
नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026: हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में 20 अगस्त 2026 को साइबर अपराध, नशे के दुरुपयोग, नागरिक जिम्मेदारी और सिविल सेवाओं से संबंधित एक विशेष जागरूकता एवं संवाद सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त देवेेश चंद्र श्रीवास्तव ने छात्रों को संबोधित किया और समाज के सामने उभरती चुनौतियों तथा युवाओं की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर दिल्ली पुलिस के कई युवा पुलिस अधिकारी एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और उन्होंने छात्रों के साथ संवाद किया।
विशेष आयुक्त ने हंसराज कॉलेज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वाणिज्य आधारित पाठ्यक्रमों और शिक्षा के क्षेत्र में इस संस्थान का विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि सिविल सेवाएं राष्ट्र की सेवा करने के सर्वोत्तम अवसरों में से एक हैं, लेकिन प्रत्येक पेशे में समाज और देश के लिए योगदान देने की पर्याप्त संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने छात्रों से अपने चुने हुए पेशे में उत्कृष्टता प्राप्त करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि सिविल सेवाओं में विशेषज्ञता और व्यापक दृष्टिकोण, दोनों का समन्वय होता है और यह सेवा प्रतिष्ठा के साथ-साथ समाज एवं राष्ट्र के प्रति बड़ी जिम्मेदारी भी प्रदान करती है। उन्होंने छात्रों को निरंतर पढ़ने, सीखने और विभिन्न विषयों के प्रति जिज्ञासा विकसित करने की सलाह दी।
उन्होंने छात्रों को नैतिक मूल्यों को कभी न छोड़ने की सलाह देते हुए कहा कि लाभ अल्पकालिक हो सकते हैं, लेकिन मूल्य और संस्कार हमेशा बने रहते हैं। उन्होंने छात्रों से अपने संस्थान में मिलने वाले अवसरों का सदुपयोग करने और समाज के प्रति जिम्मेदार भूमिका निभाने का आग्रह किया।
साइबर अपराध से बचाव पर विशेष जोर
साइबर अपराध पर बोलते हुए विशेष आयुक्त ने लालच, अति-आत्मविश्वास, सोशल इंजीनियरिंग और ऑनलाइन दुनिया में पहचान की गुमनामी को साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले प्रमुख हथकंडों में बताया। उन्होंने छात्रों और नागरिकों से अपील की कि वे डिजिटल दुनिया में किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें।

उन्होंने फर्जी APK फाइलों, फिशिंग लिंक, स्क्रीन शेयरिंग, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, लॉटरी फ्रॉड, मैट्रिमोनियल एवं डेटिंग फ्रॉड, टास्क आधारित ठगी, क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े घोटालों और फर्जी निवेश योजनाओं से सावधान रहने की सलाह दी।

उन्होंने नागरिकों से विशेष रूप से आग्रह किया कि:
• OTP, PIN, पासवर्ड अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
• अनजान स्रोतों से प्राप्त APK फाइल डाउनलोड न करें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें।
• किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति न दें।
• ऑनलाइन खरीद-बिक्री के दौरान अनजान व्यक्ति को अग्रिम भुगतान न करें।
• बिजली, पानी अथवा अन्य सरकारी सेवाओं से संबंधित भुगतान के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करें।
• संदिग्ध चैरिटी अपीलों की पहले जांच करें।
• सोशल मीडिया पर अपनी लाइव लोकेशन, यात्रा की योजना और अत्यधिक निजी जानकारी साझा करने से बचें।
• फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और डीपफेक सामग्री के प्रति सतर्क रहें।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक साइबर अपराधियों के लिए विशेष रूप से संवेदनशील लक्ष्य हो सकते हैं और ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि “डिजिटल अरेस्ट” या “ऑनलाइन अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है और ऐसे कॉल करने वालों के दबाव में नहीं आना चाहिए।
उन्होंने साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 और National Cyber Crime Reporting Portal (cybercrime.gov.in) जैसे आधिकारिक माध्यमों का उपयोग करने की सलाह दी।
उन्होंने छात्रों से अपने सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा एवं गोपनीयता सेटिंग्स को मजबूत रखने और इंटरनेट पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सावधानी बरतने का भी आग्रह किया।
