
नई दिल्ली:
बेटर लाइफ हैप्पियर पीपल (BLHP) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने के उद्देश्य से “ट्रस्ट टॉक – कनेक्टिंग डेवलपर्स एंड बायर्स” नामक विशेष उद्योग संवाद का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विधि विशेषज्ञों, डेवलपर्स, तकनीकी पेशेवरों, खरीदार प्रतिनिधियों और संस्थागत हितधारकों ने भाग लिया। चर्चा का केंद्र रियल एस्टेट क्षेत्र में नियामकीय, कानूनी और संरचनात्मक चुनौतियां रहीं।

उत्तराखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति राजेश टंडन ने रेरा (RERA) पर विस्तृत वक्तव्य देते हुए इसके उद्देश्यों, क्रियान्वयन की कमियों और आने वाले समय की संभावित चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए मजबूत अनुपालन व्यवस्था, समयबद्ध विवाद निपटान और सभी पक्षों की जागरूक भागीदारी आवश्यक है।
ईज़ीगव के सह-संस्थापक अमित शुक्ला ने जटिल सरकारी और कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाने में तकनीक की भूमिका पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि डिजिटल समाधान डेवलपर्स और होमबायर्स दोनों के लिए पारदर्शिता और अनुपालन को आसान बना सकते हैं।
दिल्ली बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ अधिवक्ता मुरारी तिवारी ने कानूनी जागरूकता और रचनात्मक संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट टॉक जैसे मंच स्पष्टता और संवाद को बढ़ावा देकर विवादों को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
कार्यक्रम में फेडरल बैंक के श्री सौमिल भी मौजूद रहे। उन्होंने रियल एस्टेट लेनदेन में वित्तीय संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानूनी जांच, नियामकीय अनुपालन और जोखिम प्रबंधन खरीदार संरक्षण और परियोजना जवाबदेही के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) के सदस्य एनपीएस चावला ने मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस, अनुपालन व्यवस्था और संस्थागत ढांचे को रियल एस्टेट क्षेत्र में भरोसा बढ़ाने का आधार बताया।
कार्यक्रम को सरकार की ओर से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। उपभोक्ता मामले मंत्रालय और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने इसमें भाग लिया और BLHP की पहल की सराहना की। अधिकारियों ने इसे उपभोक्ता संरक्षण, पारदर्शिता और जवाबदेही के राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप एक रचनात्मक कदम बताया।
सांसद एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल व्यक्तिगत कारणों से कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। हालांकि उन्होंने आयोजकों को भेजे संदेश में इस पहल को खरीदारों के विश्वास और संस्थागत भरोसे को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम बताया।
BLHP का विजन, संरचना और रोडमैप
BLHP के मुख्य परिचालन अधिकारी अंशुमान सिंह ने संगठन के विजन, उद्देश्यों और दीर्घकालिक रोडमैप पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि BLHP को एक संरचित और संविधान-आधारित राष्ट्रीय खरीदार मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो विश्वास, पारदर्शिता, जवाबदेही और सामूहिक शक्ति पर आधारित होगा।
उन्होंने BLHP के संचालन ढांचे की जानकारी देते हुए बताया कि संविधान समिति का गठन किया गया है, जो गवर्नेंस मानक, नैतिक सहभागिता मॉडल और डेवलपर्स व खरीदारों के बीच संरचित संवाद तंत्र पर कार्य कर रही है। उनका कहना था कि BLHP का उद्देश्य टकराव आधारित व्यवस्था के बजाय संवाद और समाधान आधारित सहयोग को बढ़ावा देना है।
उन्होंने खरीदार जागरूकता कार्यक्रम, नीतिगत सहभागिता, डेवलपर सहयोग और पारदर्शी सहायता तंत्र जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
BLHP की ओर से अंशुमान सिंह ने संविधान समिति के सदस्यों — डॉ. नित्यानंद सिंह, सीए नितिश चुघ, सीएस आदित्य रूंगटा, सीएस कृष्ण कुमार और राहुल झांब — का मार्गदर्शन और योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने BLHP के निदेशक कुमार अनिकेत के नेतृत्व और दूरदर्शिता की भी सराहना की, जिनके सहयोग से संगठन को एक विश्वसनीय और समावेशी राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है।
BLHP ने Staava, Bio Sarthi और Naks Legal का भी कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद दिया।

