उत्तराखंड, कर्णप्रयाग गुरूद्वारे मे हुई सिखों के साथ अभद्रता से सिखों मे व्यापक रोष।

नई दिल्ली, 22 जून: गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब से लौट रहे निहंग सिंहों के साथ कर्णप्रयाग में हुई मारपीट और उसके बाद पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के खिलाफ सिख पंथ में भारी रोष व्याप्त है। इस मामले को लेकर शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली इकाई) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने आज बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ उत्तराखंड के रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा से मुलाकात कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कर्णप्रयाग घटना के दौरान निहंग सिंहों ने अपनी आत्मरक्षा के लिए शस्त्रों का उपयोग किया था, लेकिन पुलिस ने पहले मामला आपसी सहमति से सुलझाने का भरोसा देने के बावजूद उन पर गंभीर धाराएं लगाकर अत्याचार किया और उन्हें जेल भेज दिया।

सरना ने पत्र में कहा कि सिख श्रद्धालुओं के साथ कथित पुलिस ज्यादतियों, सार्वजनिक अपमान और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले व्यवहार की रिपोर्टें सामने आई हैं, जिनकी तत्काल और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि कृपाण सिख धर्म का पवित्र अंग है और उसे संविधान द्वारा संरक्षण प्राप्त है।

अकाली दल (दिल्ली इकाई) ने उत्तराखंड सरकार के समक्ष पांच प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें दोषी पुलिस कर्मियों की उच्च स्तरीय जांच, सिख श्रद्धालुओं के साथ भेदभाव रोकना, धार्मिक प्रतीकों के संबंध में पुलिस को निर्देश जारी करना तथा हेमकुंट साहिब यात्रियों के लिए विशेष शिकायत निवारण प्रणाली स्थापित करना शामिल है।

मुलाकात के दौरान रेजिडेंट कमिश्नर अजय मिश्रा ने प्रतिनिधिमंडल की बात ध्यानपूर्वक सुनते हुए आश्वासन दिया कि यह मामला मुख्यमंत्री और डीजीपी के संज्ञान में लाया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर निहंग सिंहों को न्याय दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।

इस अवसर पर सरदार मंजीत सिंह जीके, सरदार परमजीत सिंह राणा, सरदार करतार सिंह विक्की चावला, पार्टी प्रवक्ता सरदार परमजीत सिंह वीरजी, सरदार परमजीत सिंह खुराना, सरदार तजिंदर सिंह गोपा सहित बड़ी संख्या में पार्टी सदस्य और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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