पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविद ने जपा “णमोकार मंत्र”का जाप, महावीर देशना फाउंडेशन द्वारा विडिओ फ़िल्म का अवलोकन।

कुलवंत कौर रिपोर्ट :-

पहली बार वीडियो फिल्म में देश के 14वें राष्ट्रपति कोविंद ने फैमिली के साथ किया “णमोकार मंत्र” का उच्चारण

नई दिल्ली, 27 अक्तूबर — भारतीय धार्मिक-सांस्कृतिक इतिहास में यह एक अद्भुत और ऐतिहासिक क्षण दर्ज हुआ है। पहली बार देश के 14वें राष्ट्रपति माननीय श्री राम नाथ कोविंद ने अपनी पत्नी और बेटी के साथ एक वीडियो फिल्म में “णमोकार मंत्र” का सामूहिक उच्चारण किया।
यह विशेष अवसर भगवान महावीर के 2552वें निर्वाण महोत्सव के पावन उपलक्ष्य में आयोजित “मेरे महावीर 2.0 – मेरा णमोकार” कार्यक्रम के दौरान प्लेनरी हॉल भारत मंडपम, प्रगति मैदान में देखने को मिला।


कार्यक्रम का आयोजन भगवान महावीर देशना फाउंडेशन द्वारा किया गया था। फाउंडेशन के निदेशक सुभाष ओसवाल जैन, अनिल कुमार जैन, राजीव जैन और मनोज कुमार जैन ने बताया कि जब महामहिम कोविंद जी को संस्था द्वारा निर्मित इस वीडियो फिल्म की जानकारी दी गई, तो उन्होंने स्वयं अपनी फैमिली के साथ इसमें सम्मिलित होने की इच्छा प्रकट की।
परिणामस्वरूप, पहली बार किसी वीडियो फिल्म में भारत के राष्ट्रपति और उनका परिवार किसी धार्मिक भजन में एक साथ सम्मिलित हुआ। इस फिल्म का शीर्षक है — “मेरा णमोकार”, जिसमें “णमोकार मंत्र” की ध्वनि, अर्थ और महिमा को एक साथ प्रस्तुत किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान जब यह वीडियो प्रदर्शित हुआ, तो उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया और पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस वीडियो के निर्माण में सीए राजीव जैन की अहम भूमिका रही। उन्होंने बताया कि इस फिल्म के माध्यम से “णमोकार मंत्र” के इतिहास, महत्व और उसकी ऊर्जा को आधुनिक रूप में दुनिया के सामने लाने का प्रयास किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान माननीय श्री राम नाथ कोविंद ने कहा —
“इस वीडियो से साक्षात रूप से जुड़कर जो अनुभव हुआ, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इस मंत्र को गुनगुनाने से हमारे पूरे परिवार में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ।”
वीडियो के लोकार्पण के बाद प्रसिद्ध भजन गायक विक्की डी. पारेख (मुंबई) ने जैन भजनों की सुंदर प्रस्तुति दी, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
समारोह के समापन पर फाउंडेशन के निदेशक मनोज कुमार जैन ने कहा —
“भगवान महावीर के तीन सिद्धांत — अहिंसा, अपरिग्रह और आत्मशुद्धि — जीवन के मूल मंत्र हैं। हमें इनका पालन करते हुए समाज में शांति और सद्भाव फैलाना चाहिए।”
उन्होंने इस आयोजन की सफलता के लिए राजीव जैन (सीए), सुभाष ओसवाल जैन, अनिल कुमार जैन (सीए) प्रदीप जैन, अमीषा जैन,और पूरी टीम को बधाई दी। विशेष रूप से संयोजक सत्यभूषण जैन के योगदान की सराहना की और कहा कि इस कार्यक्रम की सफलता में उनका बड़ा योगदान रहा।

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