
भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के नेतृत्व में आज प्रदेश भर से जाट धर्मशाला, हाँसी में एकजुट हुए किसानों ने बिजली की हाईटेंशन लाइनों का उचित मुआवज़ा दिए जाने के लिए वर्तमान में लागू पॉलिसी में व्यापक बदलाव के लिए व भारी बरसात, बाढ़, जलभराव से खरीफ़ 2025 की ख़राब हुई फसलों, मकानों व पशुधन के मुआवज़े के लिए जाट धर्मशाला से जिला सचिवालय तक पैदल मार्च व प्रदर्शन करके सचिवालय में SDM को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर व प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम माँगपत्र सौंपा। किसान नेता अभिमन्यु कौहाड़ ने कहा कि किसानों की लंबे समय से मांग रही है की बिजली की हाई टेंशन लाइनों के लिए उचित मुआवजा दिया जाए, इसके लिए किसानों ने कई आंदोलन भी किए, किसानों की माँगों पर संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार ने उपरोक्त विषय में मुआवजा हेतु सही दिशा में काम करते हुए अपेक्षाकृत बेहतर कानून बनाया जिसमें प्रावधान किया गया कि बिजली के खंबों के नीचे के क्षेत्र के कलेक्टर रेट या मार्केट वैल्यू में से जो भी ज़्यादा होगा उसका 200% एवं तारों के नीचे के क्षेत्र के कलेक्टर रेट मार्केट वैल्यू का 30% 45% या 60% मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। इसी विषय में केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने अतिरिक्त गाइडलाइंस जारी करते हुए मार्केट वैल्यू निकालने का बेहतर फार्मूला दिया जिसमें तीन मूल्यांकन कर्ता लगाने की बात कही गई है। मुआवजे की उपरोक्त प्रणाली में सुधार की काफ़ी गुंजाइश है और इस विषय में किसानों की बहुत सी मांगे हैं जिनमें से मुख्य मांगो में बिजली लाइनों को स्थापित करने वाली कंपनियां को राज्य सरकार द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करते हुए बिना मुआवजा दिए किसानों के खेतों में काम शुरू न करने बारे में राज्य सरकार द्वारा विशेष निर्देश देते हुए आदेश जारी करने; राजस्थान की तर्ज पर हाई टेंशन लाइनों के मामले में खंबे के नीचे के क्षेत्र का 200% की बजाय 400% मुआवजा दिए जाने; केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस के मुताबिक मार्केट वैल्यू निकालने के फार्मूले में अंतरराज्यीय बिजली लाइनों की तरह एक ही राज्य की सीमा के भीतर तक सीमित हाई टेंशन बिजली लाइनों के लिए तीन मूल्यांकनकर्ता नियुक्त किये जाने का फार्मूला लागू करने व तारों के नीचे के क्षेत्र का मुआवजा ग्रामीण इलाकों में भी मार्केट वैल्यू या कलेक्टर रेट का 60% करने जैसी मुख्य माँगें शामिल हैं।
इसके अलावा किसानों ने माँग की कि खरीफ़ 2025 की बाढ़, जल भराव, अतिवृष्टि से खराब हुई फ़सलों, क्षतिग्रस्त मकानो व पशुधन को हुए नुकसान का मुआवजा राज्य सरकार अपने वादे के मुताबिक तुरंत जारी करे। राज्य के महज तीन-चार प्रतिशत किसानों, मजदूरों को ही मुआवजा दिया गया है वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है, सभी पीड़ित किसानों को मुआवज़ा जारी हो।

इस अवसर पर मौजूद किसानों में होशियार सिंह गिल, हर्षदीप गिल, दशरथ मलिक, बलवान लोहान, शमशेर सिंह तितरम कैथल, राजू खरड़, बेदी दहिया सोनीपत, दिलबाग सिंह पानीपत, शमशेर पूनिया पानीपत, मनोज जागलान पानीपत, सुरेश पानू जींद, जगतार सिंह फ़तेहाबाद, रविंदर जाखड़ भिवानी, अनिल बेनीवाल, फ़ूल सिंह बरसोला, जगबीर ढंडेरी, कृष्ण देपल, रोहताश डाटा, राजेश शर्मा, कैलाश उमरा, काला गामड़ा, मुकेश मलिक, राजीव मलिक, जगबीर माजरा, अमन बूरा, प्रदीप बामल, रणधीर बामल, जयपाल सिंधू, मांगेराम भाकर, सुनील सिहाग, दीपक पेटवाड़ आदि मौजूद रहे।

