
कुलवंत कौर रिपोर्ट :-
एनसीसी निदेशालय, दिल्ली द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर KG Marg पर भव्य समारोह का आयोजन।
दिल्ली सरकार ने NCC के विस्तार को स्वीकृति दी, सरकार आधुनिक NCC अकादमी बनाएगी– श्री सूद
NCC कैडेट्स एकता, अनुशासन और सेवा के प्रतीक है– शिक्षा मंत्री।
आज दिल्ली की समस्याओं से दिल्ली को मुक्त कराना ही आप युवाओं का “वंदे मातरम्” है।– श्री सूद
दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने आज एनसीसी निदेशालय, दिल्ली द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर वॉर मेमोरियल के पास, KG Marg पर आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर NCC के अधिकारियों और cadets को संबोधित कर युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया तथा वंदे मातरम् के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर कैडेट्स के साथ अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर कार्यक्रम में NCC के वरिष्ठ अधिकारी तथा कैडेट भी उपस्थित थे।
श्री सूद ने कार्यक्रम स्थल पर NCC द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी में बंदे मातरम गीत के 150 वर्षो की गौरवशाली यात्रा को बहुत अच्छे से दर्शया गया है। प्रदर्शनी में बंकिमचंद्र चटोपाध्यय जी ने कैसे और किन परिस्थितियों में इस ओजस्वी गीत की रचना की और कैसे इस गीत ने गुलाम भारतीयों को आजादी के लिए प्रेरित किया इसको भी बेहतर तरीके से दिखाया गया।
इस अवसर पर श्री सूद ने कहा की मेरे सामने वे युवा हैं…जो भारत की ताकत, भारत का अनुशासन और भारत का भविष्य हैं। जब बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय ने “वंदे मातरम्” लिखा था, तब वह उस भारत को आवाज़ दे रहे थे जो गुलामी की अँधेरी रात छोड़कर नई सुबह की तलाश में था। इस गीत में हिम्मत, क्रांति और एकता की भावना थी।
उन्होंने यह भी कहा की 1905 में जब 40,000 लोग कलकत्ता के टाउन हॉल में वंदे मातरम् का नारा लगा रहे थे तब दुनिया ने पहली बार जाना कि हम भारतीयों का सर इतनी आसानी से झुकने वाला नहीं है। 150 साल बाद आज जब भारत अमृतकाल में है तो वंदे मातरम् सिर्फ़ इतिहास नहीं यह हमारे भविष्य का मंत्र है।
शिक्षा मंत्री ने आगे कहा की प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पिछले महीने ही ‘मन की बात’ में कहा था की Vande Mataram गीत एक ऐसा शब्द जिसमें अनगिनत भावनाएँ और ऊर्जा बसती हैं। यह हमें माँ भारती के आशीर्वाद का एहसास कराता है और हमारे कर्तव्य याद दिलाता है। आज इस मंत्र का अर्थ है की हम भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाएँगे।
उन्होंने यह भी कहा की
दिल्ली सिर्फ़ एक शहर नहीं यह भारत का दिल है। यह वह राजधानी है जहाँ 3 करोड़ से अधिक लोग रहते हैं हर भाषा, हर संस्कृति, हर सपने को साथ लेकर।
लेकिन आज 2025 में दिल्ली कई बड़े legacy issues से जूझ रही है। प्रदूषण की समस्या हमारे सामने खड़ी है। यमुना जी को फिर से निर्मल बनाने की चुनौती है। पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना समय की माँग है। बढ़ता ट्रैफिक दिल्ली की रफ्तार को रोकता है। और जगह-जगह फैला कूड़ा–कचरा हमें हर दिन याद दिलाता है कि बदलाव जरूरी है।
श्री सूद ने आगे कहा की प्रधानमंत्री जी कहते हैं,
“अगर 140 करोड़ भारतीय रोज एक समस्या पर एक कदम बढ़ाएँ, तो देश एक ही दिन में 140 करोड़ कदम आगे बढ़ जाएगा।”
उसी तरह, अगर दिल्ली के 3 करोड़ नागरिक हर दिन एक-एक कदम दिल्ली की समस्याएँ हल करने में लगाएँ, तो दिल्ली रोज़ 3 करोड़ कदम आगे बढ़ेगी। और इन 3 करोड़ कदमों का नेतृत्व कौन करेगा? आप दिल्ली के युवा।
उन्होंने NCC कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा की
आप सिर्फ़ यूनिफॉर्म नहीं पहनते आप एकता, अनुशासन और सेवा को जीते हैं। आप देश की सीमाओं के रक्षक भी हैं और विकसित भारत के निर्माता भी। आपका हर ड्रिल, हर परेड हर सेवा कार्य
यह साबित करता है कि भारत का भविष्य अब सुरक्षित हाथों में है।
श्री सूद ने यह भी बताया की मुझे खुशी है कि दिल्ली सरकार ने एनसीसी के विस्तार को मंज़ूरी दे दी है। हम एक आधुनिक, विस्तृत एनसीसी अकादमी बनाने जा रहे हैं।इसके लिए जमीन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह अकादमी सिर्फ़ एक भवन नहीं होगी यह अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र सेवा की प्रयोगशाला होगी। यह हमारी राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है
कि हम अपने युवाओं को सर्वश्रेष्ठ देना चाहते हैं।
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा की आज वंदे मातरम् का मतलब है की देश की सेवा को अपने स्वार्थ से ऊपर रखना। कठिन परिस्थितियों में भी अनुशासन बनाए रखना। समाज, प्रकृति और देश के लिए काम करना तथा विकसित भारत 2047 का सपना साकार करना। तो आइए हम संकल्प लें कि वंदे मातरम् सिर्फ़ अतीत का गीत न रहे बल्कि भविष्य का मिशन भी बने।
