
‘विघ्नहर्ता से विकासकर्ता’ की थीम पर सजेगा इस 25 वे वर्ष “दिल्ली के महाराजा” का सिल्वर जुबली गणेश महोत्सव, 25 वर्ष की आस्था से 2047 के विकसित भारत का संकल्प की दिखेगी अद्भुत झलकियां
श्री गणेश सेवा मंडल, दिल्ली (रजि) लक्ष्मी नगर द्वारा आयोजित सिल्वर जुबली गणेश महोत्सव पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों के थीम पर पंडाल का भव्य प्रवेश द्वार, एव पंडाल में 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन। गणपति जी के हाथों में मेड इन इंडिया ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइल व सेमीकंडक्टर होंगे प्रमुख आकर्षण
नई दिल्ली,10 सितंबर 2026 : श्री गणेश सेवा मंडल, दिल्ली (रजि.), लक्ष्मी नगर द्वारा आयोजित दिल्ली के सबसे लोकप्रिय एवं प्रसिद्ध गणेश महोत्सव ‘दिल्ली का महाराजा’ के सिल्वर जुबली 25वें गणेश महोत्सव की तैयारियों से रूबरू कराने एवं उत्सव को लेकर मीडिया को जानकारी देने के लिए श्री गणेश सेवा मंडल, दिल्ली (रजि.), लक्ष्मी नगर द्वारा उत्सव स्थल पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया l प्रेस वार्ता को संस्था के संस्थापक अध्यक्ष महेन्द्र लड्डा ने सम्बोधित किया l इस अवसर पर प्रधान आनंद गोयल एवं संस्था के अन्य प्रमुख पदाधिकारी मौजूद थे l 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर इस बार 12 दिवसीय दिल्ली का महाराजा गणेश महोत्सव 14 से 25 सितंबर 2026 तक लक्ष्मी नगर के प्रियदर्शनी विहार स्थित डीडीए मिनी क्रिकेट स्टेडियम, बैंक एनक्लेव, लक्ष्मी नगर में आयोजित किया जा रहा है।

प्रेस वार्ता को सम्बोधित करते हुए श्री गणेश सेवा मंडल, दिल्ली (रजि.) लक्ष्मी नगर के संस्थापक अध्यक्ष महेंद्र लड्डा ने कहा कि इस बार गणेश महोत्सव की थीम “विघ्नहर्ता से विकासकर्ता—25 वर्ष की आस्था, 2047 विकसित आधुनिक भारत का संकल्प” रखी गई है। इसके माध्यम से भारत की आस्था एवं परंपरा, ज्ञान एवं संस्कृति, महिला सशक्तीकरण, युवा शक्ति, अंतरिक्ष एवं रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, विज्ञान एवं तकनीक, डिजिटल इंडिया, पर्यावरण संरक्षण तथा 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को भव्य पंडाल एवं झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।
महेंद्र लड्डा ने बताया कि हमारी संस्था पिछले 25 वर्षों से लक्ष्मी नगर में ‘दिल्ली का महाराजा’ के नाम से गणेश महोत्सव का आयोजन करती आ रही है। यह साल हमारे गणपति बप्पा दिल्ली का महाराजा का 25वाँ गणेश महोत्सव है जिसे हम खास एवं यादगार बनाना चाहते हैं l सिल्वर जुबली वर्ष को विशेष बनाने के लिए इस बार भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत से लेकर आधुनिक एवं आत्मनिर्भर भारत तक की विकास यात्रा को गणेश महोत्सव की थीम से जोड़ा गया है।

उन्होंने बताया कि इस बार ‘विघ्नहर्ता से विकासकर्ता’ की विशेष अवधारणा के तहत दिल्ली का महाराजा गणपति के हाथों में मेड इन इंडिया ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइल एवं सेमीकंडक्टर प्रदर्शित किए जाएंगे। यह प्रस्तुति आध्यात्मिक आस्था के साथ भारत की वैज्ञानिक, तकनीकी एवं रक्षा क्षेत्र में बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक होगी। उत्सव स्थल पर गणपति बप्पा दिल्ली के महाराजा के भव्य मंगल मूर्ति के साथ इस बार मंच पर विठ्ठल भगवान की 6 फीट की मूर्ति, रुक्मिणी माता की 5 फूट की मूर्ति एवं संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम एवं खाटू श्याम जी महाराज की मूर्ति भी खास होगी l
महोत्सव स्थल का पंडाल द्वादश ज्योतिर्लिंगों की भव्य थीम पर तैयार किया गया है जिसके मुख्य द्वार के केंद्र में भगवान केदारनाथ मंदिर तथा उसके दोनों ओर देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों की कलात्मक प्रस्तुति होगी। यह भव्य प्रवेश द्वार श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण होगा।

