टियर-2 और टियर-3 शहर ही रियल एस्टेट की अगली ग्रोथ स्टोरी: गुरुग्राम में डीलक्लेव में मंथन

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गुरुग्राम 10 सितंबर 2026: क्या भारत के छोटे शहर रियल एस्टेट के अगले बड़े बाजार बनने जा रहे हैं? इसी सवाल पर देश के दिग्गज डेवलपर्स और प्रॉपटेक लीडर्स ने गुरुग्राम में मंथन किया। रियल एस्टेट सीआरएम प्लेटफॉर्म लीडरैट द्वारा आयोजित लीडरशिप फोरम ‘डीलक्लेव’ का दूसरा संस्करण ‘द क्वोरम’ गुरुग्राम में संपन्न हुआ। इससे पहले इसका पहला संस्करण बेंगलुरु में हुआ था। इस बार की इनवाइट-ओनली राउंडटेबल में रूफ बिल्डर्स, खुशी हाउसिंग, सुरेंद्र लैंडबेस, एलीट प्रो, रियलिस्टिक रिएल्टर्स समेत 15 प्रमुख डेवलपर्स, ब्रोकर्स, निवेशकों और प्रॉपटेक कंपनियों के प्रमुख शामिल हुए।वन माइक, फाइव राउंडटेबल फॉर्मेट पारंपरिक पैनल चर्चा से अलग इस फोरम को ‘वन माइक, फाइव राउंडटेबल’ फॉर्मेट में रखा गया, जहां हर प्रतिभागी को खुलकर अपनी बात रखने का अवसर मिला। चर्चा के पांच मुख्य विषय रहे – टियर-2/3 में असली मांग कहां है, क्या छोटे शहर एडवांस्ड प्रॉपटेक के लिए तैयार हैं, टियर-1 से बाहर ब्रांडिंग और भरोसा कैसे बनता है, सेल्स और मार्केटिंग में एआई की भूमिका और ग्रोथ की राह में इंफ्रास्ट्रक्चर व फंडिंग जैसी बाधाएं। राउंडटेबल में निष्कर्ष के तौर पर आम राय बनी कि टियर-2 और टियर-3 शहर अब भविष्य नहीं, वर्तमान का अवसर हैं। बढ़ती क्रय शक्ति, बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत स्थानीय मांग ने इन्हें ग्रोथ इंजन बना दिया है।विशेषज्ञों ने माना कि इन बाजारों में गहरे स्थानीय संबंध रखने वाले चैनल पार्टनर्स को बड़ी बढ़त है। हालांकि तेज ग्रोथ के साथ प्रोसेस, लीड मैनेजमेंट और फॉलो-अप की चुनौतियां भी हैं। बिजनेस को स्केल करने के लिए अब प्रोफेशनल सिस्टम, बेहतर सीआरएम और ऑटोमेशन आवश्यक हो गया है। एआई को लीड क्वालिफिकेशन और कस्टमर एंगेजमेंट के लिए गेमचेंजर बताया गया। इस अवसर पर लीडरैट के संस्थापक और सीईओ हिमांशु कुमार बोले- ये भविष्य नहीं, आज की वास्तविकता है। लीडरैट के संस्थापक और सीईओ हिमांशु कुमार ने कहा, टियर-2 और टियर-3 का अवसर भविष्य में होने वाली कहानी नहीं है, यह आज की कहानी है। इंडस्ट्री को इसे अभी परखने की आवश्यकता है। टेबल पर जो मतभेद उभरे हैं, वही वो बहस है जिसे इंडस्ट्री को लगातार करते रहना चाहिए।गौरतलब है कि लीडरैट भारत और यूएई में 1700 से अधिक रियल एस्टेट कंपनियों के साथ काम करता है और वित्त वर्ष 2025-26 में इसके प्लेटफॉर्म से 5 बिलियन डॉलर से अधिक के लेनदेन हुए हैं। कंपनी का अगला डीलक्लेव संस्करण जल्द आयोजित होगा।

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