
इंडस टावर्स की सीएसआर पहलों ने वि TOWERS
के दौरान देश भर में 33.88 मिलियन
लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न किया
New Delhi : आज के दौर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर लाखों लोगों को जोड़ रहा है, इस बीच सही मायनों में
प्रगति तभी हो सकती है जब हम एक समान रूप से क्षमता विकसित करें। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हर व्यक्ति को भारत के विकास की कहानी में योगदान देने के लिए जरूरी अवसर, कौशल और संसाधन मिलें, फिर चाहे वह किसी भी स्थान, लिंग या सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखता हो। इंडस टावर्स लिमिटेड, अपने सीएसआर प्रोग्राम, सक्षम और प्रगति के ज़रिए, इसी दृष्टिकोण में योगदान दे रहा है। वित्तीय वर्ष 26 के दौरान कंपनी ने 33.88 मिलियन लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न किया है और देश भर में कुल 90 मिलियन लोगों तक पहुँच बनाई है।
इंडस टावर्स के समाज प्रभाव दृष्टिकोण की बात करें तो कंपनी डिजिटल कौशल, शिक्षा, स्वास्थय सेवाओं की सुलभता, आजीविका के अवसरों और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के द्वारा समुदायों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी के प्रयास प्रतिभागी भारत के दृष्टिकोण को समर्थन देने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, जहाँ विकास न सिर्फ़ समुदाय के लिए बल्कि समुदाय के साथ होता है। इसका उद्देश्य स्थानीय हितधारकों, सरकारी संस्थानों, साझेदारों और लाभार्थी समूहों के साथ मिलकर काम करना है ताकि ज़रूरतों को पहचान कर ज़रूरी समाधान विकसित किए जा सकें और लंबे समय के लिए सामुदायिक स्वामित्व को सुनिश्चित किया जा सके।
कंपनी के सीएसआर प्रयासों पर बात करते हुए, इंडस टावर्स लिमिटेड के एमडी और सीईओ श्री प्रचुर साह ने कहा, “भारत की विकास यात्रा असल में तभी बदलावकारी हो सकती है जब समावेशी एवं प्रतिभागी विकास को सुनिश्चित किया जाए। इंडस टावर्स में, हमारा मानना है कि स्थायी प्रगति एक समान क्षमता से होती है। इसके लिए यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि हर व्यक्ति को अपनी क्षमता को पहचानने के लिए ज़रूरी अवसर, संसाधन और सहयोग मिले। अपने सीएसआर प्रोग्राम के ज़रिए, हम समुदाय को ज्ञान, कौशल और अवसरों के साथ सशक्त बनाना चाहते हैं। हम उन्हें भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक प्रगति में अर्थपूर्ण योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। समुदाय, इम्प्लीमेंटेशन पार्टनर और सरकारी संस्थानों के साथ मिलकर काम करते हुए हम ऐसा स्थायी प्रभाव उत्पन्न करना चाहते हैं जो प्रत्यास्थता और समावेशन को बढ़ावा दे और राष्ट्र-निर्माण में योगदान दे। आने वाले समय में भी हम अपनी पहुंच बढ़ाने और अधिक समावेशी, सशक्त और भविष्य के लिए तैयार भारत की दिशा में अपने योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
ये राष्ट्रीय विकास की प्राथमिकताओं और सरकार की बड़ी पहलों के साथ जुड़े हैं, जिनमें डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया मिशन, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020, पीएम ई विद्या, और एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट्स प्रोग्राम शामिल हैं। साथ ही ये यूएन के कई सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) में भी योगदान दे रहे हैं। इन प्रयासों के ज़रिए, इंडस टावर्स राष्ट्रीय उम्मीदों को बुनियादी स्तर पर सार्थक नतीजों में बदलने में मदद करता है।
पिछले कुछ सालों में, कंपनी ने देश के पिछड़े इलाकों में विकास की ज़रूरी चुनौतियों को दूर करने के लिए कई तरह प्रयास किए हैं। 2030 तक 150 मिलियन लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने के उद्देश्य से, इंडस टावर्स बड़े पैमाने के प्रभावी हस्तक्षेपों के ज़रिए पिछड़े समुदायों के साथ अपने जुड़ाव को मज़बूत बनाना जारी रखेगी और सस्टेनेबल परिणामों को सुनिश्चित करती रहेगी।
देश भर में अपनी मौजूदगी, टेक्नोलॉजी पर आधारित दृष्टिकोण नज़रिए और स्थानीय वास्तविकताओं की गहरी समझ का लाभउठाते हुए, इंडस टावर्स का उद्देश्य डिजिटल समावेशन, मानव पूंजी के विकास, पर्यावरण स्थायित्व, महिला सशक्तीकरण और एक समान आर्थिक विकास जैसी भारत की प्राथमिकताओं में सार्थक योगदान देना जारी रखना है।

