स्वावलम्बी-2025मेँ दिखा ऊर्जा का युवाओं मेँ संचार, स्टार्टअप एक्सपो समापन।

अमन जीत कौर :-

स्वावलंबी 2025 स्टार्टअप एक्सपो के समापन सत्र ने जगाई नई ऊर्जा

श्यामा प्रसाद मुखर्जी महिला महाविद्यालय (दिल्ली विश्वविद्यालय) में आयोजित दो दिवसीय स्वावलंबी 2025 – स्टार्टअप एक्सपो का समापन सत्र 21 नवंबर 2025 को प्रातः 11:30 बजे कॉलेज प्लाज़ा में संपन्न हुआ।

सत्र की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। इसके बाद नवरंग डांस सोसाइटी द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक—“वोकल फ़ॉर लोकल”, “आत्मनिर्भर भारत” और “नारी शक्ति वंदन”—ने उपस्थित दर्शकों को ऊर्जा, भावना और संदेश से पूर्ण अनुभव दिया।
प्राचार्या प्रो. नीलम गोयल ने अपने स्वागत संबोधन में नवरंग सोसाइटी के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसके संयोजक डॉ. ऋषिराज पाठक और सह-संयोजक डॉ. बिनीत कौर की प्रशंसा की। उन्होंने दो दिवसीय एक्सपो को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए टीम उद्गम और वाणिज्य विभाग को बधाई दी।

डॉ. मनीष कुमार सिंह, संयोजक—उद्गम इनक्यूबेशन सेंटर, ने दो दिवसीय स्टार्टअप एक्सपो की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि कुल 27 छात्र स्टॉल पंजीकृत हुए—जिनमें 21 महाविद्यालय से और 7 अन्य संस्थानों से थे। दूसरे दिन शिक्षा विभाग के 10 स्टॉल भी प्रदर्शनी का हिस्सा बने। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में 19 छात्राओं की टीम ने विभिन्न भूमिकाओं में उल्लेखनीय योगदान दिया।

विशिष्ट अतिथि, सुश्री ध्वनि जैन (सामाजिक उद्यमी एवं कर्मा फाउंडेशन की संयोजक), ने नवोदित महिला उद्यमियों को अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि महाविद्यालय द्वारा उद्गम इनक्यूबेशन सेंटर के माध्यम से किया जा रहा कार्य अत्यंत सराहनीय है।

मुख्य वक्ता, CA अंशुल सिंघल ने सफल स्टार्टअप निर्माण की बहुस्तरीय प्रक्रिया को समझाते हुए शिक्षा, आइडिएशन, प्रशिक्षण, एक्सेलेरेशन, फंडिंग, प्रमोशन और डिस्ट्रीब्यूशन जैसे महत्वपूर्ण घटकों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को स्वदेशी, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन एवं नागरिक कर्तव्य-बोध से जुड़े अवसरों की पहचान करने के लिए प्रेरित किया।

विशिष्ट अतिथि, प्रो. (डॉ.) ए. के. सिंह, संयुक्त डीन (छात्र कल्याण), दिल्ली विश्वविद्यालय, ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवा छात्राओं को पारंपरिक नौकरी-केन्द्रित दृष्टिकोण से आगे बढ़कर उद्यमिता के क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर उद्यमी प्रतिभागियों एवं वॉलंटियर्स को प्रमाणपत्र देकर उनका सम्मान किया गया । कार्यक्रम का समापन डॉ. रश्मि गोयल, शिक्षक प्रभारी—वाणिज्य विभाग, द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। सत्र का संचालन डॉ. रविंदर सिंह ने किया तथा डॉ. अर्पित कंसल, डॉ. सिद्धार्थ चंदेल और डॉ. अभिनंदन पांडेय ने सम्मानित अतिथियों का परिचय कराया।

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