आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम: कैट–रसना एमओयू से मजबूत होगा स्वदेशी व्यापार।

भारतीय ब्रांड को देश और दुनिया का बड़ा ब्रांड बनाने के मोदी के विज़न को आगे बढ़ाएगा कैट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत तथा वोकल फॉर लोकल – लोकल टू ग्लोबल के विज़न को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए आज नई दिल्ली में रसना के साथ एक समझौता (एमओयू) किया। यह समझौता भारतीय उत्पादों और ब्रांडों को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाने तथा स्वदेशी व्यापार को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह साझेदारी कैट द्वारा आयोजित होने जा रहे आगामी भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 के संदर्भ में उद्योग और व्यापार जगत के बीच सहयोग को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगी।

इस समझौते पर कैट की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया, पिरूज़ खंबट्टा रसना ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक तथा टेक्नोलॉजी कंपनी आई पॉइंट वेंचर्स के सीईओ राजीव मलिक ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद और कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इस समझौते के अंतर्गत रसना प्राइवेट लिमिटेड, कैट और आई पॉइंट वेंचर्स प्रा. लि. के बीच पारस्परिक सहयोग के माध्यम से व्यापार विस्तार, डिजिटल समाधान, स्किल डेवलपमेंट, प्रशिक्षण, टेम्पिंग, माइक्रो एंटरप्राइज इनक्यूबेशन, एडवोकेसी और सपोर्ट जैसे विभिन्न क्षेत्रों में संयुक्त रूप से कार्य किया जाएगा

इस साझेदारी का प्रमुख उद्देश्य रसना के बेवरेज और संबद्ध व्यवसायों का देश और विदेश में विस्तार करना है। इसके लिए कैट के माध्यम से देशभर के हजारों व्यापारिक संगठनों के सहयोग से गाँवों और कस्बों तक व्यापार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

कैट द्वारा आयोजित भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 का आयोजन 1 से 4 मई 2026 तक भारत मण्डपम, नई दिल्ली में किया जाएगा। यह महोत्सव भारत की विनिर्माण क्षमता, एमएसएमई शक्ति, नवाचार, रिटेल विस्तार और निर्यात संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

इस अवसर पर सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विज़न के तहत यह समझौता स्वदेशी उत्पादों को वैश्विक बाजार में सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत को केवल एक बड़े उपभोक्ता बाजार के रूप में देखती है, लेकिन भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 के माध्यम से यह धारणा बदलेगी और भारत एक सशक्त उत्पादक और निर्यातक राष्ट्र के रूप में उभरेगा।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया ने कहा कि कैट हमेशा से भारतीय रिटेल व्यापार को सशक्त बनाने के लिए कार्य करता रहा है। भारतीय व्यापार महोत्सव 2026 निश्चित रूप से भारतीय उत्पादों के प्रति वैश्विक धारणा को बदलेगा और उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाएगा।

रसना ग्रुप के चेयरमैन पिरूज़ खंबट्टा रासना समूह के चेयरमैन ने कहा कि रासना और कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स संयुक्त रूप से एक भारतीय B2B डिजिटल पोर्टल लॉन्च करेंगे, जिसके माध्यम से देशभर के रिटेलर ऑनलाइन ऑर्डर दे सकेंगे। यह पोर्टल लोकल टू ग्लोबल की भावना को साकार करेगा और भारतीय उत्पादों को सीधे व्यापारिक नेटवर्क से जोड़ते हुए उनके विस्तार को गति देगा। रासना, एक मेक इन इंडिया ब्रांड के रूप में, भारतीय एफएमसीजी व्यापार के सशक्त स्तंभ कैट तथा उससे जुड़े सदस्यों के साथ इस तरह की पहली पहल करते हुए प्रसन्नता व्यक्त करता है। इस व्यवस्था के तहत रासना, कैट के सदस्यों को विश्वस्तरीय रासना उत्पाद समय पर और सर्वोत्तम कीमतों पर उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाएगा—ऐसी कीमतें जो किसी भी अन्य प्लेटफॉर्म, यहां तक कि बहुराष्ट्रीय कंपनियों के प्लेटफॉर्म से भी बेहतर होंगी।
अब समय आ गया है कि भारतीय कंपनियां ऐसे समझौतों के माध्यम से भारतीय व्यापार का समर्थन करें, और रासना इस पहल का अग्रदूत है। मुझे विश्वास है कि यह भविष्य में अन्य भारतीय कंपनियों के साथ कैट के लिए नए अवसरों की खिड़की खोलेगा। मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नई पीढ़ी के जीएसटी सुधारों के लिए आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने एफएमसीजी व्यवसाय को नई ऊर्जा प्रदान की है। अब एफएमसीजी क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए रासना और कैट जैसी साझेदारियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
मैं मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के उनके विजन के लिए भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद करता हूं, और इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए रासना ने यह पहल की है। मैं प्रवीन खंडेलवाल का भी धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने हमें इस तरह के पहले MoU को संपन्न करने का अवसर प्रदान किया।

इस समझौते के अंतर्गत तीनों संस्थान संयुक्त रूप से भारत और विदेशों में बड़े स्तर पर व्यापार विस्तार, डिजिटल टेक्नोलॉजी आधारित व्यापार समाधान, स्किल डेवलपमेंट, प्रशिक्षण और माइक्रो एंटरप्राइज इनक्यूबेशन जैसे क्षेत्रों में कार्य करते हुए एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करेंगे और रोजगार के नए अवसर सृजित करेंगे।

कैट–रसना समझौता उद्योग और व्यापारिक समुदाय के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक है और एक सशक्त स्वदेशी अर्थव्यवस्था के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल न केवल भारतीय व्यापार को नई ऊर्जा देगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल के रूप में स्थापित होगी।

इसी प्रकार कैट निकट भविष्य में अनेक भारतीय उत्पाद एवं सेवा क्षेत्रों के साथ भी ऐसे समझौते करेगा, जिससे देश के एमएसएमई सेक्टर को सशक्त बनाते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख चालक बनाया जा सके।

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