• दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने आज कॉलेज ऑफ आर्ट्स के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया ।

• क्रिएटिविटी भारत की विकास यात्रा का प्रमुख स्तंभ — शिक्षा मंत्री

• जैसे-जैसे भारत, विकसित भारत – 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, क्रिएटिव इकॉनमी हमारी सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभर रही है — श्री सूद

दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने आज कॉलेज ऑफ आर्ट्स के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया । इस अवसर पर दिल्ली के शिक्षा सचिव, कॉलेज के प्रिंसिपल तथा छात्र-छात्राएं भी उपस्थित थी ।
दीक्षांत समारोह में डिग्री प्राप्त करने वाले छात्र और छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा श्री सूद ने कहा कि आज Convocation Ceremony नहीं है यह Celebration है आपकी मेहनत का, आपकी कल्पनाशक्ति का और आपकी अदम्य रचनात्मकता का । आपने सिद्ध किया है कि कठिन परिश्रम और समर्पण हमेशा सफलता की ओर ले जाते हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि क्रिएटिविटी सभ्यता की ऑक्सीजन है हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी अक्सर कहते हैं कि जिस राष्ट्र में क्रिएटिविटी फले-फूले, वही राष्ट्र विश्व में Vishwaguru बनता है। प्रधानमंत्री जी ने Content, Creativity और Culture को भारत की विकास यात्रा के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ बताया है जिसे वे Orange Economy कहते हैं। और इस Orange Economy के सबसे महत्वपूर्ण वाहक आप हैं । आज के Artists, Designers, Sculptors, Photographers, Illustrators और भविष्य के Creative Leaders ।
श्री सूद ने कहा कि Crafts की बुनियाद पाँच तत्वों पर आधारित है –Material, Process, Function, Aesthetic, Concept । वही पाँच तत्व जो आपकी Creative Practice को दिशा देते हैं। कला या कला-संग्रहण किसी एक क्षण का निर्णय नहीं यह एक Lifelong Journey है। हर Artwork एक Portal है किसी भावना की ओर, किसी शहर की ओर, किसी परंपरा की ओर, किसी स्मृति की ओर।

उन्होंने इस बात पर गर्व व्यक्त किया कि 1942 में स्थापित कॉलेज ऑफ आर्ट्स ने दशकों से भारतीय कला जगत को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। बीएफए, एमएफए से लेकर अब पीएचडी कार्यक्रम तक यह संस्थान केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि एक सशक्त इमैजिनेशन इकोसिस्टम तैयार कर रहा है।

श्री सूद ने कहा कि आज की तेज़, डिजिटल और ध्यान भटकाने वाली दुनिया में कला हमें फिर से केंद्रित और एकाग्र रखती है। दशकों तक भारतीय कला और शिल्प वैश्विक बाज़ारों से कटे रहे। इस दूरी ने हमारे कलाकारों को अपनी पूरी क्षमता तक पहुँचने से रोके रखा। अब इस अंतर को मिटाने का समय आ गया है और यह महत्वपूर्ण कार्य आप सभी मिलकर करेंगे। जैसे-जैसे भारत विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, क्रिएटिव इकॉनमी हमारी सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभर रही है। आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण में हमारे कलाकारों, डिजाइनरों और क्रिएटर्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

Delhi 2047 के दृष्टिकोण पर बात करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि आपकी Creative Confidence ही भारत की Cultural Confidence बनेगी। आपकी Imagination ही भारत की Soft Power को मज़बूती देगी। आपके Ideas ही भारत की वैश्विक पहचान को नई दिशा देंगे। आपकी रचनात्मकता भारत को आर्थिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक हर दृष्टि से नई ऊँचाइयों तक ले जाए। आइए, मिलकर एक विकसित, आत्मनिर्भर और विश्वगुरु भारत के निर्माण की ओर आगे बढ़ें।

शिक्षा मंत्री ने कॉलेज के प्राचार्य, उनकी टीम एवं संकाय सदस्यों को उत्कृष्ट कार्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार कला, संस्कृति और रचनात्मक शिक्षा को निरंतर प्रोत्साहन देती रहेगी।
दीक्षांत समारोह के अवसर पर बैचलर ऑफ़ फाइन आर्ट्स ( ग्रेजुएशन) के लिए 227 बच्चों को और मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स (पोस्ट ग्रेजुएशन) के लिए 47 बच्चों को डिग्री दी गई । इसके अलावा तीन स्पेशल बच्चों (दो ग्रेजुएशन के लिए और एक पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए) को भी डिग्री प्रदान की गई।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top