हैदराबाद में ऐतिहासिक गुरुद्वारे के ढांचे को गिराए जाने और ज़मीन को बचाने की अपील :.सरना।

तेलंगाना सरकार से इस विषय पर जल्द निर्णय लेने को मुख्यमंत्री को लिख पत्र

नई दिल्ली,: तेलेगाना सरकार से हैदराबाद में गुरुद्वारा बाराम्बाला साहिब से जुड़ी ज़मीन के चारों ओर सुरक्षा बाड़ गिराए जाने पर गंभीर चिंता जताते हुए शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के अध्यक्ष सरदार परमाजीत सरना ने दुख प्रकट करतें हुये उन्होंने तेलंगाना सरकार से कोर्ट के आदेशों और इलाके में सिख समुदाय की लंबे समय से मौजूदगी का सम्मान करने की अपील की है।

प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सरना ने कहा कि यह विवाद अट्टापुर में सिख कैंटोनमेंट की ज़मीन से जुड़ा है, जहाँ सिख समुदाय 1832 से मौजूद है वहीं आज भी 12सौ सिख परिवार वहां रहता आ रहा हैं जिसे तत्काल निज़ाम के महाराजा रणजीत सिंह से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मांगने के बाद सिख सैनिकों को हैदराबाद में तैनात किया गया था। बाद में यह बस्ती उन सिख सैनिकों के वंशजों का घर बन गई।
सरना ने कहा कि ज़िला अधिकारियों किये गए सर्वे मे सरकार ने माना था कि सिख समुदाय लगभग दो सदियों से इस ज़मीन पर रह रहा है। अधिकारियों की सौंपी गई रिपोर्ट में सिफारिश की गई थी कि रिहायशी प्लॉट को मामूली कीमत पर रेगुलराइज़ किया जाए और धार्मिक और पढ़ाई-लिखाई के कामों के लिए इस्तेमाल होने वाली ज़मीन संबंधित संस्थानों को मुफ़्त में दी जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना हाई कोर्ट ने अधिकारियों को ज़मीन को रेगुलराइज़ कर सिख समुदाय के शांतिपूर्ण कब्ज़ा दिए जाना था। इसके बावजूद, स्थानीय अधिकारियों और पुलिस ने कथित तौर पर 15 मार्च को निशान साहिब के पास लगभग 6,044 वर्ग गज ज़मीन के एक हिस्से के चारों ओर लगी कच्ची बाड़ को गिरा दिया।सरना का कहना हैं कि स्थानीय
गुरुद्वारा कमेटी के रिप्रेजेंटेशन के मुताबिक,यह बाड़ असामाजिक तत्वों को रोकने और धार्मिक जगह की पवित्रता की रक्षा के लिए लगाई गई थी।

सरना ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी से दखल देने की मांग की। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि अधिकारी समुदाय के ज़मीन के कब्ज़े में दखल न दें और बाड़ को ठीक करें, साथ ही प्रॉपर्टी को रेगुलर करने के लंबे समय से रुके हुए प्रोसेस में तेज़ी लाएं।

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