
20 अगस्त, 2026: माधवानी-टर्नर ग्रुप की कंपनी, हिंदुस्तान नेशनल ग्लास एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड (HNGIL) ने मंगलवार को कहा कि वह हरियाणा में अपनी बहादुरगढ़ मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का विस्तार करने के लिए ₹280 करोड़ का निवेश करेगी।
इससे अगले 60 से 90 दिनों में प्लांट की प्रोडक्शन क्षमता 300 टन प्रतिदिन से बढ़कर 600 टन प्रतिदिन हो जाएगी। इस निवेश में अगले तीन वर्षों में ₹180 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर और ₹100 करोड़ का ऑपरेटिंग एक्सपेंडिचर शामिल है।
इस विस्तार से बड़ी संख्या में नए रोजगार पैदा होने, उत्तर भारत में HNGIL की मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी मजबूत होने और हरियाणा की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। चेयरमैन श्रई माधवानी के नेतृत्व में HNGIL के एक सीनियर डेलीगेशन ने मंगलवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की और उन्हें राज्य में कंपनी के निवेश और विस्तार योजनाओं के बारे में जानकारी दी। डेलीगेशन में मिहिर माधवानी, डायरेक्टर नितिन गढ़िया और चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर सूरज मेहता शामिल थे। बातचीत में माधवानी-टर्नर ग्रुप की ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी, HNGIL के अधिग्रहण और रिवाइवल, हरियाणा में कामकाज के विस्तार, ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक इन हरियाणा’ पहलों के तहत राज्य सरकार के साथ सहयोग, इंडस्ट्री की जरूरतों और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबार में आसानी) जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
लगभग 50 एकड़ में फैला बहादुरगढ़ प्लांट उत्तर भारत में HNGIL के प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग सेंटर्स में से एक है। इस विस्तार से कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू में प्लांट का योगदान काफी बढ़ने और इसे क्षेत्र में एक प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर स्थापित करने की उम्मीद है। HNGIL के पूरे भारत में सात मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। बहादुरगढ़ के अलावा, कंपनी के प्लांट कोलकाता के पास रिशरा, ऋषिकेश, नीमराना, नायडुपेटा, नासिक और पुडुचेरी में स्थित हैं।
HNGIL के चेयरमैन श्रई माधवानी ने कहा, “हम मुख्यमंत्री के सहयोग और हरियाणा के लिए अपनी योजनाएं साझा करने का मौका देने के लिए उनके आभारी हैं। बहादुरगढ़ में 280 करोड़ रुपये का निवेश करने और 60 से 90 दिनों के भीतर प्लांट की क्षमता को दोगुना करने का हमारा फैसला, मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के तौर पर हरियाणा में हमारे भरोसे और नौकरियां पैदा करने व राज्य की आर्थिक वृद्धि में सहयोग करने के हमारे कमिटमेंट को दिखाता है।” उन्होंने आगे कहा, “माधवानी ग्रुप के पास एक सदी से ज़्यादा का इंडस्ट्रियल अनुभव और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग का नज़रिया है। हम हरियाणा में काफी संभावनाएं देखते हैं और ‘मेक इन इंडिया’ के विज़न के अनुरूप एक आधुनिक, कुशल और ग्लोबल स्तर पर कॉम्पिटिटिव मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म बनाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं।
हमारी बड़ी रणनीति के हिस्से के तौर पर, हम ग्लास वैल्यू चेन से जुड़ी ग्लोबल कंपनियों को भारत में निवेश और मैन्युफैक्चरिंग के लिए आमंत्रित करने के साथ-साथ प्रमुख इंटरनेशनल ग्लास कंपनियों के साथ रणनीतिक साझेदारी बनाने का भी लक्ष्य रखते हैं। हम भारत में एक मज़बूत, ग्लोबल स्तर पर जुड़े ग्लास मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को बनाने का मौका देखते हैं, जिससे देश में निवेश, टेक्नोलॉजी, क्षमताएं और रोज़गार के अवसर आएंगे।”
बहादुरगढ़ में निवेश, HNGIL के रिवाइवल और विस्तार प्रोग्राम का हिस्सा है। यह प्रोग्राम ‘इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड’ प्रोसेस के ज़रिए माधवानी-टर्नर ग्रुप के सपोर्ट वाली ‘इंडिपेंडेंट शुगर कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (INSCO) द्वारा HNGIL के अधिग्रहण के बाद शुरू किया गया है। ग्रुप ने पांच वर्षों में भारत में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें HNGIL उसकी मैन्युफैक्चरिंग रणनीति का मुख्य हिस्सा है। जून 2025 में माधवानी-टर्नर ग्रुप के सीनियर लीडरशिप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बैठक में ग्रुप की भारत से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा हुई थी।
1914 में मुलजीभाई माधवानी द्वारा स्थापित इस ग्रुप का 110 वर्षों से अधिक का इतिहास रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले 2018 में युगांडा की अपनी यात्रा के दौरान माधवानी परिवार के सदस्यों से मुलाकात की थी और ग्रुप को भारत की विकास यात्रा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया था। 1946 में स्थापित HNGIL का 80 वर्षों का इतिहास है और इसने भारत का पहला पूरी तरह से ऑटोमेटेड ग्लास मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू किया था। आज यह देश की प्रमुख कंटेनर ग्लास मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक है, जिसकी पूरे भारत में फैसिलिटीज़ हैं और इंटरनेशनल मार्केट में भी इसकी मौजूदगी बढ़ रही है।

