिनियम-1951/धारा 29के) चुनाव लड़ने वाली पार्टियों क़ो सिम्बल देने का अधिकार भी चुनाव आयोग क़ो होता है।
वैसे तो देश मे लाखों पार्टियां रजिस्टर है लेकिन उनमे से चुनाव कुछ हजार पार्टियां ही लड़ती है, अभी हाल ही मे करीब 345 राजनीतिक पार्टियों के पंजीकरण रद्द कर दिए है जो कई सालों से चुनाव नहीं लड़ने और अपना लेखाजोखा भी जमा नहीं करवाने पर उन्हें नोटिस भी दिया गया था।
एक पार्टी अध्यक्ष ने नाम न छापने कि शर्त पर बताया कि हमने 2022 मे रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दिया था लेकिन कई बार दस्तावेजों की कमी दिखा कर बार-बार तंग किया गया अब जब सभी दस्तावेज पुरे हो गये फिर भी गत एक वर्ष से कोई सुचना नहीं मिल रही, हमने जानकारी के लिए कई बार आयोग से पत्र व्यवहार भी किया लेकिन कोई जानकारी चुनाव आयोग नहीं दे रहा, केवल व्यस्तता का हवाला देकर मामले क़ो लटकता जा रहा है।

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