
शिक्षकों और परिजनों ने दोनों पक्षों के नार्को टेस्ट की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
-लोक निवास पहुंच सैंकड़ों अभिभावक व शिक्षकों ने किया प्रदर्शन, आज सीएम से उनके आवास पर करेंगे मुलाकात
नई दिल्ली। जनकपुरी स्थित एक निजी स्कूल में 3 साल की मासूम के साथ कथित दुष्कर्म मामले में नार्को टेस्ट की मांग को लेकर सोमवार को स्कूल के सैकड़ों अभिभावक व तमाम शिक्षक एकजुट हुए। इस दौरान गिरफ्तार महिला शिक्षिका के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों का आरोप है कि मामले के राजनीतिकरण के कारण 15 दिन बाद एक महिला शिक्षिका को गलत तरीके से फंसाया गया है और गिरफ्तार किया गया है। स्कूल के शिक्षकों ने मामले में निष्पक्ष जांच के लिए दोनों पक्षों के नार्को टेस्ट की मांग की। यानि उनका यह कहना था कि महिला शिक्षक, केयरटेकर व दूसरी तरफ पीड़ित बच्ची के माता-पिता का भी नार्को टेस्ट होना चाहिए। इससे दूध का दूध व पानी का पानी हो सके। सोमवार को सैकड़ों अभिभावक व स्कूल के सभी शिक्षक लोक निवास पहुंचे और प्रदर्शन किया। मामले में मुख्य आरोपी के परिजनों ने भी लोक निवास से हस्तक्षेप करने का आग्रह करते हुए पत्र लिखा है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू को लिखे गये पत्र में निष्पक्ष, तटस्थ और साक्ष्य-आधारित जांच सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। पत्र में मुकदमे की समाप्ति से पहले व्यापक मीडिया कवरेज और सार्वजनिक धारणाओं के कारण हो रही भारी मानहानि, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक क्षति को भी ध्यान में रखकर निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच किये जाने का आग्रह किया गया है। उनका कहना है कि वह इस मुद्दे को लेकर आज मंगलवार को अभिभावक व शिक्षक मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास जाएंगे और अपनी बातों को रखेंगे।

