
महंगे बिजली,पानी,टूटी सड़कों से दिल्ली का उद्योग संकट में
नई दिल्ली:राजधानी दिल्ली की औद्योगिक इकाइयों का पलायन तीव्र गति से देखा जा रहा है। इसके पीछे औद्योगिक इकाइयों के प्रति सरकारों की उपेक्षा बड़ा कारण माना जा रहा है। दिल्ली में औद्योगिक इकाइयों पर महंगी बिजली और महंगे पानी की मार पड़ रही है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में टूटी सड़कें एवं सीवरेज भी एक प्रमुख समस्या है।
अपेक्स चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. कपिल चोपड़ा ने कहा कि अन्य राज्यों की तुलना में यहां पर व्यापारियों को भारी बिजली बिल भुगतान करना पड़ता है जबकि पानी के लिए भुगतान एवं अन्य टैक्स दरें भी व्यापारियों को भारी संख्या में चुकानी पड़ रही है।
औद्योगिक इकाइयां कार्यक्षमता बढ़ाने की बजाय सरकारी मशीनरी एवं उनके खजाने को भरने में ही परेशान हैं। दिल्ली में वर्तमान समय में ट्रिपल इंजन की सरकार काम कर रही है, फिर भी औद्योगिक इकाइयों को उपेक्षा का शिकार होना पड़ रहा है।
डॉ. कपिल चोपड़ा ने कहा कि केन्द्र, राज्य एवं निगम की सरकारें व्यापारियों के हितों की बात अपने मंचों से बराबर करती हैं, लेकिन उसका क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश के अन्य राज्यों की तरह दिल्ली की औद्योगिक इकाइयों को भी बिजली, पानी तथा सीवर की सुविधा देनी चाहिए। आज व्यापार में प्रतिस्पर्धा होने के कारण दिल्ली की औद्योगिक इकाइयां बाहर की इंडस्ट्री से मुकाबला तभी कर पाएंगी जब उन्हें भी अन्य राज्यों की तरह बिजली-पानी के लिए सस्ती दरों पर भुगतान करना होगा, अन्यथा यहां का उद्योग इसी प्रकार बाहर स्थापित होने के लिए मजबूर हो जाएगा।
