कॉइनस्विच ने अपनी छठी ‘प्रूफ ऑफ रिजर्व’ रिपोर्ट जारी की, ग्राहकों की कुल जमा राशि से ₹613 करोड़ अधिक का सरप्लस (अतिरिक्त फंड) बरकरार रखा।


स्वतंत्र जांच में पुष्टि हुई कि कंपनी के पास ग्राहकों की जमा राशि के मुकाबले 3 गुना ज्यादा कैश (INR) और 1.2 गुना ज्यादा क्रिप्टो (VDA) एसेट्स सुरक्षित हैं।


भारत, 25 मई, 2026: 2.5 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के साथ भारत के सबसे बड़े क्रिप्टो ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग प्लेटफॉर्म, कॉइनस्विच (CoinSwitch) ने आज अपनी छठी ‘प्रूफ ऑफ रिजर्व’ (POR) रिपोर्ट जारी की। यह रिपोर्ट पारदर्शिता (transparency), मजबूत कैश बैकअप और ग्राहकों के पैसों की सुरक्षा के प्रति कंपनी के भरोसे को और मजबूत करती है।
एक स्वतंत्र जांच (बाहरी एक्सपर्ट्स द्वारा की गई ऑडिट) में पुष्टि हुई है कि कॉइनस्विच के पास मौजूद कुल क्रिप्टो (VDA) और कैश (INR) का बैकअप, हर साल ग्राहकों की जमा राशि से बहुत ज्यादा रहता है। 31 मार्च, 2026 तक, ग्राहकों के ₹1,747.25 करोड़ के मुकाबले कॉइनस्विच के पास कुल ₹2,360.33 करोड़ का बैकअप मौजूद था। इसका मतलब है कि कंपनी के पास ग्राहकों के पैसों से ₹613.08 करोड़ ज्यादा (सरप्लस) सुरक्षित हैं।

इस नई रिपोर्ट से एक बार फिर साफ हो गया है कि कॉइनस्विच न केवल ग्राहकों के क्रिप्टो और कैश (INR) का पूरा बैकअप (1:1 का रेशियो) रखता है, बल्कि उससे कहीं ज्यादा फंड सुरक्षित रखता है। इससे यह पक्का होता है कि यूजर्स जब चाहें, अपना पूरा पैसा और क्रिप्टो बिना किसी रुकावट के निकाल सकते हैं।

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कॉइनस्विच के पास कैश (भारतीय रुपये) का बहुत मजबूत बैकअप है। ग्राहकों के जमा किए गए ₹73.83 करोड़ के मुकाबले, कंपनी ने अपने पार्टनर बैंकों और पेमेंट खातों में ₹219.75 करोड़ सुरक्षित रखे हैं। इसका मतलब है कि ग्राहकों के हर ₹1 के बदले कंपनी के पास लगभग ₹3 (2.97 गुना) का कैश बैकअप मौजूद है।

कॉइनस्विच के को-फाउंडर (सह-संस्थापक) आशीष सिंघल ने कहा, “क्रिप्टो में भरोसा सिर्फ बातों से नहीं, बल्कि लगातार पारदर्शिता (ईमानदारी) दिखाने और जोखिमों को सही तरीके से संभालने से बनता है। जैसे-जैसे दुनिया भर में नियम बदल रहे हैं, यूजर्स अब यह साफ-साफ जानना चाहते हैं कि प्लेटफॉर्म उनके पैसों को कैसे सुरक्षित रखते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव के समय कैश का इंतजाम कैसे करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “अपनी छठी ‘प्रूफ ऑफ रिजर्व’ रिपोर्ट के जरिए हम इसी सीधे नियम को और मजबूत कर रहे हैं कि ग्राहकों का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और हमारा बैकअप हमेशा ग्राहकों की जमा राशि से काफी ज्यादा रहता है। हालांकि इस साल बाजार के उतार-चढ़ाव (मार्केट मूवमेंट) की वजह से कुल वैल्यूएशन (कीमत) पर असर पड़ा, लेकिन इसके बावजूद प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों की क्रिप्टो और कैश की कुल मात्रा (क्वांटिटी) पिछली रिपोर्ट के मुकाबले 12.44% बढ़ी है। यह दिखाता है कि निवेशकों का भरोसा हम पर लगातार बना हुआ है।”

यह जांच 31 मार्च, 2026 तक ‘इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया’ (ICAI) द्वारा तय किए गए नियमों और मानकों (SRS 4400) के अनुसार की गई थी।
इस ‘प्रूफ ऑफ रिजर्व’ (POR) जांच में निम्नलिखित बातें साफ हुई हैं:

  • ग्राहकों के कुल ₹1,747.25 करोड़ के मुकाबले कंपनी के पास कुल ₹2,360.33 करोड़ का बैकअप मौजूद है।
  • ग्राहकों की ₹1,673.41 करोड़ की क्रिप्टो के मुकाबले कंपनी के पास ₹2,140.58 करोड़ के क्रिप्टो एसेट्स सुरक्षित हैं।
  • ग्राहकों के जमा किए गए ₹73.83 करोड़ के मुकाबले पार्टनर बैंकों और पेमेंट खातों में ₹219.75 करोड़ का कैश मौजूद है।
  • इस प्लेटफॉर्म पर बिटकॉइन (BTC) सबसे बड़ा क्रिप्टो एसेट है, जो कुल क्रिप्टो होल्डिंग्स का 40.62% है। इसके बाद दूसरे नंबर पर इथेरियम (ETH) है, जो 10.38% है।

कॉइनस्विच भारत में ‘प्रूफ ऑफ रिजर्व’ (POR) रिपोर्ट जारी करने वाली पहली कंपनी है। यह आज भी अपने वॉलेट एड्रेस (Wallet Addresses) को सबके सामने शेयर करती है, ताकि कोई भी यूजर खुद इंटरनेट (ब्लॉकचेन एक्सप्लोरर) पर जाकर यह चेक कर सके कि कंपनी के पास उसका क्रिप्टो सुरक्षित है या नहीं।

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