नशे के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता का आह्वान
नशे के दुरुपयोग पर बोलते हुए विशेष आयुक्त ने कहा कि नशीले पदार्थ केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुंचाते, बल्कि परिवार, मित्रों और पूरे समाज को प्रभावित करते हैं। उन्होंने छात्रों को पार्टियों और सामाजिक आयोजनों में नशीले पदार्थों के विभिन्न नामों और स्वरूपों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
उन्होंने MDMA और अन्य सिंथेटिक ड्रग्स को गंभीर चुनौती बताते हुए छात्रों से स्वयं तथा अपने मित्रों के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों के सेवन से अल्पकालिक रूप से मूड में बदलाव, समन्वय की कमी और व्यवहार में परिवर्तन हो सकते हैं, जबकि लंबे समय तक सेवन के गंभीर स्वास्थ्य एवं सामाजिक दुष्परिणाम हो सकते हैं।
उन्होंने छात्रों से अपील की कि यदि कोई मित्र नशे की समस्या से जूझ रहा है तो उसे कलंकित करने के बजाय सहायता और परामर्श प्रदान करें। उन्होंने कहा कि नशे के आदी व्यक्ति को सहायता और उपचार की आवश्यकता होती है, जबकि नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने संचार, स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक शौक, पीयर प्रेशर से बचाव और समय पर विशेषज्ञ सहायता को नशे से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताया। उन्होंने शिक्षकों और मित्रों से छात्रों के व्यवहार में होने वाले असामान्य बदलावों पर ध्यान देने और आवश्यकता पड़ने पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सहायता लेने की अपील की।
उन्होंने नशा मुक्त भारत अभियान और MANAS हेल्पलाइन जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए शैक्षणिक संस्थानों से ड्रग-फ्री कैंपस के लिए प्रभावी कदम उठाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध, यातायात नियमों, साइबर अपराध और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के प्रति जागरूकता समाज को अधिक सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने प्रहरी क्लबों को नशा विरोधी जागरूकता का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस नशे के दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए प्रतिबद्ध है और इस दिशा में हंसराज कॉलेज तथा दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर है।
दिल्ली पुलिस को बताया ‘दिल की पुलिस’
कार्यक्रम का स्वागत एवं धन्यवाद करते हुए प्रो. रमा ने दिल्ली पुलिस को “दिल की पुलिस” बताते हुए कहा कि पुलिस नागरिकों और छात्रों के साथ खड़ी रहती है। उन्होंने पुलिसकर्मियों की सेवाओं और बलिदानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि नालंदा और तक्षशिला जैसी ज्ञान परंपराओं की भावना को शिक्षा, मूल्यों और ज्ञान के माध्यम से पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने विशेष आयुक्त से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और प्रश्नोत्तर सत्र में सक्रिय भागीदारी की।
UPSC की तैयारी पर छात्रों को सलाह
UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के संबंध में पूछे गए प्रश्न पर विशेष आयुक्त ने कहा कि परीक्षा की तैयारी के लिए व्यापक और गहन पठन की आदत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभ्यर्थियों को अपनी रुचि के विषयों को चुनने, बदलते रुझानों पर नजर रखने और अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता विकसित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सामान्य अध्ययन (GS) परीक्षा की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में निष्ठा (NISHTA) के अध्यक्ष निकुज प्रधान ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और विशेष आयुक्त, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों, कॉलेज प्रशासन, शिक्षकों एवं छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम ने नैतिक मूल्यों, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्त परिसर, डिजिटल जागरूकता और जिम्मेदार नागरिकता के महत्व को रेखांकित किया तथा युवाओं को समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाने का संदेश दिया।

