दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने साहिब-ए-कमाल गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व को समर्पित भव्य नगर कीर्तन सजाया।

कुलवंत कौर रिपोर्ट:-
गुरु साहिब ने खालसा की साजना कर दुनिया को एक मार्शल कौम दी: कालका, काहलों।

नई दिल्ली:दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा सर्वंसदानी साहिब-ए-कमाल गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व को समर्पित एक विशाल नगर कीर्तन का आयोजन किया गया।

यह नगर कीर्तन अरदास के उपरांत पाँच प्यारों की अगुवाई में गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब से आरंभ हुआ और शंकर रोड, राजिंदर नगर, पटेल नगर, मोती नगर, रमेश नगर, कीर्ति नगर, राजा गार्डन, राजौरी गार्डन, सुभाष नगर पैसिफिक मॉल और तिलक नगर से होता हुआ गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा एल-ब्लॉक, आनंद विहार, हरी नगर में संपन्न हुआ।

पाँच प्यारों की अगुवाई में निकले इस नगर कीर्तन में सुंदर पालकी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सुशोभित थे। नगर कीर्तन में गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों के विद्यार्थियों, दल पंथ के विभिन्न प्रतिनिधियों, निहंग सिंह जत्थेबंदियों सहित कीर्तन करने वाले जत्थे व टीमें शामिल थीं।

मार्ग में संगतों के उमड़ते जनसमूह ने नगर कीर्तन का गर्मजोशी और उत्साह के साथ स्वागत किया। जगह-जगह संगतों द्वारा चाय, पकोड़े और खाने-पीने की अन्य वस्तुओं के लंगर लगाए गए थे। देर शाम यह नगर कीर्तन अपने अंतिम चरण में गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा एल-ब्लॉक, आनंद विहार, हरी नगर पहुँचकर संपन्न हुआ।

इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए कमेटी के प्रधान सरदार हरमीत सिंह कालका और जनरल सेक्रेटरी सरदार जगदीप सिंह काहलों ने कहा कि दसवें पातशाह ने 1699 की बैसाखी को खालसा की साजना कर दुनिया को एक मार्शल कौम दी। उन्होंने कहा कि खालसा अकाल पुरुष की फौज है, जो न केवल अपनी कौम के लिए बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए कार्य करती है और गुरु द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए हमेशा सर्वत्र भले की अरदास करती है।

उन्होंने कहा कि खालसा पंथ के सदस्य आज दुनिया के कोने-कोने में मौजूद हैं। सिख कौम के योद्धा न केवल भारतीय सेना में, बल्कि विभिन्न देशों की सेनाओं में भी भर्ती हो रहे हैं। दुनिया में संकट की घड़ी में सिख कौम हमेशा मदद के लिए आगे आती है और लंगर, मेडिकल सेवाओं व अन्य सुविधाओं के माध्यम से लोगों की सेवा करती है।

उन्होंने कहा कि गुरु साहिब का प्रकाश पर्व मनाने का सबसे उत्तम तरीका यह है कि गुरु ग्रंथ साहिब से जुड़कर गुरबाणी का सिमरन करें और अपने गुरु इतिहास से अपनी युवा पीढ़ी और बच्चों को अवगत कराएं।

इस अवसर पर दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी के पदाधिकारी, सदस्य और अन्य प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित थीं।

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