
नई दिल्ली: इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रोनिक उपकरणों में ग्लोबल लीडर मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक इंडिया ने आज चेन्नई, तमिलनाडु में अपनी नई एयर कंडीशनर एवं कम्प्रेसर मैनुफैक्चरिंग युनिट का उद्घाटन किया। इस युनिट का उद्घाटन तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री थिरू एम.के. स्टालिन ने वर्चुअल रूप से किया। इस अवसर पर जापान के माननीय कौंसल जनरल श्री मुनेओ तकाहाशी भी मौजूद रहे।
चेन्नई की युनिट में तकरीबन रु 2100 करोड़ का निवेश किया गया है, जो देश में इसके मैनुफैक्चरिंग फुटप्रिन्ट को मजबूत बनाने की मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक इंडिया की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह दो सालों के भीतर भारत में कंपनी की दूसरी मैनुफैक्चरिंग युनिट है। इससे पहले 2023 में पुणे में फैक्टरी ऑटोमेशन सिस्टम मैनुफैक्चरिंग प्लांट का उद्घाटन किया गया था, जो भारत में मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक की 15 सालों की यात्रा में उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह युनिट मित्सुबिशी के स्थानीकरण को बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखला को सशक्त बनाने तथा स्थायी एवं आधुनिक निर्माण की भारत की यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
210,000 वर्गमीटर में फैली इस युनिट में सालाना 300,000 इंडोर एवं आउटडोर रूम एयर कंडीशनर और 650,000 कम्प्रेसर युनिट्स बनाने की क्षमता है। यह युनिट क्षेत्र में 2100 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोज़गार के अवसर उत्पन्न करेगी, तथा स्थानीय सोर्सिंग को बढ़ावा देने, पार्टनर्स के बीच तकनीकी क्षमता बढ़ाने तथा मैनुफैक्चरिंग के विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप कौशल विकास को सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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भारत सरकार की मेक इन इंडिया पहल के अनुरूप यह युनिट रूम एयर कंडीशनर एवं कम्प्रेसर्स-कम्पोनेन्ट्स के स्थानीकरण को सशक्त बनाएगी, जो आमतौर पर आयात पर निर्भर रहता है। देश में ही इन प्रोडक्ट्स का निर्माण करके मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक इंडिया आयात पर निर्भरता कम करना चाहती है तथा आत्मनिर्भर एचवीएसी मैनुफैक्चरिंग सिस्टम के विकास में सहयोग प्रदान कर भारत की निर्माण की महत्वाकांक्षाओं में योगदान देना चाहती है।
यह युनिट भारत के पर्यावरणी एवं उर्जा दक्षता उद्देश्यों को समर्थन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यहां भारत मे कूलिंग समाधानों की बढ़ती मांग तथा उर्जा दक्षता मानकों के अनुरूप एयर कंडीशनर और कम्प्रेसर बनाए जाएंगे, जिससे उर्जा की खपत कम करने तथा देश के सस्टेनेबिलिटी एवं जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
उद्घाटन के अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री थिरू एम.के. स्टालिन ने कहा, ‘‘चेन्नई तमिलनाडु के मैनुफैक्चरिंग की रीढ़ के रूप में निरंतर योगदान दे रहा है। इस क्षेत्र में मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक इंडिया की नई एयर कंडीशनर और कम्प्रेसर मैनुफैक्चरिंग युनिट राज्य की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है। साथ ही तमिलनाडु में स्थायी रूप से मैनुफैक्चरिंग एवं संचालन का विस्तार करने की हमारी प्रतिबद्धता की भी पुष्टि करती है।’’
इस अवसर पर श्री आत्सुशी तकासे, मैनेजिंग डायरेक्टर, मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक इंडिया ने कहा, ‘‘भारत उर्जा प्रभावी एवं उच्च गुणवत्ता के एयर-कंडीशनिंग समाधानों के लिए तेज़ी से विकसित हो रहा है। ऐसे में यह युनिट स्थानीय निर्माण के माध्यम से बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगी। साथ ही हमें उपभोक्ताओं की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने, गुणवत्ता नियंत्रण और स्थायी संचालन को भी सुनिश्चित करने में भी योगदान देगी। यह युनिट भारत को मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के ग्लोबल एयर कंडीशनिंग बिज़नेस में कोर हब के रूप में स्थापित करेगी। तमिलनाडु सरकार के प्रगतिशील ओद्यौगिक दृष्टिकोण के अनुसार यह निवेश भारत, तमिलनाडु और देश की महत्वाकांक्षाओं के लिए हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’’
मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक के विश्वस्तरीय मैनुफैक्चरिंग के सिद्धानतों और आधुनिक जापानी तकनीक के संयोजन के साथ इस युनिट में डेटा-उन्मुख एवं डिजिटली इनेबल्ड मैनुफैक्चरिंग प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है, जो गुणवत्ता, सुरक्षा एवं संचालन दक्षता के सर्वोच्च स्तर को सुनिश्चित करते हैं। ये प्रथाएं स्थायी संचालन एवं निरंतर सुधार को बढ़ावा देते हुए रियल-टाईम मॉनिटरिंग, सटीक निर्माण एवं गुणवत्ता नियंत्रण को सुनिश्चित करती हैं।’
इस युनिट का निर्माण ज़िम्मेदाराना मैनुफैक्चरिंग को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जहां संसाधनों के उचित उपयोग, अपशिष्ट को कम करते हुए, तथा काम के सुरक्षित एवं समावेशी माहौल को बनाने के प्रयास किए गए हैं। विश्वस्तरीय सर्वश्रेष्ठ प्रथाओं के साथ चेन्नई की युनिट भारत में स्थायी संचालन एवं दीर्घकालिक मूल्य सृजन के लिए मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
कई दशकों की विशेषज्ञता पर आधारित यह युनिट मित्सुबिशी इलेक्ट्रिक की जापानी तकनीक और मैनुफैक्चरिंग उत्कृष्टता को भारतीय बाज़ार के और करीब ले आई है। यह सशक्त बुनियादी सुविधाओं, नीतिगत ढांचे के साथ टेक्नोलॉजी उन्मुख निर्माण में राज्य की भूमिका को और मजबूत बनाएगी।

