गुरुद्वारा कमेटी ने षड्यंन्त्र कर पूर्व अध्यक्षओं को बर्खास्त करना संगत का अपमान:सरना।

नयी दिल्ली,:शिरोमणि अकाली दल दिल्ली इकाई के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने 350 वीं सालगिरह की शहीदी नगर कीर्तन में बाधा डालने, तीन पूर्व अध्यक्षों की सदस्यता समाप्त करने, श्री अकाल तख्त साहिब को पीठ दिखाने और समिति प्रबंधन में बढ़ती सरकारी दखलअंदाजी का आरोप लगाते हुए दिल्ली समिति अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका तथा उनके राजनीतिक आकाओं मनजिंदर सिंह सिरसा और प्रवेश वर्मा पर जोरदार हमला बोला है।

शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक समिति द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत को समर्पित आयोजित नगर कीर्तन का उल्लेख करते हुए सरना ने कहा कि कालका टीम ने दिल्ली में इस नगर कीर्तन में अड़चन डालने के लिए शुरू से ही चालें चलनी शुरू कर दी थीं।

सरना ने कहा कि शिरोमणि समिति ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब के लखिशाह वणजारा हॉल में 25 अक्तूबर के गुरमति समागम के लिए दिल्ली समिति प्रबंधकों को 4 सितंबर को ही अवगत करा दिया था और फिर प्रबंधकों के कहने के अनुसार श्रोमणी समिति ने समागम के लिए पत्र भी दिया। पर समिति प्रबंधकों ने 25 अक्तूबर के समागम के लिए पंजाब सरकार को स्थान दे दिया जबकि उन्होंने 17 अक्तूबर के लिए माँगा था। दूसरी ओर श्रोमणी समिति को बहाना यह बताया गया कि 25 अक्तूबर के लिए हॉल पहले ही बुक है। सरना ने यह भी बताया कि ऐसा इतिहास में पहली बार हुआ कि गुरद्वारा रकाबगंज साहिब में 25 अक्तूबर को हुए गुरमति समागम में संगतों की तलाशी लेकर अंदर जाने दिया गया।

सरना ने कहा कि गुरु साहिब की शहादत नगर कीर्तन को नाकाम करने की साजिश के तहत पूरी कालका टीम ने इस नगर कीर्तन में स्टॉल लगाने से दूरी बनाई; इतना ही नहीं बल्कि विभिन्न इलाकों में लोगों को स्टॉल लगाने और नगर कीर्तन में शामिल होने से रोकने के लिए हर हथकंडा अपनाया गया। पर संगतें इनके झांसे या दबाव में नहीं आईं और पूरी दिल्ली की संगतों ने बढ़-चढ़ कर नगर कीर्तन में हाज़िरी भरी।

सरना ने कहा कि जब नगर कीर्तन में बाधा डालने के सभी उपाय विफल नजर आए तो कालका टीम ने नगर कीर्तन के दौरान ही जनरल इज्लास बुलाकर तीन पूर्व अध्यक्षों की सदस्यता समाप्त करने का षड्यंत्र रचा और जब श्री अकाल तख्त साहिब ने इस जनरल इज्लास पर रोक लगाने का आदेश दिया तो कालका टीम ने अपने अहंकार को दबी हुई रखकर सीधे तौर पर श्री अकाल तख्त को भी पीठ दिखाने से शर्म नहीं की। सरना ने कहा कि कालका टीम की यह भी कोशिश थी कि हम नगर कीर्तन छोड़कर जनरल इज्लास में शामिल हों ताकि वे नगर कीर्तन में बाधा डालने के और उपाय कर सकें। पर हमने शहीदी नगर कीर्तन को ही प्राथमिकता दे कर कालका टीम के इरादे नाकाम कर दिए। उन्होंने कहा कि कालका टीम यह भूल गई कि गुरु साहिब को समर्पित सिख किसी सदस्यता के भूखे नहीं होते।

दिल्ली समिति प्रबंधन में बढ़ती सरकारी दखलअंदाजी का ज़िक्र करते हुए सरना ने कहा कि तीन पूर्व अध्यक्षों की सदस्यता समाप्त करने के षड्यंत्र के बाद कालका ने मीडिया के सामने खुद माना कि ऐसे फैसले के लिए उस पर सरकार का काफी दबाव था। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा तथा प्रवेश वर्मा के जरिए दिल्ली समिति प्रबंधन में हर तरह की सरकारी दखलअंदाजी की जा रही है। तीन पूर्व अध्यक्षों की सदस्यता समाप्त करने के फैसले के पीछे एक और बड़ा कारण है — दरअसल निकट भविष्य में गुरद्वारा चुनाव होने वाले हैं और कालका-सिरसा टीम को ऐसा प्रतीत हो चुका है कि अब इनका पूर्ण सफाया कर दिया जाएगा। इसी कारण जहाँ एक ओर गुरद्वारा चुनाव टालने के लिए हर हथकंडा अपनाया जा रहा है, वहीं साथ ही दूसरी ओर हमारी सदस्यता रद्द करवाने का षड्यंत्र रचा गया है।

सरना ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से कालका-सिरसा की ओर से की गई भारी लूट-खसूट ने दिल्ली समिति और गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों को हर तरफ से पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। और अब जब संगतों की ओर से इन बातों का जवाब माँगा जा रहा है तो ये लोग हर हथकंडा अपनाकर संगतों को गुमराह करने की असफल कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जहाँ भी कालका-सिरसा टीम जाती है, वहां संगतों की ओर से इनके खिलाफ तांत्रिक प्रश्न उठाये जाते हैं, पर यह जवाब देने के बजाय संगतों से मुंह मोड़ लेते हैं या फिर अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विरोधियों पर झूठे आरोप लगाना शुरू कर देते हैं। उन्होंने कहा कि संगतें इनसे पूछती हैं कि आपने इतनी अधिक लूट-खसूट करके गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों को 500 करोड़ रुपये का कर्ज़दार क्यों बनाया? इसके अलावा संगतों द्वारा दिल्ली समिति प्रबंधन में भ्रष्टाचार की तस्वीर पेश करने वाली डी-लाइट कंपनी की ऑडिट रिपोर्ट को छिपाने के बारे में प्रश्न पूछे जाने पर कालका-सिरसा टीम मुंह फेर लेती है। जब संगतें यह पूछती हैं कि आपने नियमों का भारी उल्लंघन करके समिति के संस्थानों में अपने सदस्यों के परिवार वालों को नौकरियाँ देकर आम सिख बच्चों का अधिकार क्यों छीना? तो तब भी यह जवाब देने से कतराते हैं।

सरना ने कहा कि कालका-सिरसा टीम को संगतों की नाराज़गी का इतना अधिक डर सता रहा है कि यह गुरद्वारा चुनावों को लंबे समय तक टालने की साजिश रच रहे हैं। सरना ने कहा कि ये अपनी नाकामियों व भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए जितने चाहें हथकंडे अपना लें, पर दिल्ली की संगतें इनके इरादे सफल नहीं होने देंगी।

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