योगी आदित्यनाथ ने अक्षय पात्र की अत्याधुनिक रसोई का किया उद्घाटन


प्रतिदिन एक लाख भोजन तैयार करने में सक्षम रसोई से पीएम पोषण योजना के तहत हजारों बच्चों को मिलेगा पौष्टिक भोजन

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में अक्षय पात्र फाउंडेशन की अत्याधुनिक केंद्रीकृत रसोई का उद्घाटन किया। प्रतिदिन एक लाख भोजन तैयार करने की क्षमता वाली यह रसोई पीएम पोषण योजना के तहत सरकारी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के बच्चों को स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराएगी। अक्षय पात्र फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व सह-संस्थापक एवं उपाध्यक्ष श्री चंचलपति दास तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ट्रस्टी श्री भरतर्षभ दास ने किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बच्चों को स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना कुपोषण के खिलाफ सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता का आधार उसकी स्वच्छता है और अक्षय पात्र की यह रसोई आधुनिक तकनीक, उच्च स्वच्छता मानकों तथा कुशल वितरण व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस रसोई के माध्यम से प्रतिदिन एक लाख बच्चों तक पौष्टिक भोजन पहुंचाने का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सुपोषित भारत’ के विजन को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इसके लिए अक्षय पात्र फाउंडेशन को बधाई दी।

अक्षय पात्र फाउंडेशन के सह-संस्थापक चंचलपति दास ने कहा कि गोरखपुर की यह रसोई सार्वजनिक-निजी भागीदारी की सफलता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा भूख के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि हम उत्तर प्रदेश सरकार तथा श्री सोमा शेखर के सहयोग एवं विश्वास के लिए अत्यंत आभारी हैं। हम मिलकर बाल पोषण को सुदृढ़ कर रहे हैं, शिक्षा का समर्थन कर रहे हैं तथा एक सुपोषित, सुशिक्षित और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।

आधुनिक तकनीक और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

करीब 2.5 एकड़ क्षेत्र में निर्मित यह अत्याधुनिक रसोई गैस एवं स्टीम आधारित हाइब्रिड प्रणाली से संचालित होगी। भोजन वितरण के लिए 23 इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया जाएगा। रसोई में 160 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र, वर्षा जल संचयन प्रणाली तथा दो लाख लीटर क्षमता का अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र स्थापित किया गया है। इसके अतिरिक्त दो स्वचालित रोटी निर्माण मशीनें प्रति घंटे लगभग 40 हजार रोटियां तैयार करने में सक्षम हैं। दूसरे चरण में यहां बायोगैस संयंत्र भी स्थापित किया जाएगा।

देश के सबसे बड़े स्कूल भोजन नेटवर्कों में शामिल

वर्ष 2000 में स्थापित अक्षय पात्र फाउंडेशन आज देश के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी-संचालित सामुदायिक रसोई नेटवर्कों में से एक का संचालन करता है। फाउंडेशन वर्तमान में 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में 25,000 से अधिक विद्यालयों एवं आंगनवाड़ियों के लगभग 23.5 लाख लाभार्थियों तक प्रतिदिन पौष्टिक भोजन पहुंचा रहा है।

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