उत्तराखंड के मुख्यमंत्री,को पत्र लिख उत्तराखंड में सिखों के साथ हुई अभद्रता पर दुख जताया :सरना।

कुलवंत कौर रिपोर्ट :-

नई दिल्ली :हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान सिख श्रद्धालुओं के साथ कथित पुलिस ज्यादतियों एवं उत्पीड़न के संबंध में शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के प्रधान सरदार परमजीत सिंह सरना ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री मान्य धामी को पत्र लिख कर चिंता जाहीर करतें हुए सख्त कार्यवाही की मांग की है।
शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली इकाई) के अध्यक्ष सरना ने पत्र में लिख कर उत्तराखंड में श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा पर आने-जाने वाले सिख श्रद्धालुओं के साथ किए जा रहे व्यवहार के संबंध में सामने आ रही रिपोर्टों की ओर आकर्षित करतें हुए लिखा की यह गंभीर चिंता का विषय है जातियों भेदभाव के चलते सिखों के साथ पुलिस द्वारा अभद्रता करना कानून के साथ खिलवाड़ है ।

उन्होंने लिख दशकों से लाखों सिख श्रद्धालु पूर्ण श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ इस पवित्र यात्रा को संपन्न करते आ रहे हैं। स्थानीय लोगों और सिख यात्रियों के बीच सदैव आपसी सम्मान और भाईचारे का संबंध रहा है। इसलिए कर्णप्रयाग क्षेत्र में हुई हालिया घटनाओं के बाद सिख श्रद्धालुओं के साथ पुलिस द्वारा कथित रूप से की जा रही ज्यादतियों, अपमानजनक व्यवहार तथा पक्षपातपूर्ण रवैये से संबंधित सामने आ रही रिपोर्टें एवं वीडियो अत्यंत दुखद हैं।
विशेष रूप से यह आरोप अत्यंत चिंताजनक हैं कि कुछ सिख युवकों पर निष्पक्ष एवं न्यायोचित जांच के बिना गंभीर धाराएँ लगाई गईं, हिरासत के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया तथा उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, जिससे सिख धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। सिख धर्म के पवित्र ककारों के साथ किए गए व्यवहार के संबंध में सामने आई रिपोर्टों ने भारत और विदेशों में बसे सिख समुदाय के भीतर गहरी पीड़ा और चिंता उत्पन्न की है। इन आरोपों की तत्काल एवं स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
सिख कृपाण कोई सामान्य वस्तु नहीं है, बल्कि यह सिख धर्म का एक पवित्र ककार है, जिसे भारत के संविधान के अंतर्गत संरक्षण प्राप्त है। इस तथ्य की अनदेखी करने वाली कोई भी कार्रवाई न केवल व्यक्तिगत श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करती है, बल्कि समाज में अनावश्यक तनाव भी उत्पन्न कर सकती है।हम आपकी सरकार से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि इस घटना में शामिल पुलिस कर्मियों के व्यवहार की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच के आदेश दिए जाएँ। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी सिख श्रद्धालु को उसकी धार्मिक पहचान के आधार पर उत्पीड़न, अपमान अथवा भेदभाव का सामना न करना पड़े। कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को सिख धर्म के पवित्र ककारों के धार्मिक महत्व के संबंध में उपयुक्त दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ।वहीं,. हेमकुंड साहिब यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक समर्पित शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाए।
सिख प्रतिनिधि संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया जाए।
सरना ने बताया कि शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली इकाई) का मानना है कि उत्तराखंड, जो करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, ऐसी भूमि बना रहना चाहिए जहाँ प्रत्येक धर्म के श्रद्धालु स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करें।
हमें विश्वास है कि आपकी सरकार सिख श्रद्धालुओं का विश्वास पुनः स्थापित करने तथा धार्मिक स्वतंत्रता एवं कानून के समक्ष समानता जैसे संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हेतु त्वरित एवं प्रभावी कदम उठाएगी।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top