
नई दिल्ली (18 सितंबर 2026) पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह कत्ल मामले में दिल्ली की मंडोली जेल में सजायाफ्ता भाई जगतार सिंह हवारा को पंजाब की जेल में स्थानांतरित नहीं करने का मामला तूल पकड़ गया है। वीरवार को सुप्रीम कोर्ट में भाई जगतार सिंह हवारा की जेल स्थानांतरित अर्जी पर सुनवाई के दौरान भारत सरकार के सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भाई जगतार सिंह हवारा को पंजाब की जेल में नहीं भेजने के दिल्ली सरकार के फैसले की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी थी। आज इस मसले पर शिरोमणी अकाली दल के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने दिल्ली सरकार को घेरते हुए मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा का इस्तीफा मांग लिया। पार्टी दफ्तर में मीडिया को संबोधित करते हुए जीके ने दावा किया कि बंदी सिंघों (सियासी सिख कैदीयों) के साथ दिल्ली व केंद्र सरकार अन्यायपूर्ण तरीके से कानूनी सौतेला व्यवहार कर रही है।
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जीके ने कहा कि पहले भाई दविंदर पाल सिंह भुल्लर के रिहाई प्रस्ताव को रेखा गुप्ता सरकार ने नामंजूर किया। जिसे इससे पहले अरविंद केजरीवाल की सरकार चार बार नामंजूर कर चुकी थी। कल एक ओर बंदी सिंघ, भाई बलवंत सिंह राजोआना ने जेल से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चिट्ठी लिखी थी। जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के पास 2012 से लंबित दया याचिका का हवाला देते हुए उस पर कार्रवाई करने या उन्हें फांसी देने की मांग की थी। जीके ने कहा कि एक तरफ भाजपा पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने की सोच रहीं हैं और दूसरी तरफ बंदी सिंहों के साथ कानूनी सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। क्या सिखों के लिए देश में दो कानून हैं?

दिल्ली गुरुद्वारा कमेटी चुनाव के लिए सिख वोटरों को लामबंद करने के लिए राजौरी गार्डन तथा पंजाबी बाग में निरंतर जनसंपर्क कर रहे दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की सिखों को बढ़िया आगवानी करने की सलाह देते हुए जीके ने कहा कि मंत्री साहब को बढ़िया चाय पिलाने के बाद बंदी सिंघों के प्रति सरकारी उपेक्षा के बारे उनसे सवाल जरूर करें। क्योंकि सिरसा सिखों के काम करवाने का वास्ता देकर भाजपा में गए थे। पर अब ना तो दिल्ली कमेटी किसी मसले पर बोल रहीं हैं, ना ही मंत्री साहब को सिख मसले याद है। जीके ने सिरसा को बंदी सिंघों के हक में बोलने या फिर इस्तीफा देने की सलाह दी। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर दिल्ली कमेटी के वृद्ध आश्रम सहित कई जगहों पर कल दीए जलाए जाने को स्मरण करते हुए जीके ने कहा कि प्रधानमंत्री जी सिखों की मांगों को मानकर सिखों को भी दीए जलाने का अवसर दो। इस मौके पर अकाली नेता परमजीत सिंह राणा, डॉ परमिंदर पाल सिंह, सतनाम सिंह, गुनजीत सिंह बख़्शी, महिंदर सिंह, जतिंदर सिंह बॉबी, रविन्द्र सिंह बिट्टू, गुरजीत सिंह तथा बूटा सिंह आदि मौजूद थे।

