
केल्टन ने कुमोरी टेक्नोलोजीज़ का अधिग्रहण किया, वैश्विक सर्विसनाउ और एआई ऑटोमेशन होगी मजबूत।
नई दिल्ली: केल्टन, एक एआई-संचालित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और टेक्रोलॉजी कंसल्टिंग कंपनी, ने सर्विसनाउ सेवाओं में विशेषज्ञ कुमोरी टेक्नोलॉजीज के अधिग्रहण की घोषणा की। यह अधिग्रहण केल्टन की वैश्विक सर्विसनाउ डिलीवरी क्षमताओं को मजबूती देगा और उद्यमों के लिए एकीकृत व बुद्धिमान ऑटोमेशन इकोसिस्टम विकसित करने के उसके विज़न को गति प्रदान करेगा।
यह अधिग्रहण केल्टन की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी उच्च मांग वाले डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स पर अपनी विशेषज्ञता बड़ा रही है और फॉर्च्यून 500 उद्यमों तथा डिजिटल फर्स्ट व्यवसायों को वैश्विक स्तर पर बेहतर समर्थन प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है।
केल्टन के चेयरमैन, निरंजन चिंतम ने कहा, “हम मात्रा नहीं, मूल्य के खेल में हैं,केल्टन में हम टेक्नोलॉजी, डेटा और एआई को एक साथ जोड़कर अपने क्लाइंट्स के लिए परिणाम-आधारित डिजिटल परिवर्तन करते हैं। सर्विसनाउ इस विज़न का प्रमुख आधार है, जो इंटेलिजेंट ऑटोमेशन और एकीकृत एंटरप्राइज वर्कफ़्लोज़ को सक्षम बनाता है। कुमोरी टेक्नोलॉजीज का अधिग्रहण हमारी सर्विसनाउ क्षमताओं को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाता है और हमें डेटा संचालित, जुड़े हुए संचालन समाधान प्रदान करने में और सक्षम बनाता है। यह कदम हमारे डिजिटल और एआई फोकस को और आगे बढ़ाता है तथा हमारे ग्राहकों के लिए ‘फ़ास्टर टाइम-टू-वैल्यू और निरंतर ऑपरेशनल उत्कृष्टता सुनिश्चित करता है।”
केल्टन के सीईओ करणजीत सिंह ने कहा, “यह अधिग्रहण भविष्य-उन्मुख डिजिटल उद्यमों को विकसित करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है। केल्टन और कुमोरी की संयुक्त विशेषज्ञता उद्यमों को बिखरे हुए टूल्स से हटकर एआई और ऑटोमेशन आधारित एकीकृत डिजिटल आर्किटेक्चर में बदलाव करने में सक्षम बनाएगी। यह साझेदारी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के अगले चरण मजबूती, स्केलेबिलिटी और दीर्घकालिक बिजनेस ग्रोथ पर आधारित मॉडल को आगे बढ़ाएगी।”
कुमोरी टेक्नोलॉजीज के मैनेजिंग डायरेक्टर, चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर और संस्थापक रवि नारंग ने कहा,” सभी उद्यम अलग-थलग आईटी सिस्टम की जगह एकीकृत डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म अपना रहे हैं। केल्टन के साथ जुड़ने से हमें इस मिशन को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने में मदद मिलती है। केल्टन की डिजिटल विशेषज्ञता और हमारी सर्विसनाउ क्षमताओं के संयोजन से हम ग्राहकों को ऑटोमेशन तेज करने, निर्णय निर्धारण में सुधार लाने और दीर्घकालिक मूल्य निर्माण में अधिक सक्षम बन पाएंगे।”
