
गुप्ता सरकार दलित बस्तियों को सौगात देने की बात तो कर रही है लेकिन दलितों के रोजगार, उनकी अजीविका के साधन बढ़ाने और उनके जीवन में सुधार लाने के लिए कोई योजना नही बनाई है-देवेंद्र यादव ।

नई दिल्ली, 13 फरवरी, 2026 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने जिला कांग्रेस की मासिक बैठकों की कड़ी में आज पटपड़गंज जिला कांग्रेस कमेटी की बैठक को संबोधित करते हुए कहा श्रेखा गुप्ता सरकार दलित बस्तियों को सौगात देने की बात तो कर रही है लेकिन दलितों के रोजगार, उनकी अजीविका के साधन बढ़ाने और उनके जीवन में सुधार लाने के लिए कोई योजना नही बनाई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इन बस्तियों में सुधार के लिए सड़कें, नालियां और सामुदायिक केन्द्र आदि योजनाएं बनाने के लिए फंड जारी करती है लेकिन वास्तविकता में झुग्गी झौपड़ी/जेजे कलस्टर बस्तियों में चैपाले नही है और गलियों और सड़कों का पिछले एक दशक से बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने झुग्गी झौपड़ी बस्तियों को उजाड़ा है उनमें 90 प्रतिशत तक अनुसूचित जाति के लोग शामिल है क्या उनको वैकल्पिक स्थान या कोई अन्य साधन उनके रहने के लिए मुहैया कराया है। कांग्रेस के समय में बने 48 हजार फ्लैट जिनको गरीबों को देना की घोषणा की है, उनको अभी तक दलित गरीब लोगों को क्यों नही अलॉट किया।
पटपड़ ज़िला कांग्रेस की बैठक में श्री देवेन्द्र यादव के अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार, जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार, निगम पार्षद अरीबा खान, पूर्व निगम पार्षद शोयब दानिश, आर्ब्जवर तस्वीर सौलंकी, तरुण त्यागी, कमल अरोड़ा, दीपक भारद्वाज, आर.सी. रहमान, ब्लाक अध्यक्ष, मंडलम अध्यक्ष, सेक्टर इंचार्ज सहित जिला व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी भी शामिल थे।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि रेखा गुप्ता सरकार दलित बस्तियों को सौगात देने की बात तो कर रही है लेकिन दलितों के रोजगार, उनकी अजीविका के साधन बढ़ाने और उनके जीवन में सुधार लाने के लिए कोई योजना नही बनाई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार इन बस्तियों में सुधार के लिए सड़कें, नालियां और सामुदायिक केन्द्र आदि योजनाएं बनाने के लिए फंड जारी करती है लेकिन वास्तविकता में झुग्गी झौपड़ी/जेजे कलस्टर बस्तियों में चैपाले नही है और गलियों और सड़कों का पिछले एक दशक से बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने झुग्गी झौपड़ी बस्तियों को उजाड़ा है उनमें 90 प्रतिशत तक अनुसूचित जाति के लोग शामिल है क्या उनको वैकल्पिक स्थान या कोई अन्य साधन उनके रहने के लिए मुहैया कराया है। कांग्रेस के समय में बने 48 हजार फ्लैट जिनको गरीबों को देना की घोषणा की है, उनको अभी तक दलित गरीब लोगों को क्यों नही अलॉट किया।
श्री देवेंद्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा एससी-एसटी बस्तियों के सुधार योजना में विकास कार्यों के लिए घोषणा और शिलान्यास केवल गरीब दलितों के वोट बटौरने की राजनीति है। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली की अनूसूचित जाति की अधिकतर आबादी दिल्ली की झुग्गी झौपड़ी और पुनर्वास कालोनियों में रहती है, फिर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा इनको नजरअंदाज करके जिन क्षेत्रों में परियोजनाओं का लोकापर्ण किया है वह पहले से अस्तित्व में थी सिर्फ नवीनीकरण के नाम पर रंग रोगन करके दिल्ली के लोगों की आंखों में धूल झौंकने का काम किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली अनुसूचित जनजाति की संख्या का कोई पुख्ता रिकॉर्ड नही है, जबकि 2011 में हुई जनगणना में अनुसूचित जनजाति का प्रतिशत शून्य बताया गया था।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा की राजनीति शुरु से ही दलित विरोधी रही है और इतिहास गवाह है कि केन्द्र और राज्यों में भाजपा जब जब सत्ता में आई, उन्होंने दलितों और आदिवासियों के हितों की रक्षा करने और कल्याण के लिए कोई काम नही किया है। हमेशा उनके अधिकारों को छीनने के कानून पास किए। यहां तक कि केंद्र की भाजपा सरकार संविधान में संशोधन करके दलितों के अधिकारों को संकुचित बनाने तक का काम किया।
श्री देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों को मिलने वाले वजीफा की धनराशि में 95.5 प्रतिशत तक की कमी आई है, जो 2022-23 में 100 करोड़ से घटकर 4.50 करोड़ रह गई है। उन्होंने यह भी चैकाने वाला है कि छात्रवृति के लिए आवेदनों में भी लगभग 71 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि जब आवेदक ही नही होंगे तो फंड कैसे दिया जाएगा। यह सरकार की नीति है कि कम छात्रों तक यह जानकारी/सुविधा दी जाए ताकि छात्रवृति न देनी पड़े। उन्होंने कहा कि 2022-23 में छात्रवृति के लिए आवेदक मात्र 6142 थे जो वर्तमान वर्ष में न के बराबर रह गए है, जबकि 2023-24 में प्री मेट्रिक छात्रवृति के लिए 1568 आवेदनों में से मात्र 79 को ही मंजूरी दी गई। उन्होंने कहा कि कॉलेजो में एससी/एसटी/ओबीसी वर्ग के लिए छात्रवृति की धनराशि को 2 करोड़ से घटाकर 80 लाख कर दिया।