महेंद्र लड्डा ने बताया कि इस बार दिल्ली का महाराजा के मंगल मूर्ति स्थापना पर भव्य कलश शोभायात्रा ‘अनेकता में एकता’ की थीम पर आधारित होगी। जिसमें इंद्रधनुष के सात रंगों की तरह भारत के विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक विविधता को सात रंग, सात प्रदेश और सात प्रमुख परंपराओं के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। महिला शसक्तीकरण पर केंद्रित इस शोभा यात्रा में 52 महिलाएं हिस्सा लेंगी एवं जिनके माध्यम से 52 आराध्य शक्तिपीठों को को दर्शाया जाएगा l शोभायात्रा में राजस्थान की गंगौर यात्रा, बिहार का छठ पर्व, गुजरात का महा रास—गरबा एवं डांडिया, पंजाब की देशभक्ति प्रस्तुति, दुर्गा पूजा, महाराष्ट्र की वारी परंपरा तथा दक्षिण भारत की रामायण पर आधारित झांकियां शामिल होंगी। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के साथ यह शोभायात्रा भारत की विविधता में एकता का संदेश देगी। महिलाओं की सहभागिता को भी इस बार विशेष महत्व दिया गया है। मुख्य मंच पर महिलाओं द्वारा विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
पंडाल में भारत की ज्ञान परंपरा, स्वतंत्रता संग्राम, अंतरिक्ष एवं रक्षा क्षेत्र की उपलब्धियां, एआई एवं रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, पर्यावरण संरक्षण और 2047 के विकसित भारत की झांकियां श्रद्धालुओं को भारत की यात्रा और भविष्य की कल्पना से रूबरू कराएंगी। महेंद्र लड्डा ने बताया कि 25वें गणेश महोत्सव का शुभारंभ 14 सितंबर को भव्य शोभायात्रा 4 Pm.एवं मंगलमूर्ति की स्थापना 6 pm के साथ होगी। वहीं 25 सितंबर को छप्पन भोग, महाआरती एवं बप्पा के विसर्जन के साथ सिल्वर जुबली गणेश महोत्सव का समापन होगा।
इस बार के गणेश महोत्सव के खास आकर्षण:
‘विघ्नहर्ता से विकासकर्ता’ की विशेष थीम , 25 वर्ष की आस्था से 2047 के विकसित भारत का संकल्प , द्वादश ज्योतिर्लिंगों पर आधारित पंडाल एवं भव्य मुख्य प्रवेश द्वार, उत्सव स्थल के पंडाल के केंद्र में केदारनाथ मंदिर सहित सभी 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रस्तुति, गणपति जी के हाथों में मेड इन इंडिया ड्रोन, ब्रह्मोस मिसाइल एवं सेमीकंडक्टर, ‘अनेकता में एकता’ थीम पर भव्य कलश शोभायात्रा, शोभा यात्रा में 7 रंग, 7 प्रदेश और भारत की 7 प्रमुख सांस्कृतिक परंपराओं की झांकियां, कलश शोभा यात्रा में राजस्थान की गंगौर यात्रा और बिहार का छठ पर्व गुजरात का महा रास, गरबा एवं डांडिया,पंजाब की देशभक्ति आधारित प्रस्तुति,दुर्गा पूजा, महाराष्ट्र की वारी और दक्षिण भारत की रामायण की झांकियां, 52 महिलाओं द्वारा 52 कलश, 52 शक्तिपीठों का प्रतीकात्मक प्रतिनिधित्व, मुख्य मंच पर महिलाओं के विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम, भारत की ज्ञान परंपरा से आधुनिक विज्ञान एवं तकनीक तक की यात्रा, अंतरिक्ष, रक्षा, एआई, रोबोटिक्स एवं सेमीकंडक्टर में भारत की उपलब्धियां, मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत एवं डिजिटल इंडिया की झांकियां, पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत का संदेश, 2047 के विकसित भारत की भव्य भविष्य झांकी एवं 25 वर्षों की यात्रा को समर्पित विशेष Silver Jubilee Installation,प्रति दिन साय 8 बजे महाआरती के बाद सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं भजन संध्या की प्रस्तुति , फ्री हेल्थ चेकअप कैंप, दिव्यागो एव वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपयोगी उपकरणों का निशुल्क वितरण का आयोजन, मैमोग्राफी टेस्ट, रक्त दान शिविर भी पंडाल में होगा । प्रतिदिन दिल्ली के महाराजा का आशीर्वाद एवं महाआरती में हिस्सा लेने के लिए विशिष्ट अतिथियों का आगमन ।

